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न्यायिक हिरासत में मौत का मामला :
Updated Mon, 12 Jun 2017 06:52 PM IST
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न्यायिक हिरासत में मौत का मामला :
पीड़ित पक्ष ने बुलाई बैठक, निकाली पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास, कहा न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
-किसान यूनियन ने दिया समर्थन, कहा न्याय नहीं मिला तो बैठेंगे धरने पर
-पीड़ित पक्ष पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने किया है मौलिक अधिकारों का हनन : करनैल सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
ओढां।
ओढां पुलिस द्वारा थाने का घेराव करने के आरोप में दर्ज किए गए मामले में पीड़ित पक्ष के लोगों में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त है। इसी को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से ओढां के गुरुद्वारा में एक बैठक बुलाई गई। मामले की सूचना मिलने के बाद ओढां के अलावा बडागुढ़ा और रोड़ी पुलिस सहित अतिरिक्त पुलिस बल और दंगारोधी वाहन थाने में तैनात रहा। आयोजित की गई इस बैठक में गांव से काफी संख्या में लोग और किसान यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जनता संघर्ष अधिकार समिति के प्रदेशाध्यक्ष करनैल सिंह ओढां ने कहा कि ओढां पुलिस ने ओच्छी मानसिकता का परिचय देते हुए पीड़ित पक्ष के ढाई सौ लोगों पर मामला दर्ज कर संविधान के विरुद्ध कार्य किया है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल जाता और आरोपी पुलिसकर्मियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न करते हुए दबाव बनाने के उद्देश्य से मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन वे न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने दर्ज किया गया मामला कैं सिल नहीं किया तथा मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की तो वे धरना प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
किसान यूनियन ने दिया समर्थन
इस मौके पर किसान यूनियन तालमेल कमेटी के जिलाध्यक्ष परमजीत सिंह माखा और अन्य पदाधिकारियोें ने इस मामले में पीड़ित पक्ष के समर्थन में हुंकार भरी। माखा ने रामनाथ की मौत पर शोक जताते हुए कहा कि पुलिस ने रामनाथ के साथ जो ज्यादती की है वो एक शर्मनाक है जिसकी यूनियन कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा भले ही लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया लेकिन किसी भी व्यक्ति को डरने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में धरना प्रदर्शन करना पड़ा तो यूनियन पीड़ित पक्ष के साथ है और अगर कोई कार्रवाई होती है तो सबसे पहले उन्हीं के खिलाफ होगी। वहीं पूर्व चेयरमैन कुलदीप सिंह गदराना ने भी अपने सम्बोधन में पुलिस प्रशासन को कोसते हुए कहा कि पुलिस एक बिमार आदमी को घर से उठाती है और उसे छोड़ने की एवज में 50 हजार रुपये मांगती है तथा न देने पर उसे टॉर्चर करती है तो इससे बड़ा अन्याय व ज्यादती क्या होगी। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में पीड़ित पक्ष के साथ न्याय मिलने तक खड़े रहेंगे।
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पैनी नजर थी पुलिस की
मृतक का शव थाने में रखकर रोष प्रदर्शन करते वक्त आक्रोशित लोगों का रौद्र रूप देखने के बाद पुलिस इस मामले में कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती थी, जिसके चलते थाना प्रभारी बलवंत जस्सू के अलावा रोड़ी थाना प्रभारी शिव नारायण सिंह, इंस्पेक्टर अजय सिंह, बडागुढ़ा थाना प्रभारी यादविंद्र सिंह सहित अतिरिक्त पुलिस बल और दंगारोधी वाहन मौके पर तैनात रहा तो वहीं खुफिया तंत्र भी लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुआ था। पदाधिकारियों के संबोधन उपरांत तीनों थाना प्रभारी गुरुद्वारा में मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
