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गर्भ में बच्चे की मौत, परिजनों ने लगाए आरोप
Updated Fri, 06 Jul 2018 12:28 AM IST
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गर्भ में बच्चे की मौत, परिजनों ने लगाए आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। नागरिक अस्पताल में डिलिवरी करवाने आई एक महिला के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत को लेकर परिजनों ने स्टाफ सदस्यों पर उपचार न करने के आरोप लगाए। परिजन मामले की शिकायत लेकर पहले सीएमओ के पास गए। सीएमओ के मीटिंग में होने के कारण डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश के पास गए। डॉ. वीरेश ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रामफल को मौके पर भेजा। डॉ. रामफल ने महिला के परिजनों के सामने ही स्टाफ सदस्यों को बेहतर उपचार करने के आदेश दिए। मामले के अनुसार मीरपुर कॉलोनी निवासी महिला शहीदा प्रवीण को उसका पति सुनील कुमार दो दिन पूर्व डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल में लेकर आया। आरोप है कि दो दिन तक स्टाफ सदस्यों ने उसकी पत्नी की कोई देखभाल नहीं की। वीरवार को डॉक्टरों ने उसकी पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया। जिसकी रिपोर्ट में बच्चा मृत था। जब परिजनों को बच्चे के मृत होने की बात पता चली तो उन्होंने स्टाफ सदस्यों पर उपचार न करने के आरोप लगाए। काफी देर तक परिजनों ने स्टाफ सदस्यों से बहसबाजी की। डॉ. रामफल ने स्टाफ सदस्यों को महिला का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि अगर स्टाफ सदस्यों ने उपचार में लापरवाही की है तो उसकी जांच करवाई जाएगी।
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। नागरिक अस्पताल में डिलिवरी करवाने आई एक महिला के गर्भ में ही बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत को लेकर परिजनों ने स्टाफ सदस्यों पर उपचार न करने के आरोप लगाए। परिजन मामले की शिकायत लेकर पहले सीएमओ के पास गए। सीएमओ के मीटिंग में होने के कारण डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. वीरेश के पास गए। डॉ. वीरेश ने डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. रामफल को मौके पर भेजा। डॉ. रामफल ने महिला के परिजनों के सामने ही स्टाफ सदस्यों को बेहतर उपचार करने के आदेश दिए। मामले के अनुसार मीरपुर कॉलोनी निवासी महिला शहीदा प्रवीण को उसका पति सुनील कुमार दो दिन पूर्व डिलीवरी के लिए नागरिक अस्पताल में लेकर आया। आरोप है कि दो दिन तक स्टाफ सदस्यों ने उसकी पत्नी की कोई देखभाल नहीं की। वीरवार को डॉक्टरों ने उसकी पत्नी का अल्ट्रासाउंड करवाया। जिसकी रिपोर्ट में बच्चा मृत था। जब परिजनों को बच्चे के मृत होने की बात पता चली तो उन्होंने स्टाफ सदस्यों पर उपचार न करने के आरोप लगाए। काफी देर तक परिजनों ने स्टाफ सदस्यों से बहसबाजी की। डॉ. रामफल ने स्टाफ सदस्यों को महिला का बेहतर उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने परिजनों को आश्वस्त किया कि अगर स्टाफ सदस्यों ने उपचार में लापरवाही की है तो उसकी जांच करवाई जाएगी।