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Sirsa News: गांव नारायण खेड़ा में भाजपा नेता गोबिंद कांडा का विरोध, बिना संबोधित किए लौटे
Mon, 26 Aug 2024 12:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
संवाद न्यूज एजेंसी, सिरसा
Updated Mon, 26 Aug 2024 12:30 PM IST
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सिरसा। भाजपा नेता गोबिंद का विरोध करते हुए ग्रामीण। संवाद।
संवाद न्यूज एजेंसी
सिरसा। गांव नारायण खेड़ा में शनिवार रात एक कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता गोबिंद कांडा को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हें खरी-खरी सुनाई। गोबिंद कांडा ने अपना पक्ष रखना चाहा, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी। ऐसे में उन्हें बिना संबोधित किए ही लौटना पड़ा।
भाजपा नेता गोबिंद कांडा की नारायण खेड़ा गांव में जनसभा आयोजित की गई थी। गांव में पहुंचने पर पहले लोगों ने उनका स्वागत भी किया, लेकिन जब वह बोलने लगे तो विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में किसानों के हालात कैसे हैं, आप आज तक पूछने के लिए नहीं आए। पानी की मांग को लेकर ग्रामीण 17 दिनों तक प्रदर्शन करते रहे, आपने और अन्य नेताओं ने कोई सुध नहीं ली। ग्रामीण बिजली, पानी व अन्य समस्याओं से जूझ रहे थे, उनको पूछने वाला कोई नहीं था। अब विधानसभा चुनाव आने पर सभी अपनापन दिखा रहे हैं। आप भी धरने पर नहीं आए, जबकि आप सरकार के साथ थे। इस पर गोबिंद कांडा ने सफाई देनी चाही लेकिन, उन्होंने एक नहीं सुनी। इसके चलते उन्हें सभा में बिना संबोधित किए ही लौटना पड़ा।
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सिरसा। गांव नारायण खेड़ा में शनिवार रात एक कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता गोबिंद कांडा को ग्रामीणों का विरोध झेलना पड़ा। ग्रामीणों ने उन्हें खरी-खरी सुनाई। गोबिंद कांडा ने अपना पक्ष रखना चाहा, लेकिन उनकी एक नहीं सुनी। ऐसे में उन्हें बिना संबोधित किए ही लौटना पड़ा।
भाजपा नेता गोबिंद कांडा की नारायण खेड़ा गांव में जनसभा आयोजित की गई थी। गांव में पहुंचने पर पहले लोगों ने उनका स्वागत भी किया, लेकिन जब वह बोलने लगे तो विरोध शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि गांव में किसानों के हालात कैसे हैं, आप आज तक पूछने के लिए नहीं आए। पानी की मांग को लेकर ग्रामीण 17 दिनों तक प्रदर्शन करते रहे, आपने और अन्य नेताओं ने कोई सुध नहीं ली। ग्रामीण बिजली, पानी व अन्य समस्याओं से जूझ रहे थे, उनको पूछने वाला कोई नहीं था। अब विधानसभा चुनाव आने पर सभी अपनापन दिखा रहे हैं। आप भी धरने पर नहीं आए, जबकि आप सरकार के साथ थे। इस पर गोबिंद कांडा ने सफाई देनी चाही लेकिन, उन्होंने एक नहीं सुनी। इसके चलते उन्हें सभा में बिना संबोधित किए ही लौटना पड़ा।
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