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Sirsa News: उपवास प्रदर्शन से कांग्रेस नेताओं ओर विधायकों ने बनाई दूरी
Mon, 12 Jan 2026 01:12 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 12 Jan 2026 01:12 AM IST
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सिरसा। कांग्रेस भवन में उपवास पर बैठी जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल व अन्य कार्यकर्ता। संवाद
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सिरसा। कांग्रेस का मनरेगा बचाओ अभियान गुटबाजी की भेंट चढ़ गया। सांसद कुमारी सैलजा ने शनिवार को कांग्रेस भवन में पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को अभियान की जानकारी देकर रविवार को एक दिन के उपवास के माध्यम से इसका समर्थन करने का आह्वान किया था। इसके बावजूद जिलाध्यक्ष संतोष बैनीवाल और महिला मोर्चा की कृष्णा फौगाट को छोड़कर अन्य विधायक और बड़े नेता कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। 10 से 15 कार्यकर्ताओं ने उपवास में भाग लिया और पार्टी के आदेशों का पालन किया।
यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के प्रदर्शनों में असहमति दिखाई दी हो। इससे पहले, सांसद सैलजा के नेतृत्व में लघुसचिवालय में हुए प्रदर्शन में सभी विधायक एकजुट थे, लेकिन जिला स्तर के कार्यक्रमों में कई नेता दूरी बनाए हुए रहते हैं।
जिलाध्यक्ष संतोष बैनीवाल ने कहा कि सांसद सैलजा ने सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से बैठक कर पार्टी के उपवास अभियान के उद्देश्य समझाए थे। उन्होंने बताया कि उपवास का आयोजन सरकार के विरोध और मनरेगा में मजदूरों के हित के लिए किया गया। बैनीवाल ने कहा कि वे स्वयं जिलाध्यक्ष के साथ सरपंच भी हैं। भाजपा सरकार मनरेगा के नाम पर 125 दिन का रोजगार देने का दावा करती है, जबकि वास्तविकता में मजदूरों को 100 दिन का काम भी पूरा नहीं मिलता।
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जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 56 इंच की छाती की तुलना गरीबों के दुखों से करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों का निवाला छीनने का काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक मनरेगा और गरीबों के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी।
पार्टी के आदेशों की की जा रही पालना : जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष संतोष बैनीवाल ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के अनुपस्थित रहने पर कहा कि जो लोग उपवास में शामिल हुए, वे केवल पार्टी आदेशों का पालन कर रहे हैं। उनका उद्देश्य व्यक्तिगत प्रतिष्ठा नहीं बल्कि पार्टी के लिए काम करना है। कार्यकर्ता और नेता अपने व्यस्तता के कारण उपस्थित नहीं हो पाए।
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यह पहली बार नहीं है जब कांग्रेस के प्रदर्शनों में असहमति दिखाई दी हो। इससे पहले, सांसद सैलजा के नेतृत्व में लघुसचिवालय में हुए प्रदर्शन में सभी विधायक एकजुट थे, लेकिन जिला स्तर के कार्यक्रमों में कई नेता दूरी बनाए हुए रहते हैं।
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जिलाध्यक्ष संतोष बैनीवाल ने कहा कि सांसद सैलजा ने सभी कार्यकर्ताओं और नेताओं से बैठक कर पार्टी के उपवास अभियान के उद्देश्य समझाए थे। उन्होंने बताया कि उपवास का आयोजन सरकार के विरोध और मनरेगा में मजदूरों के हित के लिए किया गया। बैनीवाल ने कहा कि वे स्वयं जिलाध्यक्ष के साथ सरपंच भी हैं। भाजपा सरकार मनरेगा के नाम पर 125 दिन का रोजगार देने का दावा करती है, जबकि वास्तविकता में मजदूरों को 100 दिन का काम भी पूरा नहीं मिलता।
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जिलाध्यक्ष ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 56 इंच की छाती की तुलना गरीबों के दुखों से करते हुए कहा कि सरकार ने गरीबों का निवाला छीनने का काम किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर संसद तक मनरेगा और गरीबों के मुद्दों पर आवाज उठाती रहेगी।
पार्टी के आदेशों की की जा रही पालना : जिलाध्यक्ष
जिलाध्यक्ष संतोष बैनीवाल ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के अनुपस्थित रहने पर कहा कि जो लोग उपवास में शामिल हुए, वे केवल पार्टी आदेशों का पालन कर रहे हैं। उनका उद्देश्य व्यक्तिगत प्रतिष्ठा नहीं बल्कि पार्टी के लिए काम करना है। कार्यकर्ता और नेता अपने व्यस्तता के कारण उपस्थित नहीं हो पाए।