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राजकीय स्कूलों में बढ़ रहे दाखिले, पिछले सत्र के आंकड़े अभी दूर
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राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। जिले के राजकीय स्कूलों में पहली से 12वीं कक्षा के दाखिलों में तेजी आने लगी है। बढ़ते दाखिलों को लेकर स्कूल अध्यापक भी खुश है। लेकिन राजकीय स्कूलों में दाखिला का आंकड़ा अभी पिछले साल के आंकड़ों को पार नहीं कर पाया है। अध्यापक ड्रॉप आउट व नए विद्यार्थियों को राजकीय स्कूलों के साथ जोड़ने का प्रयास कर रहा है।
राजकीय स्कूलों में अध्यापकों के प्रयास से दाखिला प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है। हर रोज नए विद्यार्थी राजकीय स्कूलों में दाखिला ले रहे है जिससे दाखिले के आंकड़ों तेजी से बढ़ रहे है। लेकिन राजकीय स्कूल अभी सत्र 2020-21 के 145707 दाखिले के आंकड़ों को पार नहीं कर पाया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार राजकीय स्कूलों में 27 जुलाई तक 140101 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। हालांकि 5606 विद्यार्थियों का अंतर को भरने के लिए विभाग की ओर से दाखिला प्रक्रिया जारी है। विद्यार्थी अभी भी राजकीय स्कूलों में नाम दर्ज करवा सकता है। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से भी स्कूल मुखियों की निर्देश दिए गए है कि नए विद्यार्थियों व ड्राप आउट विद्यार्थियों को खोजकर उन्हें स्कूल के साथ जोड़े।
मॉडल संस्कृति स्कलों में हो रहे है अधिक दाखिले
सीबीएससी से संबंद्ध मॉडल संस्कृति स्कलों में भी विद्यार्थी दाखिला ले रहे है। जिले के सात खंडों में एक मॉडल संस्कृति सीनियर सेेकेंडरी स्कूल बनाए गए है। इसमें पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के पास अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने का विकल्प रहता है। सत्र 2020-21 में सात सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 7944 थी जो सत्र 2021-22 के दाखिलों में 10 हजार के आंकड़े के पास पहुंच चुकी है।
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कस्तूरबा गांधी विद्यालय में शत प्रतिशत का लक्ष्य पूरा होने की कगार पर
जिले में छह कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में 600 सीटों पर दाखिला प्रकिया चल रही है। 600 सीटों पर 530 छात्राओं के दाखिले सुनिश्चित कर लिए गए है। प्रत्येक स्कूल में 100 सीटें है। इनमें सिंगल प्रेरेंट चाइलड, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों को दाखिला दिया जाता है। रामपुरा ढिल्लों स्कूल ने शत प्रतिशत का लक्ष्य हासिल कर लिया है , वहीं अन्य स्कूल भी इस लक्ष्य के पीछा करते हुए 90 प्रतिशत दाखिले कर चुके हैं।
अध्यापकों के पद पड़े है रिक्त, भेजी गई है रिपोर्ट
राजकीय स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के 2254 अध्यापकों के पद है, जिसमें से 1105 पद रिक्त पड़े है। वहीं पहली से 5वीं कक्षा तक के 2270 जेबीटी अध्यापकों के पद है जिसमें से 317 पद रिक्त पड़े हैं। जिला शिक्षा विभाग द्वारा जिले में रिक्त पड़े अध्यापकों के पदों के लिए मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी है।
कमरों की भेजी गई है डिमांड
राजकीय स्कूलों व मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निदेशालय को स्कूल में नए कमरे बनाने के लिए डिमांड भेजी गई है। केवल मॉडल संस्कृति के सात स्कूलों से ही 32 नए कमरों व 15 लैब कमरों की डिमांड की गई है। राजकीय स्कूलों में कमरों की डिमांड को लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से जिला शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। जिसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यालय को भेजी गई है।
