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रात को नर्स ने गर्भवती को दाखिल करने से किया इनकार सुबह डिलीवरी के दौरान बच्चे की मौत
amarujala/Sirsa
Updated Fri, 24 Mar 2017 11:27 PM IST
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women's family members
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शहर के वार्ड नंबर नौ सुल्तानपुरियां मार्ग निवासी गुरदेव सिंह ने रानियां के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स पर अपनी पत्नी की डिलीवरी के दौरान लापरवाही बरतने का आरोप लगाया। इसके चलते नवजात की मौत हो गई है। पीड़ित ने पुलिस और सीएमओ को शिकायत देकर नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सीएमओ को दी शिकायत में गुरदेव सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी की डिलीवरी होने वाली थी। वह उसे 23 मार्च की रात्रि 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवाने के लिए आया तो वहां पर ड्यूटी पर तैनात नर्स ने रात के समय दाखिल करने से मना कर दिया और दरवाजा नहीं खोला। नर्स ने उन्हें सुबह आने के लिए कहा। सुबह छह बजे जब उसकी पत्नी की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो वह उसे फिर अस्पताल लेकर आए तब भी आरोपी नर्स ने उसे दाखिल करने की बजाय शाम चार बजे आने के लिए कहा। इस दौरान उसकी पत्नी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। ऐसे में अस्पताल में कार्यरत दूसरी नर्स ने उसे दाखिल किया। इस दौरान डिलीवरी लेट होने के कारण उसके बच्चे की मौत हो चुकी थी।
गुरदेव सिंह का कहना है कि अगर उसकी पत्नी की डिलीवरी समय पर हो जाती तो उनका बच्चा बच जाता। गुरदेव सिंह और उसके परिजनों ने नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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यह बोले एसएमओ
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. नरेश सहारण ने बताया कि उनके पास शिकायत आ चुकी है और उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है, मामले की जांच की जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती है। विभाग के नियमानुसार उन्होंने महिला को सही ढंग से उपचार दिया था। उन्होंने स्वयं पर लगे आरोपों को निराधार बताया।
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सीएमओ को दी शिकायत में गुरदेव सिंह ने बताया कि उसकी पत्नी की डिलीवरी होने वाली थी। वह उसे 23 मार्च की रात्रि 10 बजे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में दाखिल करवाने के लिए आया तो वहां पर ड्यूटी पर तैनात नर्स ने रात के समय दाखिल करने से मना कर दिया और दरवाजा नहीं खोला। नर्स ने उन्हें सुबह आने के लिए कहा। सुबह छह बजे जब उसकी पत्नी की तबीयत ज्यादा खराब हुई तो वह उसे फिर अस्पताल लेकर आए तब भी आरोपी नर्स ने उसे दाखिल करने की बजाय शाम चार बजे आने के लिए कहा। इस दौरान उसकी पत्नी की तबीयत ज्यादा बिगड़ गई। ऐसे में अस्पताल में कार्यरत दूसरी नर्स ने उसे दाखिल किया। इस दौरान डिलीवरी लेट होने के कारण उसके बच्चे की मौत हो चुकी थी।
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गुरदेव सिंह का कहना है कि अगर उसकी पत्नी की डिलीवरी समय पर हो जाती तो उनका बच्चा बच जाता। गुरदेव सिंह और उसके परिजनों ने नर्स के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
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यह बोले एसएमओ
वहीं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के एसएमओ डॉ. नरेश सहारण ने बताया कि उनके पास शिकायत आ चुकी है और उन्होंने उच्चाधिकारियों को अवगत करवा दिया है, मामले की जांच की जाएगी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की नर्स से जब इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने कहा कि उन्होंने उपचार में कोई लापरवाही नहीं बरती है। विभाग के नियमानुसार उन्होंने महिला को सही ढंग से उपचार दिया था। उन्होंने स्वयं पर लगे आरोपों को निराधार बताया।