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मासूम बेटे को मारकर खेत में लटकाया और खुद ट्रेन के आगे कूद गया
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Fri, 30 Oct 2015 12:53 AM IST
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महज बीस मरले जमीन के विवाद से परेशान एक पिता ने अपने मासूम बेटे को मारकर खेत में बने ट्यूबवेल में लटका दिया और खुद रेलगाड़ी के आगे कूदकर जान दे दी।
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दिल को दहला देने वाली यह घटना यहां करीब सात किलोमीटर दूर स्थित जिला बठिंडा के गांव पथराला में घटित हुई। मरने वाले जिला सिरसा के खंड रानियां के गांव दमदमा के रहने वाले थे। पंजाब पुलिस ने आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में मृतक के पांच रिश्तेदारों के खिलाफ मामला दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब पांच बजे गांव दमदमा निवासी ब्रह्मपाल सिंह उर्फ बंटी अपने तीन वर्षीय मासूम बेटे अबरीत को जूस पिलाने तथा उसके बालों की कटिंग कराने की कहकर घर से निकला था। काफी देर तक प्रतीक्षा करने के बाद भी वह घर वापस नहीं आया।
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परिजनों ने कहने पर गांव में मुनादी करवा दी गई कि मानसिक रोगी पिता अपने तीन वर्षीय मासूम बेटे को लेकर गांव में घूम रहा है। ग्रामीणों को नजर रखने के लिए कहा गया। देर रात को मौके पर पहुंचे परिजनों ने दोनों की तलाश आरंभ की। बच्चे का खून से लथपथ शव खेत में बने ट्यूबवेल पर लटकता मिला।
खेत से काफी दूर स्थित रेलवे ट्रैक के बीचों-बीच ब्रह्मपाल का भी शव बरामद हुआ। उधर दूसरी ओर रात करीब आठ बजे संगत थाना पुलिस को गांव पथराला के एक खेत में बने खाल में फंसी नैनो कार मिली। कार से मिले कागजात के आधार पर पुलिस ने परिवार से संपर्क किया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर डबवाली जन सहारा सेवा संस्था की एंबुलेंस के जरिये बठिंडा के सिविल अस्पताल में पहुंचाया।
जमीन के विवाद में हुआ परेशान
दमदमा निवासी हरदेव सिंह ने बताया कि वह संतनगर (जगमलेरा) में निजी तौर पर पशु चिकित्सक के रूप में कार्य करता है। पिछले कुछ समय से उनका 20 मरले जमीन को लेकर बलविंद्र सिंह, कुलविंद्र सिंह, कृपाल सिंह, हीरा सिंह, सुरजीत सिंह आदि से झगड़ा चल रहा है।
उपरोक्त उनके सगे रिश्तेदार हैं। वे उपरोक्त जमीन पर कब्जा जमाए बैठे हैं। वे अपना हक मांग रहे थे, लेकिन आरोपी उन्हें धमकियां दे रहे थे। हरदेव सिंह ने यह भी बताया कि उसने गांव में हाल ही में 21 मरले में बनी कोठी खरीदी है। उसके भाई तथा भतीजे उसमें भी रोड़ा अटकाने लगे।
आधा हिस्सा मांगने लगे। कुछ दिन पूर्व भी आरोपियों ने उसके बेटे का रास्ता रोककर गाली-गलौज किया था। लगातार दबाव बनाने के कारण उसका बेटा मानसिक तौर पर परेशान रहने लगा था। परेशानी में आकर उसने उपरोक्त कदम उठाया। उसके बेटे को आत्महत्या के लिए मजबूर किया गया है।
चार साल पहले आया था इंग्लैंड से
जमीन को लेकर चल रहे विवाद से किनारा करके बंटी वर्क वीजा लेकर वर्ष 2009 में लंदन चला गया। वर्ष 2011-12 में घर लौटा तो उसे फिर से जमीनी विवाद का सामना करना पड़ा।
हरदेव सिंह के अनुसार उसके बेटे का कहना था कि वह अपना हक लेकर छोड़ेगा। लेकिन आरोपी उसे न्याय देने को तैयार नहीं थे। उसके दो बेटे हैं। बंटी बड़ा था। छोटा बेटा है। पूरे परिवार को आरोपियों से जान-माल का खतरा है।
गांव दमदमा वासी हरदेव सिंह ने बयान दिया है कि बलविंद्र सिंह से प्लॉट के विवाद को लेकर उसका बेटा वर्मपाल मानसिक तौर पर परेशान रहने लगा था। इसी परेशानी में आकर उसने कदम उठाया। बयान के आधार पर बलविंद्र सिंह व अन्य के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोप में केस दर्ज करके आगामी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
-संदीप सिंह भाटी, प्रभारी थाना संगत