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पोते की चाहत में मासूम पोती को गर्म चिमटे से दागने वाली दादी को दस साल कैद
Updated Sun, 22 Apr 2018 01:52 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
पोते की चाहत पूरी न होने पर चार वर्षीय पोती को अमानवीय यातनाएं देने वाली दादी सजा के डर से शनिवार दोपहर न्यायाधीश समक्ष गिड़गिड़ाते हुए रहम की भीख मांगने लगी। दोषी महिला ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार की अदालत से कहा कि उसने कुछ नहीं किया है, यह सुनकर न्यायाधीश को गुस्सा आ गया। अदालत ने उसे डांटते हुए कहा कि तुमने सारी मानवता को ताक पर रखकर जो अपराध किया है वो किसी भी सूरत में रहम के योग्य नहीं है। इसके बाद अदालत ने सजा का फैसला सुनाते हुए दोषी दादी कमला देवी दस साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कमला देवी को बच्ची को जान से मारने की कोशिश व जेजे एक्ट के तहत 19 अप्रैल को दोषी करार दिया था। जेजे एक्ट में अदालत ने उसे तीन साल कैद दी है। दोनों सजा साथ-साथ चलेगी।
गौरतलब है कि 17 जुलाई 2017 को जिला बाल कल्याण समिति को गुप्त सूचना मिली गांव मौजूखेड़ा में एक चार वर्षीय बच्ची को उसके परिजनों ने अमानवीय यातनाएं दी हैं और बच्ची को चारपाई से बांधकर रखा हुआ है। सूचना मिलने के बाद बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता कथूरिया और अंजना डूडी बच्ची के घर पहुंची तो घर में रस्सी से बंधी बच्ची मिली, लेकिन परिजन लापता मिले। बच्ची के पूरे शरीर को गर्म चिमटे से दागा हुआ था। मासूम बच्ची की हालत देखकर बाल कल्याण समिति की सदस्यों से लेकर सारे गांव के ग्रामीण सहम गए। तुरंत प्रभाव से बच्ची को उपचार के लिए बाल कल्याण समिति ने सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया और घटना की जानकारी प्रशासन व डिंग थाना पुलिस को दी। दो दिन बाद बच्ची को होश आया तो बाल कल्याण समिति और डिंग थाना पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। बच्ची ने अपने बयानों में बताया कि उसकी दादी कमला देवी ने उसे ये यातनाएं दी है। डिंग थाना पुलिस ने बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता कथूरिया की शिकायत पर आरोपी महिला कमला देवी के खिलाफ जान से मारने की कोशिश व जेजे एक्ट के तहत अभियोग दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया। कमला देवी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके पुत्र मांगेराम को लगातार तीन बेटियां हुईं। पोता न पैदा होने के कारण गुस्से में उसने चार वर्षीय पोती गर्म चिमटे से दागा।
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सिरसा।
पोते की चाहत पूरी न होने पर चार वर्षीय पोती को अमानवीय यातनाएं देने वाली दादी सजा के डर से शनिवार दोपहर न्यायाधीश समक्ष गिड़गिड़ाते हुए रहम की भीख मांगने लगी। दोषी महिला ने अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रवीण कुमार की अदालत से कहा कि उसने कुछ नहीं किया है, यह सुनकर न्यायाधीश को गुस्सा आ गया। अदालत ने उसे डांटते हुए कहा कि तुमने सारी मानवता को ताक पर रखकर जो अपराध किया है वो किसी भी सूरत में रहम के योग्य नहीं है। इसके बाद अदालत ने सजा का फैसला सुनाते हुए दोषी दादी कमला देवी दस साल कैद और दस हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने कमला देवी को बच्ची को जान से मारने की कोशिश व जेजे एक्ट के तहत 19 अप्रैल को दोषी करार दिया था। जेजे एक्ट में अदालत ने उसे तीन साल कैद दी है। दोनों सजा साथ-साथ चलेगी।
गौरतलब है कि 17 जुलाई 2017 को जिला बाल कल्याण समिति को गुप्त सूचना मिली गांव मौजूखेड़ा में एक चार वर्षीय बच्ची को उसके परिजनों ने अमानवीय यातनाएं दी हैं और बच्ची को चारपाई से बांधकर रखा हुआ है। सूचना मिलने के बाद बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता कथूरिया और अंजना डूडी बच्ची के घर पहुंची तो घर में रस्सी से बंधी बच्ची मिली, लेकिन परिजन लापता मिले। बच्ची के पूरे शरीर को गर्म चिमटे से दागा हुआ था। मासूम बच्ची की हालत देखकर बाल कल्याण समिति की सदस्यों से लेकर सारे गांव के ग्रामीण सहम गए। तुरंत प्रभाव से बच्ची को उपचार के लिए बाल कल्याण समिति ने सिविल अस्पताल में दाखिल करवाया और घटना की जानकारी प्रशासन व डिंग थाना पुलिस को दी। दो दिन बाद बच्ची को होश आया तो बाल कल्याण समिति और डिंग थाना पुलिस ने उसके बयान दर्ज किए। बच्ची ने अपने बयानों में बताया कि उसकी दादी कमला देवी ने उसे ये यातनाएं दी है। डिंग थाना पुलिस ने बाल कल्याण समिति की सदस्य गीता कथूरिया की शिकायत पर आरोपी महिला कमला देवी के खिलाफ जान से मारने की कोशिश व जेजे एक्ट के तहत अभियोग दर्ज उसे गिरफ्तार कर लिया। कमला देवी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि उसके पुत्र मांगेराम को लगातार तीन बेटियां हुईं। पोता न पैदा होने के कारण गुस्से में उसने चार वर्षीय पोती गर्म चिमटे से दागा।
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