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लुटेरों के हमले में घायल व्यापारी सुरेंद्र कुमार की ईलाज के दौरान मौत
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:22 AM IST
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कालांवाली।
स्थानीय रेलवे स्टेशन के निकट गत 28 नवंबर की शाम सैर पर निकले दंपति की लुटेरों के साथ हुई झड़प में घायल व्यक्ति की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक सुरेंद्र कुमार शहर के प्रमुख व्यापारी थे। उनका इलाज गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
सुरेंद्र कुमार की मौत की सूचना मिलते ही शहरवासियों मेें शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों ने रोष स्वरूप दुकानें दिनभर बंद कर स्थानीय रेलवे स्टेशन स्थित पुलिस चौकी के समक्ष धरना दिया। हलोपा नेता निर्मल सिंह मलड़ी ने धरने पर पहुंचकर धरने का समर्थन करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया।
धरने पर बैठे हलोपा नेता निर्मल सिंह मलड़ी व व्यापारियों और शहरवासियों ने बताया कि शहर में पुलिस से ज्यादा खौफ अपराधियों का है। अपराधियों में पुलिस का बिल्कुल डर नहीं है। अपराधी बेखौफ होकर शहर में चोरी, लूटपाट आदि आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस आपराधिक घटनाओं कोे सुलझाने में नाकाम साबित हो रही है, जिससे शहरवासियों में भय का माहौल है। आमजन अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वे अब घरों से बाहर निकलते में भी डरने लगे हैं। व्यापारी भय के साय में व्यापार करने को मजबूर हो रहे हैं। शहरवासियों का मानना है कि यदि पुलिस गत में हुई आपराधिक घटनाओं से सबक लेती तो सुरेंद्र कुमार की हत्या नहीं होती। वहीं, धरने पर जीआरपी थाना प्रभारी हरपाल सिंह व सिटी थाना प्रभारी संदीप कुमार और भाजपा नेता मौके पर पहुंचे।
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इस दौरान शहरवासियों ने सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि शहरवासियों की सुरक्षा के लिए पुलिस स्टेशन में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए, पुरानी मंडी में पुलिस चौकी खोली जाए, शहर के चारों तरफ कर्मचारी तैनात कर नाके लगाए जाए, शहर के मुख्य बाजारों में सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएं, पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, पुरानी वारदातों को जल्द सुलझाकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, रेलवे स्टेशन पर स्थाई जीआरपी चौकी खोली जाए, ताकि आमजन अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें। जिस पर जीआरपी थाना प्रभारी हरपाल सिंह व सिटी थाना प्रभारी संदीप कुमार ने शहरवासियों को दो दिन में सुरेंद्र कुमार के आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और अन्य मांगों को लेकर उच्चाधिकारियों से मिलने की बात कहीं। जिसके बाद शहरवासियों ने धरना समाप्त कर दिया।
क्या थी वारदात
पुरानी मंडी निवासी सुरेंद्र कुमार अपनी पत्नी सुनीता के साथ 28 नवंबर की रात्रि को रेलवे स्टेशन पर सैर के लिए गए थे। जिस दौरान दो नाकाबपोश लुटेरों ने उनकी पत्नी के गले से सोने की चेन छीनने का प्रयास किया। तब सुरेंद्र कुमार की ओर से विरोध करने पर लुटेरों ने सुरेंद्र कुमार पर चाकू से हमला कर दिया। जिसके चलते सुरेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें स्टेशन पर घूम रहे लोगों ने घायल को अस्पताल में पहुंचाया, जहां से उन्हें सिरसा रेफर कर दिया गया है। सिरसा के निजी अस्पताल में उनका दो दिन तक इलाज चला, जिसके बाद हालत गंभीर होने पर उन्हे गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां करीब पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सुरेंद्र कुमार ने मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया।
शोक व्यक्त करने गए व्यापारी की हृदय घात से मौत
सुरेंद्र कुमार की मौत के बाद अपनी दुकान बंद कर शहरवासियों के साथ उनके घर शोक व्यक्त करने गए सतीश कुमार की हृदय घात के कारण मौत हो गई।
ये हुए शामिल बंद में
शहर की न्यू आढ़ती एसोसिएशन, आढ़ती एसोसिएशन, किरयाना एसोसिएशने, कपड़ा एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन., हलवाई एसोसिएशन, लैब एसोसिएशन, पैलेस एसोसिएशन, आरएमपी एसोसिएशन, हेल्पिंग हैंड ट्रस्ट, मानवता ट्रस्ट, भारत विकास परिषद्, एसएस. जैन सभा, श्री खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट, अग्रवाल समाज, गो रक्षा दल, तेरापंथ जैन सभा, नंद बाबा गो सेवा संस्थान, सहारा वेलफेयर क्लब, श्री सालासर पैदल यात्री संघ सहित समस्त व्यापारी, सामाजिक व धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं के लोगों ने अपनी दुकानें दिनभर बंद रखकर शोक व्यक्त किया और धरना लगाकर रोष व्यक्त किया।
