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Sirsa News: सालों से रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास का इंतजार कर रहे शहरवासी
Sun, 08 Sep 2024 02:38 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 08 Sep 2024 02:38 AM IST
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सिरसा में चतरगढ पट्टी फाटक बंद होने पर लगी भीड़।
सिरसा। शहर के मध्य में बने रेलवे स्टेशन की रेलवे लाइन दो हिस्सों में शहर को विभाजित करती है। यह विभाजन रेखा पुराने कचहरी रोड और चतरगढ़पट्टी फाटक पर आमजन के लिए समस्या बन जाती है। सालों से इन दोनों फाटकों पर रेलवे ओवरब्रिज व अंडरपास बनाने की मांग शहरवासी कर रहे हैं। 10 हजार से ज्यादा वाहन चालक प्रतिदिन इन दोनों फाटकों से गुजरते है और उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। एक दिन में 13 से ज्यादा ट्रेनों का आवागमन इन फाटकों से होता है। इस कारण जाम की स्थिति दिन में कई बार बनती है।
सालों से शहरवासी इन दिनों फाटकों की समस्या का स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। अहम बात यह है कि अंडर पास बनाने की घोषणा ओढां में 29 मई 2022 को प्रगति रैली के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की। इसके लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों ने फिजिबिलिटी जांचने के भी आदेश दिए। सरकार का कार्यकाल पूर्ण होने से ठीक पहले अंडर पास का टेंडर लगाया गया है। वहीं, ओवरब्रिज की स्थिति अभी तक कागजों और सर्वे पर ही चल रही है। अंडरपास और ओवरब्रिज को बनाने में विधायक, सांसद व अन्य किसी नेता ने कोई रुचि नहीं दिखाई। दोनों का निर्माण होने की स्थिति में शहर व मिनी बाइपास पर लोगों का आवागमन आसान हो जाता।
यह है मौजूदा स्थिति
शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित पुरानी कचहरी रोड व चतरगढ़पट्टी पर फाटक बंद होने के दौरान जाम लगा रहता है। यह से प्रतिदिन 11 सवारियों वाली ट्रेनों का आना जाना है। वहीं, 2 से 3 के करीब मालगाड़ी गुजरती है। फाटक एक दिन में 13 से ज्यादा बार बंद होता है। हर बार 10 से 20 मिनट तक वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में ट्रैफिक जाम होने के कारण डबवाली रोड व लालबती चौक तक जाम लग जाता है। इस दोनों फाटकों से प्रतिदिन 10 से 15 हजार वाहन गुजरते हैं।
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विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होगा अंडर पास का काम
पुरानी कचहरी रोड फाटक पर बने अंडरपास को लेकर जुलाई माह में टेंडर लगाया था। अंडरपास के निर्माण पर करीब 10.60 करोड़ की राशि खर्च होगी। अंडर पास की अनुमानित लंबाई 300 मीटर व ऊंचाई 7.50 मीटर रहेगी। इसके दोनों ओर सर्विस रोड बनाए जाएगा। इनकी चौड़ाई 4.50 मीटर होगी और अंडरपास का निर्माण करीब 12 माह में पूरा किया जाएगा। ऐसे में एक साल तक लोगों को अंडरपास नहीं बनने के कारण परेशान होना पड़ेगा। वहीं, दूसरी ओर पिछले एक साल से चतरगढ़ पट्टी के ओवर ब्रिज की पैमाइश को लेकर ही कार्य चल रहा है। अभी तक धरातल पर प्रोजेक्ट आया नहीं है।
पुराने कचहरी रोड फाटक दिन में कई बार बंद होता है। इस रोड से आना-जाना बड़ा मुश्किल है। घूमकर पुल से जाना पड़ता है। वहां पर भी आंबेडकर चौक पर जाम लगा होता है। सरकार की ओर से अंडर पास का निर्माण कार्य करवाया जाना चाहिए था। ताकि लोगों को राहत मिलती।
-सुखवीर सिंह बराड़, शहरवासी
चतरगढ़पट्टी और पुराने कचहरी रोड पर दोनों फाटकों से जाना आफत है। कब फाटक लग जाए और आपको 15 मिनट इंतजार करना पड़े कोई नहीं जाता है। सरकार की ओर से इनका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
