{"_id":"5c48ceaabdec22737b7b758c","slug":"61548275370-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के गेट पर की तालाबंदी, दिल्ली पुल के पास डेढ़ घंटा बाधित रहा यातायात, डीएसपी तोमर के समझाने से नहीं बन","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
पहले हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के गेट पर की तालाबंदी, दिल्ली पुल के पास डेढ़ घंटा बाधित रहा यातायात, डीएसपी तोमर के समझाने से नहीं बन
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कनेक्शन नहीं लेने पर हुडा ने बंद कर दी पानी सप्लाई , गुस्साए थेहड़वासियों ने हाईवे पर लगाया जाम
सिरसा। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के फ्लैटों में रह रहे विस्थापित थेहड़वासियों ने बुधवार को पेयजल आपूर्ति और सीवरेज जाम की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने पहले हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मेन गेट पर ताला बंदी कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कोई प्रशासनिक अधिकारी उनके बीच नहीं आया तो गुस्साए लोगों ने दिल्ली पुल के पास नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर वाहनों की कतारें लग गई। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर पुलिस फोर्स के साथ तहसीलदार मोहन लाल व डीएसपी रविंद्र तोमर को मौके पर भेजा। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत किया। हुडा और हाउसिंग बोर्ड द्वारा पानी सप्लाई किए जाने के बाद प्रदर्शनकारी वापस आए।
दिल्ली पुल के पास नेशनल हाईवे पर जाम लगाने वाले प्रदर्शनकारी सुशीला, भारती, विक्की, रवि, राधेश्याम, रिंकू , कमलेश, अमन, सुखविंद्र ने बताया कि थेहड़ खाली कराने के नाम पर उन्हें प्रशासन ने एक साल पहले सेक्टर 19 के पास स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के फ्लैटों में विस्थापित किया था। करीब 787 परिवार हाऊसिंग बोर्ड के फ्लैटों में रहते हैं। यहां पिछले छह दिनों से पेयजल की सप्लाई नहीं आ रही और सीवरेज व्यवस्था भी ठप पड़ी है। इस समस्या से जन स्वास्थ्य विभाग को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मंगलवार को एक अधिकारी उनके पास आया और साफ शब्दों में बोला कि या तो प्रत्येक फ्लैट का दो हजार रुपये मासिक किराया दो या फिर नौ लाख रुपये देकर फ्लैट की रजिस्ट्री करवाओ। ऐसा न करने वालों से फ्लैट खाली करवाया जाएगा। बुधवार सुबह पेयजल सप्लाई नहीं आने के कारण लोग भड़क गए और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मेन गेट पर ताला जड़कर नारेबाजी करने लगे।
डीसी की बैठक में व्यस्त थे तमाम अधिकारी
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सुरक्षा शाखा प्रभारी सत्यवान मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को उनकी बीच बुलाने की मांग करने लगे। प्रदर्शन के दौरान उपायुक्त प्रभजोत सिंह सभी विभागों के अधिकारियों के साथ लघु सचिवालय में बैठक कर रहे थे। इसी कारण कोई प्रशासनिक अधिकारी उनके बीच नहीं आ सका। प्रशासनिक अधिकारी के न आने से प्रदर्शनकारी बिफर पड़े और उन्हें दिल्ली पुल स्थित नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना प्रभारी सुखजीत सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज अनिल सोढ़ी, हुडा चौकी इंचार्ज रण सिंह, शहर थाना प्रभारी जगदीश काजला समेत काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। इसके बाद डीएसपी रविंद्र तोमर दिल्ली पुल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से जाम खोलने का अनुरोध किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी एक न सुनी। नेशनल हाईवे पर जाम लगने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्ते से निकलना शुरू कर दिया। इसके बाद वाहनों को आगे जाने में कोई दिक्कत नहीं आई।
