{"_id":"5a18731b4f1c1b97678bda4a","slug":"71511551771-sirsa-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नुहियांवाली के ग्रामीणों ने जड़ा राशन डिपो पर ताला,","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नुहियांवाली के ग्रामीणों ने जड़ा राशन डिपो पर ताला,
Updated Sat, 25 Nov 2017 01:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सिरसा ओढां।
राशन वितरण में गड़बड़झाला रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई बॉयोमेट्रिक राशन वितरण प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए फांस बनी हुुई है। उपभोक्ता राशन मांग रहे हैं तो आगे से डिपो होल्डर मशीन कार्ड न उठाने को हवाला देकर हाथ खड़े किए नजर आ रहे हैं।
गांव नुहियांवाली में विभागीय कार्य प्रणाली से खफा हुए आक्रोषित उपभोक्ताओं ने डिपो पर ताला जड़ते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें राशन नहीं तो अन्य को भी राशन नहीं बांटने देंगे। सूचना पाकर खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी व ओढां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आक्र ोषित उपभोक्ताओं को समझा-बुझाकर शांत करते हुए ताला खुलवाया।
दरअसल हुआ यूं कि गांव मेें डिपो पर राशन मिलने की सूचना पाकर काफी उपभोक्ता डिपो पर पहुंच गए। डिपो संचालक ने कुछ उपभोक्ताओं को तो राशन दे दिया, लेकिन कुछ को ये कहकर राशन देने से इंकार कर दिया कि बॉयोमेट्रिक मशीन उनके कार्ड नहीं उठा रही। पिछले तीन माह से ये जवाब सुनते आ रहे उपभोक्ताओं ने रोष व्यक्त करते हुए यह कहकर डिपो पर ताला जड़ दिया कि अगर उन्हें राशन नहीं तो अन्य को भी नहीं। हालांकि डिपो संचालक भादर राम और राजकुमार ने उपभोक्ताओं को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन उल्टा उन्हें उपभोक्ताओं के रोष का भाजन बनना पड़ा। उनका कहना है कि जब से ये सिस्टम शुरू किया।
विज्ञापन
तीन माह से मिल रहा है राशन की जगह आश्वासन
रोष व्यक्त कर रहे उपभोक्ता भगवाना राम, लीला राम, भीमसेन, बुधराम, भानी राम, बृजलाल, लाला राम, भूप सिंह, हरबंस, दलीप सिंह, गुड्डी देवी, सिलोचना और मन्नी देवी आदि नें बताया कि वे राशन धारक उपभोक्ता हैं। उन्होंने बताया कि जब वे डिपो पर राशन लेने जाते हैं तो डिपो संचालक उन्हें यह कहकर बैरंग लौटा देते हैं कि मशीन उनका कार्ड कटा हुआ दिखा रही है। उपभोक्ताओं का कहना था कि उन्हें पिछले तीन माह से राशन की जगह इसी तरह के जवाब सुनने को मिल रहे हैं। वे इस समस्या को लेकर ओढां विभागीय कार्यालय में कई बार चक्कर लगा चुके हैं लेकिन उन्हें वहां से भी कोरे आश्वासन दे दिए जाते हैं। उपभोक्ताओं ने रोष जताते हुए बताया कि ये ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली उनके लिए पिछले तीन माह से फांस बन चुकी है। उन्हें कभी तो ये कह दिया जाता है कि उनका आधार लिंक नहीं हुआ कभी मशीन फिंगर प्रिंट सही नहीं दिखाती तो कभी कार्ड में दर्ज सदस्यों के नाम क टे हुए दिखा दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे तो पूर्व प्रणाली ही ठीक थी कम से कम समय पर राशन तो मिल जाता था।
डिपो संचालक बन रहे कोप का भाजन
विभाग ने पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से भले ही राशन प्रणाली ऑनलाइन कर दी, लेकिन इसका खामियाजा डिपो संचालकों को बेवजह भुगतना पड़ रहा है। मशीन जब राशन कार्ड नहीं उठाती तो डिपो संचालक उपभोक्ता को बैरंग लौटा देते हैं। ऐसे में डिपो संचालक को उपभोक्ता की न केवल नाराजगी मोल लेनी पड़ रही है बल्कि उनकी खरी-खोटी सुनने के साथ-साथ उनका राशन हड़पने के आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर संचालकों का डिपो से मोह भंग होता जा रहा है।
पुलिस और अधिकारी पहुंचे मौके पर
