{"_id":"678bfa054366250a870f6001","slug":"chairs-installed-in-womens-toilet-sirsa-news-c-128-1-slko1008-131715-2025-01-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sirsa News: मातृत्व स्तनपान के लिए सार्वजनिक स्थानों पर नहीं कोई केबिन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sirsa News: मातृत्व स्तनपान के लिए सार्वजनिक स्थानों पर नहीं कोई केबिन
Sun, 19 Jan 2025 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Sun, 19 Jan 2025 12:29 AM IST
विज्ञापन
सिरसा में बस स्टैंड के महिला शौचालय में मातृत्व स्तनपान के लिए लगीं कुर्सियां।
सिरसा। मातृत्व स्तनपान के लिए सरकारी कार्यालयों में विशेष केबिन बनाने के निर्देश दिए गए हैं, लेकिन इसके लिए रोडवेज ने महिला शौचालय में ही कुर्सियां लगा दीं, वहीं लघु सचिवालय परिसर में भूतल पर बने चालक कक्ष को ही स्तनपान कक्ष बना दिया। रेलवे स्टेशन पर महिला प्रतीक्षालय में ही मां के लिए व्यवस्था की गई है। अलग से कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
शिशु को स्तनपान करवाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर मां के लिए कोई विशेष जगह नहीं है। इसके चलते महिलाओं को अपने बच्चों को दूध पिलाने में दिक्कत आ रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को तो मालूम ही नहीं है कि ऐसी कोई जगह लघु सचिवालय में है या नहीं है। शनिवार को इसको लेकर संवाददाता ने पड़ताल की तो हालात बहुत ही बुरे मिले।
इस प्रकार मिले हालात
बस स्टैंड : समय दोपहर दो बजे
यहां पर संवाददाता ने ट्रेफिक इंचार्ज सुधीर कुमार से मिलकर मातृत्व स्तनपान की व्यवस्था के बारे में पता किया, तो उन्होंने बताया कि बस स्टैंड पर स्तनपान के लिए अलग से कोई केबिन नहीं बनाया है। महिलाओं के लिए महिला शौचालय में ही व्यवस्था की गई है। इसके बाद संवाददाता महिला शौचालय में पहुंचे तो यहां हालात तो ठीक मिले, लेकिन शौचालय में स्तनपान के व्यवस्था करने से बच्चे में संक्रमण का खतरा रहता है। इस पर महिलाओं ने भी रोडवेज प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की मांग की।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन : समय दोपहर 2.30 बजे
बस स्टैंड के बाद संवाददाता रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां भी बच्चों को दूध पिलाने के लिए मां के लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं की गई। यहां पर हॉल के रूम बने वेटिंग रूम में ही कुर्सियां लगाई गई है। इस हॉल में ही यात्रियों को टिकट दिया जा रहा था। इसके अलावा अन्य यात्री भी वहीं पर इंतजार कर रहे थे। यहां रेलवे के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट राजकुमार ने बताया कि स्टेशन पर महिला प्रतिक्षालय में महिलाओं के लिए स्तनपान की व्यवस्था की गई। अलग से कोई अन्य केबिन नहीं बनाया गया है।
लघु सचिवालय : समय दोपहर 3 तीन बजे
संवाददाता ने लघु सचिवालय में पूछताछ केंद्र पर स्तनपान कक्ष को लेकर जानकारी मांगी, तो केंद्र पर बैठी महिला का व्यवहार बेहद हैरान करने वाला था। वह बहस करती नजर आई। इसके बाद दूसरे कर्मचारी ने उन्हें समझाया। उन्होंने बताया कि मातृत्व स्तनपान के लिए कोई केबिन की व्यवस्था नहीं है। यहां चालकों के लिए बनाए कक्ष में महिला को बैठाते हैं। इस दौरान सभी कर्मचारी बाहर आ जाते है। इसके अलावा कोई अलग से व्यवस्था नहीं की गई है। इसके बाद जब चालक कक्ष में गए तो वहां सिर्फ एक सेटी लगी हुई थी, जिस पर कर्मचारी बैठे थे।
अधिकत्तर महिलाओं को नहीं सुविधा के बारे में जानकारी
विभागीय अधिकारियों ने स्तनपान कक्ष के लिए महज औपचारिकता निभाई है, वहीं महिलाओं को सुविधाओं को जानकारी नहीं। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी इस व्यवस्था स अनजान हैं।
महिलाएं बोलीं- महिलाओं को निजता को ध्यान में रखते व्यवस्था को बेहतर तरीके से किया जाए लागू
बस स्टैंड पर आई सरदूलगढ़ निवासी वीरा बाई बताया कि स्तनपान के लिए कक्ष की भी कोई सुविधा होती है, इसकी जानकारी नहीं है। सरकार ने कोई सुविधा दी है तो वह व्यवस्था होनी चाहिए। गांव सरदूलेवाला की दर्शना रानी ने बताया कि सरकार ने ऐसी सुविधा दी है, इसकी जानकारी नहीं है। अधिकारियों को अभियान चलाकर महिलाओं को जागरूक करना चाहिए। महिलाओं को प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू किया जाना। सिरसा निवासी रणजीत कौर ने बताया कि बच्चों को दूध पिलाने के लिए शौचालय के बजाय अलग से व्यवस्था करनी चाहिए। छोटे बच्चों को शौचालय में ले जाया नहीं जाता है। यहां संक्रमण को खतरा रहता है। रोडवेज प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
