{"_id":"5a09ec044f1c1bc1678bb4bd","slug":"151510599684-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"चार लुटेरों को सात-सात साल कैद","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
चार लुटेरों को सात-सात साल कैद
Updated Tue, 14 Nov 2017 12:31 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
चार लुटेरों को सात-सात साल कैद
टैक्स चालक से लूटी थी गाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
गाड़ी लूटकर ले जाने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने चार लुटेरों को सात-सात साल कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर एक-एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा।
मामले के अनुसार गांव पन्नीवाला मोटा निवासी शमशेर सिंह टैक्स चालक है। 13 सितंबर 2012 को वह सिरसा टैक्सी स्टेंड पर बैठा था। चार युवक उसके पास आए और राजस्थान जाने के लिए टैक्सी किराए पर करके ले गए। रास्ते में उक्त चारों युवकों ने उससे गाड़ी छीन ली और फरार हो गए। शमशेर सिंह ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शमशेर सिंह का बयान दर्ज करके चार अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी। गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने राजस्थान के नवा गांव निवासी इंसाफ अली, महेंद्र, आकाश और वीरू को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। पांच साल बाद इस मामले का निपटारा करते हुए एडीजे मनीष कुमार ने लूटपाट के चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात कैद की सजा सुना दी।
विज्ञापन
टैक्स चालक से लूटी थी गाड़ी
अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
गाड़ी लूटकर ले जाने के मामले में अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने चार लुटेरों को सात-सात साल कैद और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर एक-एक साल अतिरिक्त कारावास भुगतना पडे़गा।
मामले के अनुसार गांव पन्नीवाला मोटा निवासी शमशेर सिंह टैक्स चालक है। 13 सितंबर 2012 को वह सिरसा टैक्सी स्टेंड पर बैठा था। चार युवक उसके पास आए और राजस्थान जाने के लिए टैक्सी किराए पर करके ले गए। रास्ते में उक्त चारों युवकों ने उससे गाड़ी छीन ली और फरार हो गए। शमशेर सिंह ने घटना की सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने शमशेर सिंह का बयान दर्ज करके चार अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज करके मामले की जांच शुरू कर दी। गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने राजस्थान के नवा गांव निवासी इंसाफ अली, महेंद्र, आकाश और वीरू को गिरफ्तार करके अदालत में पेश किया। पांच साल बाद इस मामले का निपटारा करते हुए एडीजे मनीष कुमार ने लूटपाट के चारों आरोपियों को दोषी करार देते हुए सात-सात कैद की सजा सुना दी।
विज्ञापन