तालाबंदी और प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी ऋषिकांत भाटिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोषित उपभोक्ताओं को समझाया कि तकनीकी कारणों के वजह से ये समस्या आ रही है। विभाग उनकी समस्या को सुलझाने में प्रयासरत हैं, लेकिन उपभोक्ताओं ने अधिकारी की एक न सुनते हुए ताला खोलने से इन्कार कर दिया। मामला गर्माता देख ओढां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उपभोक्ताओं को समझाया कि तालाबंदी या राशन वितरण बंद करवाने से समस्या का हल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी जब उन्हें समस्या सुलझाने के लिए कह रहे हैं तो उन्हें समय देना चाहिए। काफी देर तक चली जद्दोजहद उपरान्त पुलिस व अधिकारी के समझाने व आश्वासन देने के करीब तीन घंटे बाद उपभोक्ताओं ने डिपो से तालाबंदी हटा दी।
करीब 57 उपभोक्ता हैं राशन से वंचित
नुहियांवाली में 133 बीपीएल, 12 एएवाई और 75 एपीएल सहित कुल 220 राशन धारक उपभोक्ता हैं। जिनमें से करीब 57 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके बायोमेट्रिक मशीन कार्ड नहीं उठा रही। ये उपभोक्ता इस समस्या के चलते पिछले तीन माह से डिपो व ओढां कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं। डिपो संचालक उन्हें खाद्य आपूर्ति अधिकारी के पास भेज देते हैं तो वहीं खाद्य आपूर्ति अधिकारी उन्हें कुछ दिनों का आश्वासन देकर टरका देते हैं। मशीन द्वारा कार्ड न उठाने की वजह से डिपो पर सितंबर माह से पांच क्विंटल दाल गोदाम में पड़ी धूल फांक रही है।
हम खुद परेशान हैं
इस मामलेे को लेकर हम खुद परेशान चल रहे हैं। राशन न मिलने से उपभोक्ता हमारे साथ न केवल बहसबाजी करने पर उतारू हो जाते हैं अपितु हम पर राशन हड़पने का भी आरोप लगाते हैं। जब मशीन कार्ड नहीं उठाती तो हम राशन कैसे दें। हमारे पास सितंबर माह से पांच क्विंटल 15 किलो दाल गोदाम में पड़ी चूहों की भेंट चढ़ी हुई है लेकिन कार्ड न उठाने की वजह से हम उसका वितरण नहीं कर पा रहे। मैं विभाग को राशन से वंचित उपभोक्ताओं की कई बार सूचि भेज चुका हूं।
-भादर राम, डिपो संचालक।
दिसंबर तक हो जाएगी समस्या हल
तकनीकी कारणों की वजह से ये समस्या आ रही है। ये समस्या अकेले सिरसा जिला की नहीं अपितु प्रदेशभर की है। मशीन जिन उपभोक्ताओें के कार्ड डिलीट दिखा रही है उनके कार्ड दुरुस्त हो गए हैं। एक दिसंबर तक सभी मशीनों में राशन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी और पंाच दिसंबर तक सभी उपभोक्ताओं को राशन दे दिया जाएगा।
-ऋषिकांत भाटिया, निरीक्षक (खाद्य आपूर्ति विभाग)
फोटो : 33 से 35 तक नुहियांवाली डिपो पर रोष व्यक्त करते एवं तालाबंदी करते ग्रामीण।
विज्ञापन
राशन वितरण में गड़बड़झाला रोकने के उद्देश्य से शुरू की गई बॉयोमेट्रिक राशन वितरण प्रणाली उपभोक्ताओं के लिए फांस बनी हुुई है। उपभोक्ता राशन मांग रहे हैं तो आगे से डिपो होल्डर मशीन कार्ड न उठाने को हवाला देकर हाथ खड़े किए नजर आ रहे हैं।
गांव नुहियांवाली में विभागीय कार्य प्रणाली से खफा हुए आक्रोषित उपभोक्ताओं ने डिपो पर ताला जड़ते हुए हंगामा खड़ा कर दिया। उन्होंने कहा कि जब उन्हें राशन नहीं तो अन्य को भी राशन नहीं बांटने देंगे। सूचना पाकर खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी व ओढां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर आक्र ोषित उपभोक्ताओं को समझा-बुझाकर शांत करते हुए ताला खुलवाया।
विज्ञापन
दरअसल हुआ यूं कि गांव मेें डिपो पर राशन मिलने की सूचना पाकर काफी उपभोक्ता डिपो पर पहुंच गए। डिपो संचालक ने कुछ उपभोक्ताओं को तो राशन दे दिया, लेकिन कुछ को ये कहकर राशन देने से इंकार कर दिया कि बॉयोमेट्रिक मशीन उनके कार्ड नहीं उठा रही। पिछले तीन माह से ये जवाब सुनते आ रहे उपभोक्ताओं ने रोष व्यक्त करते हुए यह कहकर डिपो पर ताला जड़ दिया कि अगर उन्हें राशन नहीं तो अन्य को भी नहीं। हालांकि डिपो संचालक भादर राम और राजकुमार ने उपभोक्ताओं को समझाने की काफी कोशिश की लेकिन उल्टा उन्हें उपभोक्ताओं के रोष का भाजन बनना पड़ा। उनका कहना है कि जब से ये सिस्टम शुरू किया।
विज्ञापन
तीन माह से मिल रहा है राशन की जगह आश्वासन
