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कालूआना के पूर्व सरपंच की उपचार के दौरान मौत
Updated Sun, 15 Oct 2017 11:47 PM IST
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डबवाली।
विकास कार्यों में गबन और ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड को जलाने के आरोपों से घिरे गांव कालूआना के पूर्व सरपंच जगदेव सहारण की रविवार सुबह दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई। वे बीते शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में जिप्सी से कूदने में घायल हुआ था। उसकी मौत के बाद गाव में तनाव फैल गया, जिसे देखते हुए उनके गांव के साथ डबवाली और गोरीवाला पुलिस चौकी में सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा को लेकर उनके शव का पोस्टमार्टम दिल्ली में ही किया जा रहा है। वहीं, एसडीएम सिरसा को इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इसके साथ नायब तहसीलदार महिंद्र सिंह के साथ एसएचओ ऐलनाबाद सुभाष बिश्नोई, रानियां तथा चौटाला से काफी संख्या में पुलिसकर्मी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। एसएचओ डबवाली और बडागुढ़ा पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए दिल्ली गए हैं।
पूर्व सरपंच की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया है। उधर, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सुरक्षा के लिहाज से खासकर गोरीवाला चौकी में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, वहीं गांव कालूआना में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
यह है मामला
सिरसा के उपायुक्त रहे युद्धवीर सिंह ख्यालिया के समय में जगदेव सहारण गांव कालूआना के सरपंच चुने गए थे। लगातार दो प्लान तक वे गांव के मुखिया रहे। गांव के ही कुछ लोगों ने सरपंच के खिलाफ विकास कार्यों के लिए आई ग्रांट में गबन के आरोप लगाए। कई शिकायतें सीएम तक भी पहुंची, लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसके बाद बीजेपी सरकार सत्ता में आई। बीजेपी के सत्ता में आने के बाद विरोधी पक्ष ने फिर मामले को उठाया और सीएम विंडो पर शिकायत डाली। इस पर सरकार ने प्रशासन को पूर्व सरपंच के कार्यकाल के समय का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इसके बाद जब पूर्व सरपंच जगदेव सहारण रिकॉर्ड एक गाड़ी में लेकर फोटोस्टेट करवाने जा रहा था तो अचानक गाड़ी में आग लगने पर पूरा रिकॉर्ड जल गया। विरोधी पक्ष के लोगों ने पूर्व सरपंच पर रिकॉर्ड को जानबूझकर आग लगाकर नष्ट करने के आरोप में कोर्ट में शिकायत दी। इसके बाद मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए।
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इसके बाद ऐलनाबाद एसडीएम ने मामले की जांच में पूर्व सरपंच को दोषी पाया, जिसके बाद जनवरी 2017 में पूर्व सरपंच के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस की ओर से केस दर्ज किया गया। तभी से पूर्व सरपंच फरार था। बीते शुक्रवार को किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचित किया था कि पूर्व सरपंच जगदेव सहारण शहर थाने के पास घूम रहा है, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया। इसके बाद पुलिस उसे लेकर डबवाली जा रही थी, लेकिन बडागुढ़ा क्षेत्र में ही पूर्व सरपंच ने चलती जिप्सी से छलांग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका पहले सिरसा के दो निजी अस्पतालों में उपचार चला। यहां से हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया, जहां रविवार को उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं पूर्व सरपंच जगदेव सहारण गांव में विकास कार्यों और स्वच्छता के मामले में राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित अन्य अधिकारियों से सम्मानित हो चुका है। उधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम दिल्ली में हो रहा है। परिजन जो भी बयान देंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
