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Sirsa News: गर्मी से बच्चों की ओपीडी दोगुनी, हररोज इलाज के आ रहे 80 से 100 बच्चे
Sun, 03 May 2026 12:20 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 03 May 2026 12:20 AM IST
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नागरिक अस्पताल में बच्चे की जांच करती डॉ. सुर्यांशु कंबोज।
60 प्रतिशत बच्चे उल्टी, दस्त व बुखार से ग्रसित, शनिवार को 40 डिग्री रहा तापमान
फोटो
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संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। जिले में गर्मी का बच्चों पर प्रभाव देखने को मिल रहा है। नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में पहले की तुलना में मरीजों की संख्या दोगुनी बढ़ गई है। पहले जहां प्रतिदिन 40 से 50 बच्चे उपचार के लिए आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 80 से 100 हो गई है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुर्यांशु कंबोज ने बताया कि 60 प्रतिशत बच्चे गर्मी से संबंधित बीमारियों के कारण आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी का मौसम सभी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह चुनौती दोगुनी हो जाती है। गर्मी के कारण छोटे बच्चे उल्टी, दस्त, खांसी, जुकाम व बुखार जैसी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। इसलिए अभिभावकों को गर्मियों में बच्चों की देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
गर्मियों में बच्चों के शरीर में पानी की कमी, लू और डायरिया जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों के लिए मां का दूध सबसे उत्तम आहार है। इसके अलावा उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना भी जरूरी है ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। डॉ. कंबोज ने बताया कि इससे बच्चों को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। विशेषकर छह महीने से कम उम्र के बच्चों को गर्मियों में अधिक दूध पीने की आवश्यकता होती है।
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इस दौरान मां को भी पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखना जरूरी है ताकि वह बच्चे को सही मात्रा में दूध दे सके। गर्मी बच्चों को सीधे धूप में ले जाने से बचाना, हल्के कपड़े पहनाना व संतुलित पोषण देना भी आवश्यक है। डॉ. सुर्यांशु कंबोज ने अभिभावकों से आग्रह किया कि गर्मी में बच्चों के लिए सामान्य बुखार, दस्त व उल्टी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। गर्मियों में बच्चों की देखभाल में सावधानी बरतें व समय पर डॉक्टर से उपचार कराएं।
3 से 5 मई तक बारिश होने की संभावना
जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री रहा। इस कारण गर्मी से लोगों का बुरा हाल हो गया। सुबह 11 बजे के बाद सड़कें सुनसान होने लगीं। अधिकांश लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग के अनुसार, तीन से पांच मई तक बारिश होने की संभावना है।
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सिरसा। जिले में गर्मी का बच्चों पर प्रभाव देखने को मिल रहा है। नागरिक अस्पताल की बाल रोग ओपीडी में पहले की तुलना में मरीजों की संख्या दोगुनी बढ़ गई है। पहले जहां प्रतिदिन 40 से 50 बच्चे उपचार के लिए आते थे। अब यह संख्या बढ़कर 80 से 100 हो गई है।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सुर्यांशु कंबोज ने बताया कि 60 प्रतिशत बच्चे गर्मी से संबंधित बीमारियों के कारण आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी का मौसम सभी के लिए चुनौतीपूर्ण होता है लेकिन छोटे बच्चों के लिए यह चुनौती दोगुनी हो जाती है। गर्मी के कारण छोटे बच्चे उल्टी, दस्त, खांसी, जुकाम व बुखार जैसी बीमारियों का शिकार हो जाते हैं। इसलिए अभिभावकों को गर्मियों में बच्चों की देखभाल पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
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गर्मियों में बच्चों के शरीर में पानी की कमी, लू और डायरिया जैसी समस्याएं आम हो जाती हैं। उन्होंने बताया कि छोटे बच्चों के लिए मां का दूध सबसे उत्तम आहार है। इसके अलावा उन्हें पर्याप्त मात्रा में पानी पिलाना भी जरूरी है ताकि शरीर हाइड्रेटेड रहे। डॉ. कंबोज ने बताया कि इससे बच्चों को बीमारियों से लड़ने की ताकत मिलती है। विशेषकर छह महीने से कम उम्र के बच्चों को गर्मियों में अधिक दूध पीने की आवश्यकता होती है।
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इस दौरान मां को भी पर्याप्त हाइड्रेशन बनाए रखना जरूरी है ताकि वह बच्चे को सही मात्रा में दूध दे सके। गर्मी बच्चों को सीधे धूप में ले जाने से बचाना, हल्के कपड़े पहनाना व संतुलित पोषण देना भी आवश्यक है। डॉ. सुर्यांशु कंबोज ने अभिभावकों से आग्रह किया कि गर्मी में बच्चों के लिए सामान्य बुखार, दस्त व उल्टी को हल्के में नहीं लेना चाहिए। गर्मियों में बच्चों की देखभाल में सावधानी बरतें व समय पर डॉक्टर से उपचार कराएं।
3 से 5 मई तक बारिश होने की संभावना
जिले में शनिवार को अधिकतम तापमान 40 डिग्री रहा। इस कारण गर्मी से लोगों का बुरा हाल हो गया। सुबह 11 बजे के बाद सड़कें सुनसान होने लगीं। अधिकांश लोग बहुत जरूरी होने पर ही घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग के अनुसार, तीन से पांच मई तक बारिश होने की संभावना है।