बंद कमरे में चला बातचीत का दौर
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी लोगों में से कुछ मुख्य लोगों को बंद कमरे में बुलाकर बातचीत का दौर चलाया। जिसके बाद पदाधिकारियों ने लोेगों से कहा कि पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दर्ज किए गए मामले में जांच होने तक किसी भी व्यक्ति को तंग नहीं किया जाएगा तथा मृतक की पत्नी को भी आर्थिक सहायता दिए जाने की सिफारिश की जाएगी। करीब डेढ़ घंटे तक चले दौर उपरांत जब लोग आश्वासन पाकर शांत हुए तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। करनैल सिंह, भोला सिंह, परमजीत माखा और कुलदीप गदराना ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस ने अभी तक आश्वासन ही दिया है। अगर पांच दिन के अंतराल में आश्वासन पूरा होता नहीं दिखा तो वे जीटी रोड पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
बॉक्स :
इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच तो हो ही रही है तथा एएसपी साहब भी जांच कर रहे हैं। जांच के उपरांत जो भी कार्रवाई होगी वे अमल में लाई जाएगी। लोगों को हमने आश्वासन दिया है कि दर्ज किए गए मुकदमें में किसी के साथ कोई ज्यादती नहीं होगी और जब तक जांच नहीं हो जाती तब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
-बलवंत जस्सू, थाना प्रभारी ओढां।
25: सिरसा के गांव ओढा स्थित गुरुद्वारा में आयोजित महापंचायत को संबोधित करते हुए जनता संघर्ष अधिकार समिति के प्रदेशाध्यक्ष करनैल सिंह ओढां।
26: सिरसा के गांव ओढां स्थित गुरुद्वारा में आयोजित महापंचायत को को लेकर गुरुद्वारे के बाहर तैनात पुलिस बल।
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पीड़ित पक्ष ने बुलाई बैठक, निकाली पुलिस के खिलाफ जमकर भड़ास, कहा न्याय मिलने तक जारी रहेगा संघर्ष
-किसान यूनियन ने दिया समर्थन, कहा न्याय नहीं मिला तो बैठेंगे धरने पर
-पीड़ित पक्ष पर मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने किया है मौलिक अधिकारों का हनन : करनैल सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
ओढां।
ओढां पुलिस द्वारा थाने का घेराव करने के आरोप में दर्ज किए गए मामले में पीड़ित पक्ष के लोगों में पुलिस के खिलाफ रोष व्याप्त है। इसी को लेकर पीड़ित पक्ष की ओर से ओढां के गुरुद्वारा में एक बैठक बुलाई गई। मामले की सूचना मिलने के बाद ओढां के अलावा बडागुढ़ा और रोड़ी पुलिस सहित अतिरिक्त पुलिस बल और दंगारोधी वाहन थाने में तैनात रहा। आयोजित की गई इस बैठक में गांव से काफी संख्या में लोग और किसान यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए जनता संघर्ष अधिकार समिति के प्रदेशाध्यक्ष करनैल सिंह ओढां ने कहा कि ओढां पुलिस ने ओच्छी मानसिकता का परिचय देते हुए पीड़ित पक्ष के ढाई सौ लोगों पर मामला दर्ज कर संविधान के विरुद्ध कार्य किया है। उन्होंने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि जब तक पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल जाता और आरोपी पुलिसकर्मियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती तब तक वे अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने दोनों आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई न करते हुए दबाव बनाने के उद्देश्य से मुकदमा दर्ज किया है, लेकिन वे न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि अगर पुलिस ने दर्ज किया गया मामला कैं सिल नहीं किया तथा मामले की निष्पक्ष जांच नहीं की तो वे धरना प्रदर्शन करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
