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कैशियर बोला, कैश खत्म, वीडियो बनानी शुरू की तो मिलने लगा कैश
ब्यूरो/अमर उजाला सिरसा
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:06 AM IST
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डबवाली (सिरसा)। नोटबंदी के इक्कीस दिनों बाद भी बैंकों में कैश का तथाकथित सूखा पड़ा है। मंगलवार को लोगों ने दो निजी बैंकों की करतूत उजागर कर दी। एक किसान ने एचडीएफसी की वीडियो बना डाली। इसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। देर शाम को विजया बैंक में हंगामा खड़ा हो गया।
सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने वाले गांव शेरगढ़ के किसान बलकरण सिंह ने बताया कि वह सुबह सात बजे बैंक में गया था। उससे पहले 25-30 लोग बैंक के बाहर खड़े थे। सुबह करीब साढ़े नौ-पौने दस बजे बैंक खुला। महज पंद्रह मिनटों में ही बैंक कर्मचारियों ने कह दिया कि कैश खत्म हो गया है। जबकि अभी तक मुश्किल से 6-7 लोगों का ही काम हुआ था। जब किसानों ने शोर मचाया तो बैंक कर्मचारी ने 38 चैक आगे कर दिए। कर्मचारी ने कहा कि वे इन चैक को क्लीयर करेगा। इतना ही कैश है। मामला ज्यादा बिगड़ गया। कतार में लगे किसानों ने 38 लोगों को सामने लाने का चैलेंज कर दिया। जैसे ही कर्मचारियों ने आवाज लगानी शुरू की तो कोई आगे नहीं आया। चैक 38 की अपेक्षा 36 पाए गए। किसानों जवाब तलबी करते हुए कहा कि दो चैक के जरिए 20-20 हजार की पेमेंट हो गई है। किसानों ने मोबाइल निकालकर वीडियो बनानी शुरू कर दी। काउंटर पर बैठे कर्मचारी भाग खड़े हुए। किसानों के विरोध के चलते बैंक ने संबंधित चैक को साइड में रखकर किसानों को कैश बांटना शुरू कर दिया। किसान बलकरण सिंह के अनुसार उसे 10.30 बजे कैश मिला। अगर वे आज भी बैंक कर्मचारी का विरोध न करते तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता। किसान के अनुसार उपरोक्त चैक बड़ी ट्रेडिंग कंपनियों के थे। वे वीडियो को पीएम नरेंद्र मोदी तथा आरबीआई के उच्च अधिकारियों के पास भेजकर संबंधित बैंक के खिलाफ जांच की मांग करेंगे। देर शाम को विजया बैंक में हंगामा हो गया। डबवाली निवासी राजेंद्र सेठी ने बताया कि वह अपने एकाऊंट में से घर के गुजारे के लिए महज दो हजार रुपये निकलवाने के लिए आया था। बैंक में उसकी एंट्री समय पर हो गई थी। उसका नाम रजिस्टर पर चढ़ गया। लेकिन बैंक कर्मचारी अपने चहेतों को पैसा देने में लग गए। ऐसे लोगों को पैसे दिए जा रहे थे, जो उसके बाद आए थे। एतराज करने पर बैंक कर्मचारी उससे बदसलूकी पर उतर आए।
चैक देने के बाद लोग बैंक से बाहर चले गए थे। ऐसे में उनका चैक रोक लिया गया। पहले कतार में खड़े लोगों को कैश दिया गया। आरोप निराधार हैं। कहीं गड़बड़ नहीं हो रही।
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-आदित्य, प्रबंधक
एचडीएफसी बैंक, डबवाली
बॉक्स
शाम साढ़े 3 बजे तक बैंक में आने वाले लोगों को ही कैश दिया जाता है। राजेंद्र सेठी बाद में आया था। ऐसे में उसे कैश नहीं की गई।
-साजिद, एसिसेंट मैनेजर
विजया बैंक, डबवाली
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सोशल मीडिया में वीडियो वायरल करने वाले गांव शेरगढ़ के किसान बलकरण सिंह ने बताया कि वह सुबह सात बजे बैंक में गया था। उससे पहले 25-30 लोग बैंक के बाहर खड़े थे। सुबह करीब साढ़े नौ-पौने दस बजे बैंक खुला। महज पंद्रह मिनटों में ही बैंक कर्मचारियों ने कह दिया कि कैश खत्म हो गया है। जबकि अभी तक मुश्किल से 6-7 लोगों का ही काम हुआ था। जब किसानों ने शोर मचाया तो बैंक कर्मचारी ने 38 चैक आगे कर दिए। कर्मचारी ने कहा कि वे इन चैक को क्लीयर करेगा। इतना ही कैश है। मामला ज्यादा बिगड़ गया। कतार में लगे किसानों ने 38 लोगों को सामने लाने का चैलेंज कर दिया। जैसे ही कर्मचारियों ने आवाज लगानी शुरू की तो कोई आगे नहीं आया। चैक 38 की अपेक्षा 36 पाए गए। किसानों जवाब तलबी करते हुए कहा कि दो चैक के जरिए 20-20 हजार की पेमेंट हो गई है। किसानों ने मोबाइल निकालकर वीडियो बनानी शुरू कर दी। काउंटर पर बैठे कर्मचारी भाग खड़े हुए। किसानों के विरोध के चलते बैंक ने संबंधित चैक को साइड में रखकर किसानों को कैश बांटना शुरू कर दिया। किसान बलकरण सिंह के अनुसार उसे 10.30 बजे कैश मिला। अगर वे आज भी बैंक कर्मचारी का विरोध न करते तो उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ता। किसान के अनुसार उपरोक्त चैक बड़ी ट्रेडिंग कंपनियों के थे। वे वीडियो को पीएम नरेंद्र मोदी तथा आरबीआई के उच्च अधिकारियों के पास भेजकर संबंधित बैंक के खिलाफ जांच की मांग करेंगे। देर शाम को विजया बैंक में हंगामा हो गया। डबवाली निवासी राजेंद्र सेठी ने बताया कि वह अपने एकाऊंट में से घर के गुजारे के लिए महज दो हजार रुपये निकलवाने के लिए आया था। बैंक में उसकी एंट्री समय पर हो गई थी। उसका नाम रजिस्टर पर चढ़ गया। लेकिन बैंक कर्मचारी अपने चहेतों को पैसा देने में लग गए। ऐसे लोगों को पैसे दिए जा रहे थे, जो उसके बाद आए थे। एतराज करने पर बैंक कर्मचारी उससे बदसलूकी पर उतर आए।
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चैक देने के बाद लोग बैंक से बाहर चले गए थे। ऐसे में उनका चैक रोक लिया गया। पहले कतार में खड़े लोगों को कैश दिया गया। आरोप निराधार हैं। कहीं गड़बड़ नहीं हो रही।
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-आदित्य, प्रबंधक
एचडीएफसी बैंक, डबवाली
बॉक्स
शाम साढ़े 3 बजे तक बैंक में आने वाले लोगों को ही कैश दिया जाता है। राजेंद्र सेठी बाद में आया था। ऐसे में उसे कैश नहीं की गई।
-साजिद, एसिसेंट मैनेजर
विजया बैंक, डबवाली