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मौके पर पहुंचे तहसीलदार से प्रदर्शनकारियों ने कहा कि प्रशासन जब थेहड़ खाली करवाया रहा था तब पुरात्तव विभाग के तत्कालीन निदेशक प्रवीण कुमार ने उनसे कई वादे किए थे, लेकिन अब प्रशासन वादों को पूरा करने की बजाए आंख दिखाने लगा है। प्रशासन प्रत्येक थेहड़ वासी को 100-100 गज का प्लाट उपलब्ध करवाने का वादा जल्द पूरा करे। इसके अलावा जब तक थेहड़ वासी हाउसिंग बोर्ड के फ्लैटों में रह रहे हैं उन्हें नियमित रूप से पेयजल सप्लाई दी आए और सीवरेज व्यवस्था ठीक की जाए। तहसीलदार मोहन लाल ने प्रदर्शनकारियों से कहा कि वे उनकी मांग से उच्च अधिकारियों को अवगत करवा देंगे। किसी भी रूप से अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। तहसीलदार के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम खत्म कर दिया
हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट में रहने वाले नहीं अदा कर रहे पानी का बिल
हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट में रहने वाले थेहड़वासी पिछले एक साल से हुडा विभाग को पानी का बिल अदा नहीं कर रहे। कुछ समय पहले हुडा ने इन फ्लैट में पानी का कनेक्शन करवाने के लिए लोगों को कहा था, लेकिन लोगों ने पानी का कनेक्शन लेने से मना कर दिया। हाउसिंग बोर्ड में करीब दस कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का आउटसोर्सिंग के तहत अनुबंध 31 दिसंबर 2018 को खत्म हो गया। अनुबंध रिन्यू न होने पर हाउसिंग बोर्ड ने इन्हें हटा दिया। इसलिए पानी की सप्लाई के लिए मोटर चलाने और वाल्व बंद करने और चलाने वाला स्टॉफ हाउसिंग बोर्ड के पास नहीं है। दूसरा हुडा और हाउसिंग बोर्ड ने लोगों द्वारा पानी के चार्ज न देने पर भी पानी सप्लाई बंद कर दी। बीते दिन तहसील कार्यालय के कर्मचारियों ने सरकार की नई पॉलिसी के तहत इन्हें घर खरीदने का ऑफर किया। जिसके तहत कोई भी थेहडवासी नौ लाख रुपये नकद या फिर 15 से 20 साल तक किश्तों के रुप में पैसा अदा करके इनका मालिक बन सकता है। लेकिन मंगलवार को जब तहसील कार्यालय के कर्मचारी उन्हें सरकार की नई पॉलिसी के तहत आवेदन मांगने आए तो हाउसिंग बोर्ड कालोनी में विस्थापित थेहड़वासियों ने इंकार कर दिया। ऐसे में पानी सप्लाई और फ्लैट से निकाले जाने से नाराज होकर कॉलोनीवासियों ने जाम लगा दिया।
कोट्स
विस्थापित परिवारों को पानी का चार्ज अदा करने पड़ेंगे। कोई भी चीज मुफ्त नहीं दी जा सकती। जो न्यूनतम चार्ज बनते हैं, वो लिए जाएंगे। पानी सप्लाई शुरू करवा दी गई है।
प्रभजोत सिंह, डीसी सिरसा।
फोटो 41 व 42
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सिरसा। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के फ्लैटों में रह रहे विस्थापित थेहड़वासियों ने बुधवार को पेयजल आपूर्ति और सीवरेज जाम की समस्या को लेकर प्रदर्शन किया। गुस्साए लोगों ने पहले हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मेन गेट पर ताला बंदी कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। कोई प्रशासनिक अधिकारी उनके बीच नहीं आया तो गुस्साए लोगों ने दिल्ली पुल के पास नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। इससे सड़क पर वाहनों की कतारें लग गई। इसके बाद प्रशासन ने मौके पर पुलिस फोर्स के साथ तहसीलदार मोहन लाल व डीएसपी रविंद्र तोमर को मौके पर भेजा। करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत किया। हुडा और हाउसिंग बोर्ड द्वारा पानी सप्लाई किए जाने के बाद प्रदर्शनकारी वापस आए।
