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जेल में कैदियों को यातनाएं: पीड़ित की पत्नी ने न्यायालय में दी शिकायत- बेरहमी से पिटाई कर पांच दिनों तक भूखा रखा

Thu, 07 Jul 2022 01:20 AM IST
भूपेंद्र सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा (हरियाणा) Published by: भूपेंद्र सिंह Updated Thu, 07 Jul 2022 01:20 AM IST
सार

शिकायत पर जेल प्रशासन हरकत में आया है। कैदी बृजलाल को सिविल अस्पताल में दाखिल कराया गया है। शिकायती पत्र में आरोप है कि कैदियों की बेरहमी से पिटाई कर पांच दिनों तक चक्की में भूखा रखा गया।

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Accused of torturing prisoners in district jail of Sirsa in Haryana
प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : amar ujala

विस्तार

हरियाणा की सिरसा जिला जेल में चार कैदियों से पिटाई करने का मामला सामने आया है। इनमें से एक कैदी की पत्नी ने अदालत में शिकायती पत्र देकर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। शिकायती पत्र में आरोप है कि कैदियों की बेरहमी से पिटाई कर पांच दिनों तक चक्की में भूखा रखा गया। शिकायत के बाद जेल प्रशासन हरकत में आ गया और पीड़ित कैदी को अस्पताल में दाखिल कराया। कैदी की एमएलआर भी काट दी गई है और मामले की जांच शुरू हो गई है। दूसरी ओर, जेल प्रशासन ने आरोपों को निराधार करार दिया है।

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जेल अधिकारियों व कर्मचारियों पर आरोप लगाया गया है कि बैरक नंबर 11-ए के चार कैदियों की बेरहमी से पिटाई कर उन्हें चक्कियों में बंद कर दिया गया। आरोप है कि पांच दिनों तक इन कैदियों को भोजन, दूध व पानी तक नहीं दिया गया। कैदी बृजलाल की पत्नी नवजोत कौर ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश वाणी गोपाल शर्मा को न्यायालय में लिखित में शिकायत दी है।
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इसके बाद जेल प्रशासन हरकत में आया और चक्की में कैद करके रखे गए कैदी बृजलाल को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया गया। कैदी बृजलाल को काफी चोटें आई हैं। डॉक्टर ने उसकी एमएलआर काटी है।
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पत्नी का आरोप : डॉक्टर पर छुट्टी देने का दिया जा रहा दबाव
अस्पताल में डॉक्टर ने कैदी बृजलाल से पूछा की ये चोट कैसे लगी। इस पर उसने कहा कि जेल के अधिकारियों और कर्मचारियों ने उसकी व अन्य कैदियों की बेरहमी से पिटाई की है। कैदी विक्रम को भी गत दिवस उपचार के लिए सिविल अस्पताल लाया गया। उसने भी एमएलआर कटवाई है। कैदी बृजलाल की पत्नी नवजोत कौर ने बताया कि जेल प्रशासन डॉक्टर पर बृजलाल को छुट्टी देने का दबाव डाल रहा है, जबकि बृजलाल की हालत अभी भी खराब है। वह पुलिस को अपना बयान दर्ज करवाना चाहता है, लेकिन जेल प्रशासन ऐसा नहीं होने देना चाहता।

ये है मामला
सेशन जज को सौंपी शिकायत में नवजोत कौर ने बताया कि उसका पति बृजलाल, निवासी नुहियांवाली सिरसा जेल में एनडीपीएस एक्ट में 10 साल  की सजा काट रहा है। 26 जून को जेल के बैरक नंबर 11ए के बाथरूम की नाली में मोबाइल व सिम मिला था।

जेल प्रशासन की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया। इस मामले में उसके पति बृजलाल का कोई लेना देना नहीं। फिर भी जेल प्रशासन ने उसके पति बृजलाल सहित पांच कैदियों को बेरहमी से पीटा और दो नंबर चक्की में बंद कर दिया। 

पहली शिकायत पर नहीं हुई सुनवाई
शिकायतकर्ता ने बताया है कि 30 जून को वह जेल में अपने पति से मुलाकात करने गई थी। उस समय बृज लाल को तीन-तीन मुलाजिम पकड़कर लाए थे। शिकायत में ये भी बताया गया है कि जेल के डॉक्टर ने दवा तक नहीं दी। आरोप है कि इस संबंध में 30 जून 2020 को शिकायत दी गई थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। नवजोत कौर ने सेशन जज से गुहार लगाई कि आरोपी डिप्टी मोहन सिंह, दिलबाग सिंह, इंचार्ज लखन, साधु राम, डॉ. विकास व सुरजीत के खिलाफ तुरंत कानूनी कार्रवाई की जाए। 


शिकायत में लगाए गए सारे आरोप झूठे हैं। कैदी बृजलाल 11-ए बैरक का नंबरदार था। बैरक में मोबाइल मिलने के बाद उसे यहां से हटा दिया गया। बृजलाल को न तो चक्की में रखा गया और न ही भूखा। हमने शिकायत पर जवाब भेज दिया है और हर जांच के लिए भी तैयार हैं। अस्पताल में बृजलाल को सोमवार को दाखिल करवाया गया था। डॉक्टर की जांच में उसका बीपी व शुगर सामान्य है। दरअसल, ये कैदी झूठी कहानी बनाकर जेल प्रशासन पर दबाव बनाना चाहते हैं। शिकायत में जो बात कही गई है उसमें जरा सी भी सच्चाई नहीं है। - दीपक शर्मा, कार्यकारी अधीक्षक, जिला जेल, सिरसा।

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