राजकीय स्कूल में दाखिला प्रक्रिया चल रही है, विद्यार्थी कक्षाओं में दाखिला कर रहे है। ड्रापआउट विद्यार्थियों को स्कूल के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कमरों व अध्यापकों के रिक्त पदों की जानकारी मुख्यालय के सज्ञान में है।
संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा
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राजकीय स्कूलों में अध्यापकों के प्रयास से दाखिला प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ी है। हर रोज नए विद्यार्थी राजकीय स्कूलों में दाखिला ले रहे है जिससे दाखिले के आंकड़ों तेजी से बढ़ रहे है। लेकिन राजकीय स्कूल अभी सत्र 2020-21 के 145707 दाखिले के आंकड़ों को पार नहीं कर पाया है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार राजकीय स्कूलों में 27 जुलाई तक 140101 विद्यार्थियों ने ही दाखिला लिया है। हालांकि 5606 विद्यार्थियों का अंतर को भरने के लिए विभाग की ओर से दाखिला प्रक्रिया जारी है। विद्यार्थी अभी भी राजकीय स्कूलों में नाम दर्ज करवा सकता है। राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ाने के लिए जिला शिक्षा विभाग की ओर से भी स्कूल मुखियों की निर्देश दिए गए है कि नए विद्यार्थियों व ड्राप आउट विद्यार्थियों को खोजकर उन्हें स्कूल के साथ जोड़े।
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मॉडल संस्कृति स्कलों में हो रहे है अधिक दाखिले
सीबीएससी से संबंद्ध मॉडल संस्कृति स्कलों में भी विद्यार्थी दाखिला ले रहे है। जिले के सात खंडों में एक मॉडल संस्कृति सीनियर सेेकेंडरी स्कूल बनाए गए है। इसमें पहली से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों के पास अंग्रेजी माध्यम से पढ़ने का विकल्प रहता है। सत्र 2020-21 में सात सीनियर सेकेंडरी स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या 7944 थी जो सत्र 2021-22 के दाखिलों में 10 हजार के आंकड़े के पास पहुंच चुकी है।
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कस्तूरबा गांधी विद्यालय में शत प्रतिशत का लक्ष्य पूरा होने की कगार पर
जिले में छह कस्तूरबा गांधी विद्यालयों में 600 सीटों पर दाखिला प्रकिया चल रही है। 600 सीटों पर 530 छात्राओं के दाखिले सुनिश्चित कर लिए गए है। प्रत्येक स्कूल में 100 सीटें है। इनमें सिंगल प्रेरेंट चाइलड, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की लड़कियों को दाखिला दिया जाता है। रामपुरा ढिल्लों स्कूल ने शत प्रतिशत का लक्ष्य हासिल कर लिया है , वहीं अन्य स्कूल भी इस लक्ष्य के पीछा करते हुए 90 प्रतिशत दाखिले कर चुके हैं।
अध्यापकों के पद पड़े है रिक्त, भेजी गई है रिपोर्ट
राजकीय स्कूलों में नौवीं से 12वीं कक्षा तक के 2254 अध्यापकों के पद है, जिसमें से 1105 पद रिक्त पड़े है। वहीं पहली से 5वीं कक्षा तक के 2270 जेबीटी अध्यापकों के पद है जिसमें से 317 पद रिक्त पड़े हैं। जिला शिक्षा विभाग द्वारा जिले में रिक्त पड़े अध्यापकों के पदों के लिए मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी है।
कमरों की भेजी गई है डिमांड
राजकीय स्कूलों व मॉडल संस्कृति स्कूलों में विद्यार्थियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए निदेशालय को स्कूल में नए कमरे बनाने के लिए डिमांड भेजी गई है। केवल मॉडल संस्कृति के सात स्कूलों से ही 32 नए कमरों व 15 लैब कमरों की डिमांड की गई है। राजकीय स्कूलों में कमरों की डिमांड को लेकर खंड शिक्षा अधिकारियों की ओर से जिला शिक्षा विभाग को पत्र लिखा है। जिसकी रिपोर्ट जिला शिक्षा विभाग द्वारा मुख्यालय को भेजी गई है।
राजकीय स्कूल में दाखिला प्रक्रिया चल रही है, विद्यार्थी कक्षाओं में दाखिला कर रहे है। ड्रापआउट विद्यार्थियों को स्कूल के साथ जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कमरों व अध्यापकों के रिक्त पदों की जानकारी मुख्यालय के सज्ञान में है।
संत कुमार, जिला शिक्षा अधिकारी सिरसा