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किसान यूनियन ने दिया समर्थन
इस मौके पर किसान यूनियन तालमेल कमेटी के जिलाध्यक्ष परमजीत सिंह माखा और अन्य पदाधिकारियोें ने इस मामले में पीड़ित पक्ष के समर्थन में हुंकार भरी। माखा ने रामनाथ की मौत पर शोक जताते हुए कहा कि पुलिस ने रामनाथ के साथ जो ज्यादती की है वो एक शर्मनाक है जिसकी यूनियन कड़े शब्दों में निंदा करती है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा भले ही लोगों पर मुकदमा दर्ज कर दिया गया लेकिन किसी भी व्यक्ति को डरने की जरूरत नहीं हैं। उन्होंने कहा कि अगर इस मामले में धरना प्रदर्शन करना पड़ा तो यूनियन पीड़ित पक्ष के साथ है और अगर कोई कार्रवाई होती है तो सबसे पहले उन्हीं के खिलाफ होगी। वहीं पूर्व चेयरमैन कुलदीप सिंह गदराना ने भी अपने सम्बोधन में पुलिस प्रशासन को कोसते हुए कहा कि पुलिस एक बिमार आदमी को घर से उठाती है और उसे छोड़ने की एवज में 50 हजार रुपये मांगती है तथा न देने पर उसे टॉर्चर करती है तो इससे बड़ा अन्याय व ज्यादती क्या होगी। उन्होंने कहा कि वे इस मामले में पीड़ित पक्ष के साथ न्याय मिलने तक खड़े रहेंगे।
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पैनी नजर थी पुलिस की
मृतक का शव थाने में रखकर रोष प्रदर्शन करते वक्त आक्रोशित लोगों का रौद्र रूप देखने के बाद पुलिस इस मामले में कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहती थी, जिसके चलते थाना प्रभारी बलवंत जस्सू के अलावा रोड़ी थाना प्रभारी शिव नारायण सिंह, इंस्पेक्टर अजय सिंह, बडागुढ़ा थाना प्रभारी यादविंद्र सिंह सहित अतिरिक्त पुलिस बल और दंगारोधी वाहन मौके पर तैनात रहा तो वहीं खुफिया तंत्र भी लोगों की गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुआ था। पदाधिकारियों के संबोधन उपरांत तीनों थाना प्रभारी गुरुद्वारा में मौके पर पहुंचे और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
बंद कमरे में चला बातचीत का दौर
पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी लोगों में से कुछ मुख्य लोगों को बंद कमरे में बुलाकर बातचीत का दौर चलाया। जिसके बाद पदाधिकारियों ने लोेगों से कहा कि पुलिस ने आश्वासन दिया है कि दर्ज किए गए मामले में जांच होने तक किसी भी व्यक्ति को तंग नहीं किया जाएगा तथा मृतक की पत्नी को भी आर्थिक सहायता दिए जाने की सिफारिश की जाएगी। करीब डेढ़ घंटे तक चले दौर उपरांत जब लोग आश्वासन पाकर शांत हुए तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली। करनैल सिंह, भोला सिंह, परमजीत माखा और कुलदीप गदराना ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि पुलिस ने अभी तक आश्वासन ही दिया है। अगर पांच दिन के अंतराल में आश्वासन पूरा होता नहीं दिखा तो वे जीटी रोड पर उतरकर धरना प्रदर्शन करेंगे।
बॉक्स :
इस मामले की मजिस्ट्रेट जांच तो हो ही रही है तथा एएसपी साहब भी जांच कर रहे हैं। जांच के उपरांत जो भी कार्रवाई होगी वे अमल में लाई जाएगी। लोगों को हमने आश्वासन दिया है कि दर्ज किए गए मुकदमें में किसी के साथ कोई ज्यादती नहीं होगी और जब तक जांच नहीं हो जाती तब तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
-बलवंत जस्सू, थाना प्रभारी ओढां।
25: सिरसा के गांव ओढा स्थित गुरुद्वारा में आयोजित महापंचायत को संबोधित करते हुए जनता संघर्ष अधिकार समिति के प्रदेशाध्यक्ष करनैल सिंह ओढां।
26: सिरसा के गांव ओढां स्थित गुरुद्वारा में आयोजित महापंचायत को को लेकर गुरुद्वारे के बाहर तैनात पुलिस बल।