सिरसा: डेरा सच्चा सौदा में अवैध स्किन बैंक खोलने का मामला, उद्घोषित करार चेयरमैन अभिजीत ने मांगी अग्रिम जमानत
उद्घोषित करार चेयरमैन अभिजीत भगत ने अग्रिम जमानत मांगी है। न्यायालय आज याचिका पर फैसला सुना सकता है। मामले में प्लास्टिक सर्जन. डॉ स्वप्निल गर्ग सहित पांच आरोपी हैं।
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हरियाणा के सिरसा में डेरा सच्चा सौदा में अवैध रूप से स्किन बैंक चलाने के मामले में निचली अदालत द्वारा उद्घोषित करार शाह सतनाम डेवलपमेंट फाउंडेशन के चेयरमैन अभिजीत भगत ने जिला एवं सत्र न्यायालय से अग्रिम जमानत मांगी है। बुधवार को जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा ने याचिका पर सुनवाई की। न्यायालय वीरवार को याचिका पर फैसला सुना सकता है। इस मामले में चार आरोपियों को जमानत मिली हुई है।
नवंबर 2021 में निचली अदालत ने आरोपी चेयरमैन अभिजीत भगत के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर डीएसपी संजय बिश्नोई को निर्देश दिया था कि आरोपी को गिरफ्तार कोर्ट समक्ष पेश किया जाए। इसके बाद अदालत ने आरोपी को उद्घोषित करार दिया था।
इस मामले में चीफ मेडिकल ऑफिसर शाह सतनाम सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ. एमपी सिंह, प्लास्टिक सर्जन डॉ. स्वप्निल गर्ग व टेक्नीशियन स्किन बैंक बलबीर सिंह भी आरोपी हैं। डेरा के स्किन बैंक को सील करने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने कानूनी कार्रवाई करते हुए जनवरी 2018 में कोर्ट में शिकायत फाइल की गई थी।
पूर्व जस्टिस पंवार को हाईकोर्ट ने नियुक्त किया था कोर्ट कमिश्नर
बता दें कि साध्वी दुष्कर्म मामले में डेरा मुखी गुरमीत राम रहीम को सजा सुनाये जाने के बाद हाईकोर्ट ने प्रदेश सरकार को डेरा में सर्च ऑपरेशन चलाने के निर्देश दिए थे। हाईकोर्ट नेे पूर्व न्यायाधीश एकेएस पंवार को कोर्ट कमिश्नर नियुक्त किया था। सर्च ऑपरेशन के दौरान डेरा परिसर में स्किन बैंक अवैध पाया गया। स्वास्थ्य विभाग की जांच के अनुसार डेरे में बाबा गुरमीत राम रहीम ने बगैर किसी रजिस्ट्रेशन या कागजी कार्रवाई के न सिर्फ इस बैंक को शुरू किया बल्कि डॉक्टरों की मदद से लोगों से स्किन दान में लेनी भी शुरू कर दी।
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दिल्ली के डॉक्टर करते थे मदद
सरकारी सूत्र बताते हैं कि शाह सतनाम अस्पताल की जांच से पता चल चुका है कि यहां कई बड़े अवैध काम होते थे। स्किन और बोन बैंक का काम बगैर मंजूरी अवैध तरीके से चल रहा था। यह पूरा प्रोजेक्ट बाबा के सहयोगी आदित्य इंसां की देखरेख में चल रहा था। इसकी मदद दिल्ली के कई बड़े सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों के डॉक्टर कर रहे थे।
एनजीओ से लिया दान
जुलाई 2017 में सिरसा स्थित डेरे में एक बड़ा समारोह रखा गया था, जिसमें राम रहीम ने सार्वजनिक रूप से हड्डियों का बैंक बनाए जाने की घोषणा भी की थी। सूत्रों के मुताबिक इसी दौरान कुछ एनजीओ ने मिलकर बैंक के लिए 25 और 50 लाख रुपये बतौर दान में भी दिए थे। डेरामुखी गुरमीत सिंह ने खुद भी एमएसजी फिल्म से हुई कमाई में से 25 लाख इस बैंक के लिए दान किए थे।
5 साल से लापता है आदित्य इंसां
डेरा हिंसा मामले में मुख्य आरोपी आदित्य इन्सां अभी तक फरार है। हरियाणा पुलिस ने उस पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ है। सिरसा पुलिस ने उसकी तलाश में डेरा मुख्यालय से लेकर उसके सभी ठिकानों पर छापे मारे और परिजनों से पूछताछ की, फिर भी पुलिस के हाथ आदित्य इन्सां का कोई सुराग नहीं लग पाया।