मातृत्व स्तनपान के लिए कोई व्यवस्था की जानी थी, इसको लेकर जानकारी नहीं है। इस संबंध में कोई पत्र पूर्व में आया है, तो उस बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। -सुदेश कुमारी, सीडीपीओ।
बस स्टैंड पर बच्चे को स्तनपान करवाने के लिए महिलाओं के लिए महिला शौचालय में ही कुर्सियां लगाकर व्यवस्था की गई है। अलग से कोई केबिन नहीं बनाया गया है। - अजय दलाल, रोडवेज प्रबंधक।
विज्ञापन
शिशु को स्तनपान करवाने के लिए सार्वजनिक स्थलों पर मां के लिए कोई विशेष जगह नहीं है। इसके चलते महिलाओं को अपने बच्चों को दूध पिलाने में दिक्कत आ रही है। महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को तो मालूम ही नहीं है कि ऐसी कोई जगह लघु सचिवालय में है या नहीं है। शनिवार को इसको लेकर संवाददाता ने पड़ताल की तो हालात बहुत ही बुरे मिले।
विज्ञापन
इस प्रकार मिले हालात
बस स्टैंड : समय दोपहर दो बजे
यहां पर संवाददाता ने ट्रेफिक इंचार्ज सुधीर कुमार से मिलकर मातृत्व स्तनपान की व्यवस्था के बारे में पता किया, तो उन्होंने बताया कि बस स्टैंड पर स्तनपान के लिए अलग से कोई केबिन नहीं बनाया है। महिलाओं के लिए महिला शौचालय में ही व्यवस्था की गई है। इसके बाद संवाददाता महिला शौचालय में पहुंचे तो यहां हालात तो ठीक मिले, लेकिन शौचालय में स्तनपान के व्यवस्था करने से बच्चे में संक्रमण का खतरा रहता है। इस पर महिलाओं ने भी रोडवेज प्रशासन को इस ओर ध्यान देने की मांग की।
विज्ञापन
रेलवे स्टेशन : समय दोपहर 2.30 बजे
बस स्टैंड के बाद संवाददाता रेलवे स्टेशन पर पहुंचे। यहां भी बच्चों को दूध पिलाने के लिए मां के लिए कोई अलग से व्यवस्था नहीं की गई। यहां पर हॉल के रूम बने वेटिंग रूम में ही कुर्सियां लगाई गई है। इस हॉल में ही यात्रियों को टिकट दिया जा रहा था। इसके अलावा अन्य यात्री भी वहीं पर इंतजार कर रहे थे। यहां रेलवे के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट राजकुमार ने बताया कि स्टेशन पर महिला प्रतिक्षालय में महिलाओं के लिए स्तनपान की व्यवस्था की गई। अलग से कोई अन्य केबिन नहीं बनाया गया है।
लघु सचिवालय : समय दोपहर 3 तीन बजे
संवाददाता ने लघु सचिवालय में पूछताछ केंद्र पर स्तनपान कक्ष को लेकर जानकारी मांगी, तो केंद्र पर बैठी महिला का व्यवहार बेहद हैरान करने वाला था। वह बहस करती नजर आई। इसके बाद दूसरे कर्मचारी ने उन्हें समझाया। उन्होंने बताया कि मातृत्व स्तनपान के लिए कोई केबिन की व्यवस्था नहीं है। यहां चालकों के लिए बनाए कक्ष में महिला को बैठाते हैं। इस दौरान सभी कर्मचारी बाहर आ जाते है। इसके अलावा कोई अलग से व्यवस्था नहीं की गई है। इसके बाद जब चालक कक्ष में गए तो वहां सिर्फ एक सेटी लगी हुई थी, जिस पर कर्मचारी बैठे थे।
अधिकत्तर महिलाओं को नहीं सुविधा के बारे में जानकारी
विभागीय अधिकारियों ने स्तनपान कक्ष के लिए महज औपचारिकता निभाई है, वहीं महिलाओं को सुविधाओं को जानकारी नहीं। समाज कल्याण विभाग के अधिकारी भी इस व्यवस्था स अनजान हैं।
महिलाएं बोलीं- महिलाओं को निजता को ध्यान में रखते व्यवस्था को बेहतर तरीके से किया जाए लागू
बस स्टैंड पर आई सरदूलगढ़ निवासी वीरा बाई बताया कि स्तनपान के लिए कक्ष की भी कोई सुविधा होती है, इसकी जानकारी नहीं है। सरकार ने कोई सुविधा दी है तो वह व्यवस्था होनी चाहिए। गांव सरदूलेवाला की दर्शना रानी ने बताया कि सरकार ने ऐसी सुविधा दी है, इसकी जानकारी नहीं है। अधिकारियों को अभियान चलाकर महिलाओं को जागरूक करना चाहिए। महिलाओं को प्राइवेसी को ध्यान में रखते हुए व्यवस्था को बेहतर तरीके से लागू किया जाना। सिरसा निवासी रणजीत कौर ने बताया कि बच्चों को दूध पिलाने के लिए शौचालय के बजाय अलग से व्यवस्था करनी चाहिए। छोटे बच्चों को शौचालय में ले जाया नहीं जाता है। यहां संक्रमण को खतरा रहता है। रोडवेज प्रशासन को इस ओर ध्यान देना चाहिए।
मातृत्व स्तनपान के लिए कोई व्यवस्था की जानी थी, इसको लेकर जानकारी नहीं है। इस संबंध में कोई पत्र पूर्व में आया है, तो उस बारे में जानकारी हासिल की जाएगी। -सुदेश कुमारी, सीडीपीओ।
बस स्टैंड पर बच्चे को स्तनपान करवाने के लिए महिलाओं के लिए महिला शौचालय में ही कुर्सियां लगाकर व्यवस्था की गई है। अलग से कोई केबिन नहीं बनाया गया है। - अजय दलाल, रोडवेज प्रबंधक।