दिल्ली पुल के पास नेशनल हाईवे पर जाम लगाने वाले प्रदर्शनकारी सुशीला, भारती, विक्की, रवि, राधेश्याम, रिंकू , कमलेश, अमन, सुखविंद्र ने बताया कि थेहड़ खाली कराने के नाम पर उन्हें प्रशासन ने एक साल पहले सेक्टर 19 के पास स्थित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के फ्लैटों में विस्थापित किया था। करीब 787 परिवार हाऊसिंग बोर्ड के फ्लैटों में रहते हैं। यहां पिछले छह दिनों से पेयजल की सप्लाई नहीं आ रही और सीवरेज व्यवस्था भी ठप पड़ी है। इस समस्या से जन स्वास्थ्य विभाग को कई बार अवगत करवाया गया, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मंगलवार को एक अधिकारी उनके पास आया और साफ शब्दों में बोला कि या तो प्रत्येक फ्लैट का दो हजार रुपये मासिक किराया दो या फिर नौ लाख रुपये देकर फ्लैट की रजिस्ट्री करवाओ। ऐसा न करने वालों से फ्लैट खाली करवाया जाएगा। बुधवार सुबह पेयजल सप्लाई नहीं आने के कारण लोग भड़क गए और हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के मेन गेट पर ताला जड़कर नारेबाजी करने लगे।
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डीसी की बैठक में व्यस्त थे तमाम अधिकारी
प्रदर्शन की सूचना मिलने पर सुरक्षा शाखा प्रभारी सत्यवान मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी को उनकी बीच बुलाने की मांग करने लगे। प्रदर्शन के दौरान उपायुक्त प्रभजोत सिंह सभी विभागों के अधिकारियों के साथ लघु सचिवालय में बैठक कर रहे थे। इसी कारण कोई प्रशासनिक अधिकारी उनके बीच नहीं आ सका। प्रशासनिक अधिकारी के न आने से प्रदर्शनकारी बिफर पड़े और उन्हें दिल्ली पुल स्थित नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम की सूचना मिलने पर सिविल लाइन थाना प्रभारी सुखजीत सिंह, ट्रैफिक इंचार्ज अनिल सोढ़ी, हुडा चौकी इंचार्ज रण सिंह, शहर थाना प्रभारी जगदीश काजला समेत काफी संख्या में पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। इसके बाद डीएसपी रविंद्र तोमर दिल्ली पुल पहुंचे और प्रदर्शनकारियों से जाम खोलने का अनुरोध किया, लेकिन प्रदर्शनकारियों ने उनकी एक न सुनी। नेशनल हाईवे पर जाम लगने के कारण ट्रैफिक पुलिस ने वाहनों को दूसरे रास्ते से निकलना शुरू कर दिया। इसके बाद वाहनों को आगे जाने में कोई दिक्कत नहीं आई।
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हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट में रहने वाले नहीं अदा कर रहे पानी का बिल
हाउसिंग बोर्ड के फ्लैट में रहने वाले थेहड़वासी पिछले एक साल से हुडा विभाग को पानी का बिल अदा नहीं कर रहे। कुछ समय पहले हुडा ने इन फ्लैट में पानी का कनेक्शन करवाने के लिए लोगों को कहा था, लेकिन लोगों ने पानी का कनेक्शन लेने से मना कर दिया। हाउसिंग बोर्ड में करीब दस कर्मचारी आउटसोर्सिंग पर काम कर रहे हैं। इन कर्मचारियों का आउटसोर्सिंग के तहत अनुबंध 31 दिसंबर 2018 को खत्म हो गया। अनुबंध रिन्यू न होने पर हाउसिंग बोर्ड ने इन्हें हटा दिया। इसलिए पानी की सप्लाई के लिए मोटर चलाने और वाल्व बंद करने और चलाने वाला स्टॉफ हाउसिंग बोर्ड के पास नहीं है। दूसरा हुडा और हाउसिंग बोर्ड ने लोगों द्वारा पानी के चार्ज न देने पर भी पानी सप्लाई बंद कर दी। बीते दिन तहसील कार्यालय के कर्मचारियों ने सरकार की नई पॉलिसी के तहत इन्हें घर खरीदने का ऑफर किया। जिसके तहत कोई भी थेहडवासी नौ लाख रुपये नकद या फिर 15 से 20 साल तक किश्तों के रुप में पैसा अदा करके इनका मालिक बन सकता है। लेकिन मंगलवार को जब तहसील कार्यालय के कर्मचारी उन्हें सरकार की नई पॉलिसी के तहत आवेदन मांगने आए तो हाउसिंग बोर्ड कालोनी में विस्थापित थेहड़वासियों ने इंकार कर दिया। ऐसे में पानी सप्लाई और फ्लैट से निकाले जाने से नाराज होकर कॉलोनीवासियों ने जाम लगा दिया।
कोट्स
विस्थापित परिवारों को पानी का चार्ज अदा करने पड़ेंगे। कोई भी चीज मुफ्त नहीं दी जा सकती। जो न्यूनतम चार्ज बनते हैं, वो लिए जाएंगे। पानी सप्लाई शुरू करवा दी गई है।
प्रभजोत सिंह, डीसी सिरसा।
फोटो 41 व 42