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विकास कार्यों में गबन और ग्राम पंचायत के रिकॉर्ड को जलाने के आरोपों से घिरे गांव कालूआना के पूर्व सरपंच जगदेव सहारण की रविवार सुबह दिल्ली के एक अस्पताल में मौत हो गई। वे बीते शुक्रवार को गिरफ्तारी के बाद पुलिस हिरासत में जिप्सी से कूदने में घायल हुआ था। उसकी मौत के बाद गाव में तनाव फैल गया, जिसे देखते हुए उनके गांव के साथ डबवाली और गोरीवाला पुलिस चौकी में सुरक्षा को लेकर पुलिस बल तैनात किया गया। सुरक्षा को लेकर उनके शव का पोस्टमार्टम दिल्ली में ही किया जा रहा है। वहीं, एसडीएम सिरसा को इस मामले में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। इसके साथ नायब तहसीलदार महिंद्र सिंह के साथ एसएचओ ऐलनाबाद सुभाष बिश्नोई, रानियां तथा चौटाला से काफी संख्या में पुलिसकर्मी स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। एसएचओ डबवाली और बडागुढ़ा पोस्टमार्टम कार्रवाई के लिए दिल्ली गए हैं।
पूर्व सरपंच की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया है। उधर, परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों के बाद सुरक्षा के लिहाज से खासकर गोरीवाला चौकी में अतिरिक्त पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है, वहीं गांव कालूआना में भी पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
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यह है मामला
सिरसा के उपायुक्त रहे युद्धवीर सिंह ख्यालिया के समय में जगदेव सहारण गांव कालूआना के सरपंच चुने गए थे। लगातार दो प्लान तक वे गांव के मुखिया रहे। गांव के ही कुछ लोगों ने सरपंच के खिलाफ विकास कार्यों के लिए आई ग्रांट में गबन के आरोप लगाए। कई शिकायतें सीएम तक भी पहुंची, लेकिन कांग्रेस सरकार के दौरान कोई एक्शन नहीं लिया गया। इसके बाद बीजेपी सरकार सत्ता में आई। बीजेपी के सत्ता में आने के बाद विरोधी पक्ष ने फिर मामले को उठाया और सीएम विंडो पर शिकायत डाली। इस पर सरकार ने प्रशासन को पूर्व सरपंच के कार्यकाल के समय का रिकॉर्ड उपलब्ध करवाने के आदेश दिए। इसके बाद जब पूर्व सरपंच जगदेव सहारण रिकॉर्ड एक गाड़ी में लेकर फोटोस्टेट करवाने जा रहा था तो अचानक गाड़ी में आग लगने पर पूरा रिकॉर्ड जल गया। विरोधी पक्ष के लोगों ने पूर्व सरपंच पर रिकॉर्ड को जानबूझकर आग लगाकर नष्ट करने के आरोप में कोर्ट में शिकायत दी। इसके बाद मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए गए।
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इसके बाद ऐलनाबाद एसडीएम ने मामले की जांच में पूर्व सरपंच को दोषी पाया, जिसके बाद जनवरी 2017 में पूर्व सरपंच के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश दिए। पुलिस की ओर से केस दर्ज किया गया। तभी से पूर्व सरपंच फरार था। बीते शुक्रवार को किसी व्यक्ति ने पुलिस को सूचित किया था कि पूर्व सरपंच जगदेव सहारण शहर थाने के पास घूम रहा है, जिसके बाद पुलिस ने उसे काबू कर लिया। इसके बाद पुलिस उसे लेकर डबवाली जा रही थी, लेकिन बडागुढ़ा क्षेत्र में ही पूर्व सरपंच ने चलती जिप्सी से छलांग लगा दी। इससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसका पहले सिरसा के दो निजी अस्पतालों में उपचार चला। यहां से हालत गंभीर होने पर उसे दिल्ली रेफर कर दिया गया, जहां रविवार को उसने उपचार के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं पूर्व सरपंच जगदेव सहारण गांव में विकास कार्यों और स्वच्छता के मामले में राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी सहित अन्य अधिकारियों से सम्मानित हो चुका है। उधर, पुलिस प्रशासन का कहना है कि शव का पोस्टमार्टम दिल्ली में हो रहा है। परिजन जो भी बयान देंगे, उसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।