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आढ़तियों और मजदूरों की हड़ताल खत्म
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अर्द्धनग्न होकर धरने पर बैठे किसान नेता और किसान।
- फोटो : Sirsa
सिरसा अनाज मंडी में आढ़तियों और मजदूरों की सोमवार को हड़ताल के कारण किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हड़ताल की सूचना न होने के कारण धान उत्पादक किसान प्राइवेट में अपनी फसल बेचने मंडी में आ गए। अधिकतर किसान तो वापस चले गए, लेकिन कुछ किसानों ने धान मंडी में ही डाल दिया। वहीं मूंग की फसल लेकर आए किसान की खरीद न होने के कारण उसने अर्धनग्न होकर प्रदर्शन किया। किसान संगठन के प्रधान मौके पर पहुंचे और कुछ देर के हंगामे के बाद किसान अपनी फसल लेकर लौट गया। वहीं शाम को उपायुक्त के आश्वासन के बाद आढ़तियों और मजदूरों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी।
बता दें कि कालांवाली अनाज मंडी में आढ़तियों के खिलाफ मार्केट कमेटी सचिव द्वारा पुलिस में दी गई शिकायत के विरोध में जिले की अनाज मंडियां बंद रहीं। सिरसा अनाज मंडी में किसान अपनी धान लेकर सुबह ही पहुंच गए। जब किसान मंडी में पहुंचे तो पता लगा कि आज आढ़तियों की हड़ताल है। इस पर किसान अपनी फसल लेकर लौट गए, लेकिन दोपहर में हांडीखेड़ा से आए किसान जोगिंद्र सिंह और जसपाल अपनी फसल की बोली लगने का इंतजार करते रहे। जब कोई व्यापारी बोली लगाने नहीं आया तो किसान ने आढ़ती से फोन कर पूछा। आढ़ती ने बताया कि आज उनकी हड़ताल है, फसल नहीं खरीदी जाएगी। किसान जसपाल ने आढ़ती को बताया कि वह अपनी फसल लेकर यहां पर बैठा है, जब वे आ जाएंगे तो खरीद कर लेंगे। किसान ने कहा कि वह अपनी फसल वापस लेकर जाएंगे और फिर लेकर आएंगे। उनका दो बार फसल लेकर आने पर ज्यादा खर्च होगा। इससे अच्छा है कि वह अगले दिन तक इसकी खरीद कर लें। वहीं भंभूर से आए किसान ओमप्रकाश ने बताया कि उसका नंबर आया था, जिस पर वह सुबह अपनी फसल लेकर आया, लेकिन दोपहर तक कोई भी खरीद एजेंसी उसके पास नहीं आई है।
मूंग की फसल न खरीदने को लेकर किसान ने उतारे कपड़े
खाईशेरगढ़ के रहने वाले किसान अभिमन्यु के पास मैसेज आया कि वह अपनी मूंग लेकर मंडी में आ जाएं। जब अभिमन्यु अपनी फसल लेकर मंडी में 13 नंबर सरकारी दुकान पर पहुंचा तो वहां पर मौजूद मैनेजर राजेंद्र ने मूंग में से कुछ सैंपल सीडब्लयूसी में जांच के लिए भेज दिए। जब सैंपल की रिपोर्ट आई तो दो और किसानों की मूंग की ढेरी पास हो गई, जबकि किसान अभिमन्यु की रद्द कर दी गई। दुकान में मौजूद मैनेजर ने किसान को कहा कि वह अपनी फसल लेकर वापस चले जाएं। इस पर उसके गांव से आए कुछ अन्य किसान भी आक्रोशित हो गए। किसान अभिमन्यु ने कहा कि अगर उसकी मूंग ठीक नहीं है तो कम रेट में ही उसकी खरीद कर लें, वह घर पर कहां रखेगा। किसान ने कहा कि इन्होंने पता नहीं कहां से जांच करवाई है। इस पर सूचना मिलने पर स्वामीनाथन कमेटी के अध्यक्ष विकल पचार मौके पर पहुंचे और नारेबाजी करनी शुरू कर दी, लेकिन कमेटी के अधिकारियों ने मूंग की फसल लेने से साफ इनकार कर दिया और किसान को अपनी फसल वापस लेकर जाना पड़ा।
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इसलिए चल रही थी हड़ताल
जिले में चल रही आढ़तियों और मजदूरों की हड़ताल उपायुक्त के आश्वासन के बाद खत्म कर दी गई। द आढ़तियान एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह सरकारिया ने बताया कि आढ़ती वर्ग कालांवाली में मार्केट कमेटी सचिव द्वारा दुर्व्यवहार के कारण आक्रोशित था, वहीं मजदूरों की समस्या थी कि सरकारी खरीद शुरू होने के बाद सीसीआई सीधे तौर पर फैक्टरी में नरमा पहुंचा देती है, जिससे मजदूरों का काम खत्म हो रहा है। इससे मजदूरों में भी आक्रोष था। सोमवार को उपायुक्त आरसी बिढ़ाण ने आढ़तियों और मजदूरों के साथ एक बैठक की। जिसमें उपायुक्त ने मार्केट कमेटी सचिव को लेकर चल रहे विवाद को सुलझा दिया और वहीं मजदूरों को आश्वासन दिया कि उन्हें कहीं फैक्टरी में काम दिलवाया जाएगा, जिससे उनकी मजदूरी खराब नहीं होगी। वहीं उपायुक्त ने तोल को लेकर आढ़तियों को कहा कि वह किसान की मर्जी है कि वह तौल आढ़ती के मजदूरों से करवाएगा या फिर सरकारी एजेंसियों द्वारा। उपायुक्त के आश्वासन के बाद आढ़तियों और मजदूरों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।