-राजकुमार, शहरवासी
दिन में कई बार कचहरी रोड फाटक पार करना पड़ता है। दो से तीन बार जरूर जाम में फंस जाते हैं। सालों से इस फाटक के समाधान को लेकर लोग मांग उठा चुके हैं। इतना ही नहीं, बारिश के समय में तीन से चार फुट पानी यहां पर भर जाता है। उस समय यह रोड पूरी तरह से ब्लॉक हो जाता है।
-प्रीत सिद्धू, बरनाला रोड निवासी
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सालों से शहरवासी इन दिनों फाटकों की समस्या का स्थायी समाधान की मांग कर रहे हैं। अहम बात यह है कि अंडर पास बनाने की घोषणा ओढां में 29 मई 2022 को प्रगति रैली के दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने घोषणा की। इसके लिए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों ने फिजिबिलिटी जांचने के भी आदेश दिए। सरकार का कार्यकाल पूर्ण होने से ठीक पहले अंडर पास का टेंडर लगाया गया है। वहीं, ओवरब्रिज की स्थिति अभी तक कागजों और सर्वे पर ही चल रही है। अंडरपास और ओवरब्रिज को बनाने में विधायक, सांसद व अन्य किसी नेता ने कोई रुचि नहीं दिखाई। दोनों का निर्माण होने की स्थिति में शहर व मिनी बाइपास पर लोगों का आवागमन आसान हो जाता।
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यह है मौजूदा स्थिति
शहर के रेलवे स्टेशन के पास स्थित पुरानी कचहरी रोड व चतरगढ़पट्टी पर फाटक बंद होने के दौरान जाम लगा रहता है। यह से प्रतिदिन 11 सवारियों वाली ट्रेनों का आना जाना है। वहीं, 2 से 3 के करीब मालगाड़ी गुजरती है। फाटक एक दिन में 13 से ज्यादा बार बंद होता है। हर बार 10 से 20 मिनट तक वाहन चालकों को इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में ट्रैफिक जाम होने के कारण डबवाली रोड व लालबती चौक तक जाम लग जाता है। इस दोनों फाटकों से प्रतिदिन 10 से 15 हजार वाहन गुजरते हैं।
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विधानसभा चुनावों के बाद शुरू होगा अंडर पास का काम
पुरानी कचहरी रोड फाटक पर बने अंडरपास को लेकर जुलाई माह में टेंडर लगाया था। अंडरपास के निर्माण पर करीब 10.60 करोड़ की राशि खर्च होगी। अंडर पास की अनुमानित लंबाई 300 मीटर व ऊंचाई 7.50 मीटर रहेगी। इसके दोनों ओर सर्विस रोड बनाए जाएगा। इनकी चौड़ाई 4.50 मीटर होगी और अंडरपास का निर्माण करीब 12 माह में पूरा किया जाएगा। ऐसे में एक साल तक लोगों को अंडरपास नहीं बनने के कारण परेशान होना पड़ेगा। वहीं, दूसरी ओर पिछले एक साल से चतरगढ़ पट्टी के ओवर ब्रिज की पैमाइश को लेकर ही कार्य चल रहा है। अभी तक धरातल पर प्रोजेक्ट आया नहीं है।
पुराने कचहरी रोड फाटक दिन में कई बार बंद होता है। इस रोड से आना-जाना बड़ा मुश्किल है। घूमकर पुल से जाना पड़ता है। वहां पर भी आंबेडकर चौक पर जाम लगा होता है। सरकार की ओर से अंडर पास का निर्माण कार्य करवाया जाना चाहिए था। ताकि लोगों को राहत मिलती।
-सुखवीर सिंह बराड़, शहरवासी
चतरगढ़पट्टी और पुराने कचहरी रोड पर दोनों फाटकों से जाना आफत है। कब फाटक लग जाए और आपको 15 मिनट इंतजार करना पड़े कोई नहीं जाता है। सरकार की ओर से इनका कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया है।
-राजकुमार, शहरवासी
दिन में कई बार कचहरी रोड फाटक पार करना पड़ता है। दो से तीन बार जरूर जाम में फंस जाते हैं। सालों से इस फाटक के समाधान को लेकर लोग मांग उठा चुके हैं। इतना ही नहीं, बारिश के समय में तीन से चार फुट पानी यहां पर भर जाता है। उस समय यह रोड पूरी तरह से ब्लॉक हो जाता है।
-प्रीत सिद्धू, बरनाला रोड निवासी