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किसान से रिश्वत लेने वाले लिपिक को चार साल कैद
Updated Wed, 24 Oct 2018 01:44 AM IST
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किसान से रिश्वत लेने के दोषी लिपिक को चार साल कैद
सिरसा। सत्र न्यायालय ने किसान से रिश्वत लेने के दोषी कालांवाली तहसील कार्यालय के लिपिक सोहन लाल को चार साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने अप्रैल 2017 को उसे रंगे हाथों पकड़ा था।
पुलिस के अनुसार गांव देसूखुर्द निवासी किसान बंता सिंह ने अपनी जमीन रिकार्ड में फक (लोन भरने के बाद रिपोर्ट) करवानी थी। इस काम के बदले लिपिक सोहन लाल उससे 12 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। सौदा सात हजार रुपये में तय हो गया। 31 मार्च को बंता सिंह ने 1000 रुपये रिश्वत के तौर पर लिपिक को दिए और छह हजार रुपये और 11 अप्रैल को देने का वादा किया। बंता सिंह ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को इस संबंध में अपनी शिकायत दी। विजिलेंस इंस्पेक्टर जगजीत गोदारा ने अपनी टीम तैयार करके प्रशासन को मामले के संबंध में जानकारी दी। प्रशासन ने डीडीपीओ अनुभव मेहता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। विजिलेंस टीन ने किसान को रुपये देकर लिपिक सोहन लाल के पास भेजा। लिपिक ने जैसे ही बंसा सिंह से रुपये लिए विजिलेंस ने छापा मारकर उसे दबोच लिया।
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सिरसा। सत्र न्यायालय ने किसान से रिश्वत लेने के दोषी कालांवाली तहसील कार्यालय के लिपिक सोहन लाल को चार साल कैद व 30 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना नहीं भरने पर छह माह अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा। स्टेट विजिलेंस ब्यूरो ने अप्रैल 2017 को उसे रंगे हाथों पकड़ा था।
पुलिस के अनुसार गांव देसूखुर्द निवासी किसान बंता सिंह ने अपनी जमीन रिकार्ड में फक (लोन भरने के बाद रिपोर्ट) करवानी थी। इस काम के बदले लिपिक सोहन लाल उससे 12 हजार रुपये रिश्वत मांग रहा था। सौदा सात हजार रुपये में तय हो गया। 31 मार्च को बंता सिंह ने 1000 रुपये रिश्वत के तौर पर लिपिक को दिए और छह हजार रुपये और 11 अप्रैल को देने का वादा किया। बंता सिंह ने स्टेट विजिलेंस ब्यूरो को इस संबंध में अपनी शिकायत दी। विजिलेंस इंस्पेक्टर जगजीत गोदारा ने अपनी टीम तैयार करके प्रशासन को मामले के संबंध में जानकारी दी। प्रशासन ने डीडीपीओ अनुभव मेहता को ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया। विजिलेंस टीन ने किसान को रुपये देकर लिपिक सोहन लाल के पास भेजा। लिपिक ने जैसे ही बंसा सिंह से रुपये लिए विजिलेंस ने छापा मारकर उसे दबोच लिया।
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