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स्थानीय रेलवे स्टेशन के निकट गत 28 नवंबर की शाम सैर पर निकले दंपति की लुटेरों के साथ हुई झड़प में घायल व्यक्ति की मंगलवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक सुरेंद्र कुमार शहर के प्रमुख व्यापारी थे। उनका इलाज गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में चल रहा था।
सुरेंद्र कुमार की मौत की सूचना मिलते ही शहरवासियों मेें शोक की लहर दौड़ गई। व्यापारियों ने रोष स्वरूप दुकानें दिनभर बंद कर स्थानीय रेलवे स्टेशन स्थित पुलिस चौकी के समक्ष धरना दिया। हलोपा नेता निर्मल सिंह मलड़ी ने धरने पर पहुंचकर धरने का समर्थन करते हुए सरकार और पुलिस प्रशासन के प्रति नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया।
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धरने पर बैठे हलोपा नेता निर्मल सिंह मलड़ी व व्यापारियों और शहरवासियों ने बताया कि शहर में पुलिस से ज्यादा खौफ अपराधियों का है। अपराधियों में पुलिस का बिल्कुल डर नहीं है। अपराधी बेखौफ होकर शहर में चोरी, लूटपाट आदि आपराधिक घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस आपराधिक घटनाओं कोे सुलझाने में नाकाम साबित हो रही है, जिससे शहरवासियों में भय का माहौल है। आमजन अपने आपको असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। वे अब घरों से बाहर निकलते में भी डरने लगे हैं। व्यापारी भय के साय में व्यापार करने को मजबूर हो रहे हैं। शहरवासियों का मानना है कि यदि पुलिस गत में हुई आपराधिक घटनाओं से सबक लेती तो सुरेंद्र कुमार की हत्या नहीं होती। वहीं, धरने पर जीआरपी थाना प्रभारी हरपाल सिंह व सिटी थाना प्रभारी संदीप कुमार और भाजपा नेता मौके पर पहुंचे।
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इस दौरान शहरवासियों ने सरकार और प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की है कि शहरवासियों की सुरक्षा के लिए पुलिस स्टेशन में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई जाए, पुरानी मंडी में पुलिस चौकी खोली जाए, शहर के चारों तरफ कर्मचारी तैनात कर नाके लगाए जाए, शहर के मुख्य बाजारों में सीसी टीवी कैमरे लगाए जाएं, पुलिस गश्त बढ़ाई जाए, पुरानी वारदातों को जल्द सुलझाकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, रेलवे स्टेशन पर स्थाई जीआरपी चौकी खोली जाए, ताकि आमजन अपने आप को सुरक्षित महसूस कर सकें। जिस पर जीआरपी थाना प्रभारी हरपाल सिंह व सिटी थाना प्रभारी संदीप कुमार ने शहरवासियों को दो दिन में सुरेंद्र कुमार के आरोपियों को गिरफ्तार कर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया और अन्य मांगों को लेकर उच्चाधिकारियों से मिलने की बात कहीं। जिसके बाद शहरवासियों ने धरना समाप्त कर दिया।
क्या थी वारदात
पुरानी मंडी निवासी सुरेंद्र कुमार अपनी पत्नी सुनीता के साथ 28 नवंबर की रात्रि को रेलवे स्टेशन पर सैर के लिए गए थे। जिस दौरान दो नाकाबपोश लुटेरों ने उनकी पत्नी के गले से सोने की चेन छीनने का प्रयास किया। तब सुरेंद्र कुमार की ओर से विरोध करने पर लुटेरों ने सुरेंद्र कुमार पर चाकू से हमला कर दिया। जिसके चलते सुरेंद्र कुमार गंभीर रूप से घायल हो गए। जिन्हें स्टेशन पर घूम रहे लोगों ने घायल को अस्पताल में पहुंचाया, जहां से उन्हें सिरसा रेफर कर दिया गया है। सिरसा के निजी अस्पताल में उनका दो दिन तक इलाज चला, जिसके बाद हालत गंभीर होने पर उन्हे गुरुग्राम के एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जहां करीब पांच दिन तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद सुरेंद्र कुमार ने मंगलवार सुबह दम तोड़ दिया।
शोक व्यक्त करने गए व्यापारी की हृदय घात से मौत
सुरेंद्र कुमार की मौत के बाद अपनी दुकान बंद कर शहरवासियों के साथ उनके घर शोक व्यक्त करने गए सतीश कुमार की हृदय घात के कारण मौत हो गई।
ये हुए शामिल बंद में
शहर की न्यू आढ़ती एसोसिएशन, आढ़ती एसोसिएशन, किरयाना एसोसिएशने, कपड़ा एसोसिएशन, मेडिकल एसोसिएशन., हलवाई एसोसिएशन, लैब एसोसिएशन, पैलेस एसोसिएशन, आरएमपी एसोसिएशन, हेल्पिंग हैंड ट्रस्ट, मानवता ट्रस्ट, भारत विकास परिषद्, एसएस. जैन सभा, श्री खाटू श्याम मंदिर ट्रस्ट, अग्रवाल समाज, गो रक्षा दल, तेरापंथ जैन सभा, नंद बाबा गो सेवा संस्थान, सहारा वेलफेयर क्लब, श्री सालासर पैदल यात्री संघ सहित समस्त व्यापारी, सामाजिक व धार्मिक और राजनीतिक संस्थाओं के लोगों ने अपनी दुकानें दिनभर बंद रखकर शोक व्यक्त किया और धरना लगाकर रोष व्यक्त किया।