किसान मूंग की फसल लेकर आया था, जिसका सैंपल रद्द कर दिया गया। इस पर उसकी फसल नहीं खरीदी गई। किसानों को समझा दिया गया है। जिन किसानों का सैंपल पास हुआ, उनकी खरीद कर ली गई। वहीं आढ़तियों और मजदूरों ने उपायुक्त के आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म कर दी है।
-विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव।
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बता दें कि कालांवाली अनाज मंडी में आढ़तियों के खिलाफ मार्केट कमेटी सचिव द्वारा पुलिस में दी गई शिकायत के विरोध में जिले की अनाज मंडियां बंद रहीं। सिरसा अनाज मंडी में किसान अपनी धान लेकर सुबह ही पहुंच गए। जब किसान मंडी में पहुंचे तो पता लगा कि आज आढ़तियों की हड़ताल है। इस पर किसान अपनी फसल लेकर लौट गए, लेकिन दोपहर में हांडीखेड़ा से आए किसान जोगिंद्र सिंह और जसपाल अपनी फसल की बोली लगने का इंतजार करते रहे। जब कोई व्यापारी बोली लगाने नहीं आया तो किसान ने आढ़ती से फोन कर पूछा। आढ़ती ने बताया कि आज उनकी हड़ताल है, फसल नहीं खरीदी जाएगी। किसान जसपाल ने आढ़ती को बताया कि वह अपनी फसल लेकर यहां पर बैठा है, जब वे आ जाएंगे तो खरीद कर लेंगे। किसान ने कहा कि वह अपनी फसल वापस लेकर जाएंगे और फिर लेकर आएंगे। उनका दो बार फसल लेकर आने पर ज्यादा खर्च होगा। इससे अच्छा है कि वह अगले दिन तक इसकी खरीद कर लें। वहीं भंभूर से आए किसान ओमप्रकाश ने बताया कि उसका नंबर आया था, जिस पर वह सुबह अपनी फसल लेकर आया, लेकिन दोपहर तक कोई भी खरीद एजेंसी उसके पास नहीं आई है।
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मूंग की फसल न खरीदने को लेकर किसान ने उतारे कपड़े
खाईशेरगढ़ के रहने वाले किसान अभिमन्यु के पास मैसेज आया कि वह अपनी मूंग लेकर मंडी में आ जाएं। जब अभिमन्यु अपनी फसल लेकर मंडी में 13 नंबर सरकारी दुकान पर पहुंचा तो वहां पर मौजूद मैनेजर राजेंद्र ने मूंग में से कुछ सैंपल सीडब्लयूसी में जांच के लिए भेज दिए। जब सैंपल की रिपोर्ट आई तो दो और किसानों की मूंग की ढेरी पास हो गई, जबकि किसान अभिमन्यु की रद्द कर दी गई। दुकान में मौजूद मैनेजर ने किसान को कहा कि वह अपनी फसल लेकर वापस चले जाएं। इस पर उसके गांव से आए कुछ अन्य किसान भी आक्रोशित हो गए। किसान अभिमन्यु ने कहा कि अगर उसकी मूंग ठीक नहीं है तो कम रेट में ही उसकी खरीद कर लें, वह घर पर कहां रखेगा। किसान ने कहा कि इन्होंने पता नहीं कहां से जांच करवाई है। इस पर सूचना मिलने पर स्वामीनाथन कमेटी के अध्यक्ष विकल पचार मौके पर पहुंचे और नारेबाजी करनी शुरू कर दी, लेकिन कमेटी के अधिकारियों ने मूंग की फसल लेने से साफ इनकार कर दिया और किसान को अपनी फसल वापस लेकर जाना पड़ा।
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इसलिए चल रही थी हड़ताल
जिले में चल रही आढ़तियों और मजदूरों की हड़ताल उपायुक्त के आश्वासन के बाद खत्म कर दी गई। द आढ़तियान एसोसिएशन के प्रधान हरदीप सिंह सरकारिया ने बताया कि आढ़ती वर्ग कालांवाली में मार्केट कमेटी सचिव द्वारा दुर्व्यवहार के कारण आक्रोशित था, वहीं मजदूरों की समस्या थी कि सरकारी खरीद शुरू होने के बाद सीसीआई सीधे तौर पर फैक्टरी में नरमा पहुंचा देती है, जिससे मजदूरों का काम खत्म हो रहा है। इससे मजदूरों में भी आक्रोष था। सोमवार को उपायुक्त आरसी बिढ़ाण ने आढ़तियों और मजदूरों के साथ एक बैठक की। जिसमें उपायुक्त ने मार्केट कमेटी सचिव को लेकर चल रहे विवाद को सुलझा दिया और वहीं मजदूरों को आश्वासन दिया कि उन्हें कहीं फैक्टरी में काम दिलवाया जाएगा, जिससे उनकी मजदूरी खराब नहीं होगी। वहीं उपायुक्त ने तोल को लेकर आढ़तियों को कहा कि वह किसान की मर्जी है कि वह तौल आढ़ती के मजदूरों से करवाएगा या फिर सरकारी एजेंसियों द्वारा। उपायुक्त के आश्वासन के बाद आढ़तियों और मजदूरों ने अपनी हड़ताल समाप्त कर दी।
किसान मूंग की फसल लेकर आया था, जिसका सैंपल रद्द कर दिया गया। इस पर उसकी फसल नहीं खरीदी गई। किसानों को समझा दिया गया है। जिन किसानों का सैंपल पास हुआ, उनकी खरीद कर ली गई। वहीं आढ़तियों और मजदूरों ने उपायुक्त के आश्वासन के बाद हड़ताल खत्म कर दी है।
-विकास सेतिया, मार्केट कमेटी सचिव।