रोष व्यक्त कर रहे उपभोक्ता भगवाना राम, लीला राम, भीमसेन, बुधराम, भानी राम, बृजलाल, लाला राम, भूप सिंह, हरबंस, दलीप सिंह, गुड्डी देवी, सिलोचना और मन्नी देवी आदि नें बताया कि वे राशन धारक उपभोक्ता हैं। उन्होंने बताया कि जब वे डिपो पर राशन लेने जाते हैं तो डिपो संचालक उन्हें यह कहकर बैरंग लौटा देते हैं कि मशीन उनका कार्ड कटा हुआ दिखा रही है। उपभोक्ताओं का कहना था कि उन्हें पिछले तीन माह से राशन की जगह इसी तरह के जवाब सुनने को मिल रहे हैं। वे इस समस्या को लेकर ओढां विभागीय कार्यालय में कई बार चक्कर लगा चुके हैं लेकिन उन्हें वहां से भी कोरे आश्वासन दे दिए जाते हैं। उपभोक्ताओं ने रोष जताते हुए बताया कि ये ऑनलाइन राशन वितरण प्रणाली उनके लिए पिछले तीन माह से फांस बन चुकी है। उन्हें कभी तो ये कह दिया जाता है कि उनका आधार लिंक नहीं हुआ कभी मशीन फिंगर प्रिंट सही नहीं दिखाती तो कभी कार्ड में दर्ज सदस्यों के नाम क टे हुए दिखा दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि इससे तो पूर्व प्रणाली ही ठीक थी कम से कम समय पर राशन तो मिल जाता था।
डिपो संचालक बन रहे कोप का भाजन
विभाग ने पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से भले ही राशन प्रणाली ऑनलाइन कर दी, लेकिन इसका खामियाजा डिपो संचालकों को बेवजह भुगतना पड़ रहा है। मशीन जब राशन कार्ड नहीं उठाती तो डिपो संचालक उपभोक्ता को बैरंग लौटा देते हैं। ऐसे में डिपो संचालक को उपभोक्ता की न केवल नाराजगी मोल लेनी पड़ रही है बल्कि उनकी खरी-खोटी सुनने के साथ-साथ उनका राशन हड़पने के आरोपों का भी सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या को लेकर संचालकों का डिपो से मोह भंग होता जा रहा है।
पुलिस और अधिकारी पहुंचे मौके पर
तालाबंदी और प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी ऋषिकांत भाटिया मौके पर पहुंचे। उन्होंने आक्रोषित उपभोक्ताओं को समझाया कि तकनीकी कारणों के वजह से ये समस्या आ रही है। विभाग उनकी समस्या को सुलझाने में प्रयासरत हैं, लेकिन उपभोक्ताओं ने अधिकारी की एक न सुनते हुए ताला खोलने से इन्कार कर दिया। मामला गर्माता देख ओढां पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उपभोक्ताओं को समझाया कि तालाबंदी या राशन वितरण बंद करवाने से समस्या का हल नहीं होगा। उन्होंने कहा कि खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारी जब उन्हें समस्या सुलझाने के लिए कह रहे हैं तो उन्हें समय देना चाहिए। काफी देर तक चली जद्दोजहद उपरान्त पुलिस व अधिकारी के समझाने व आश्वासन देने के करीब तीन घंटे बाद उपभोक्ताओं ने डिपो से तालाबंदी हटा दी।
करीब 57 उपभोक्ता हैं राशन से वंचित
नुहियांवाली में 133 बीपीएल, 12 एएवाई और 75 एपीएल सहित कुल 220 राशन धारक उपभोक्ता हैं। जिनमें से करीब 57 उपभोक्ता ऐसे हैं जिनके बायोमेट्रिक मशीन कार्ड नहीं उठा रही। ये उपभोक्ता इस समस्या के चलते पिछले तीन माह से डिपो व ओढां कार्यालय के चक्कर काटने को विवश हैं। डिपो संचालक उन्हें खाद्य आपूर्ति अधिकारी के पास भेज देते हैं तो वहीं खाद्य आपूर्ति अधिकारी उन्हें कुछ दिनों का आश्वासन देकर टरका देते हैं। मशीन द्वारा कार्ड न उठाने की वजह से डिपो पर सितंबर माह से पांच क्विंटल दाल गोदाम में पड़ी धूल फांक रही है।
हम खुद परेशान हैं
इस मामलेे को लेकर हम खुद परेशान चल रहे हैं। राशन न मिलने से उपभोक्ता हमारे साथ न केवल बहसबाजी करने पर उतारू हो जाते हैं अपितु हम पर राशन हड़पने का भी आरोप लगाते हैं। जब मशीन कार्ड नहीं उठाती तो हम राशन कैसे दें। हमारे पास सितंबर माह से पांच क्विंटल 15 किलो दाल गोदाम में पड़ी चूहों की भेंट चढ़ी हुई है लेकिन कार्ड न उठाने की वजह से हम उसका वितरण नहीं कर पा रहे। मैं विभाग को राशन से वंचित उपभोक्ताओं की कई बार सूचि भेज चुका हूं।
-भादर राम, डिपो संचालक।
दिसंबर तक हो जाएगी समस्या हल
तकनीकी कारणों की वजह से ये समस्या आ रही है। ये समस्या अकेले सिरसा जिला की नहीं अपितु प्रदेशभर की है। मशीन जिन उपभोक्ताओें के कार्ड डिलीट दिखा रही है उनके कार्ड दुरुस्त हो गए हैं। एक दिसंबर तक सभी मशीनों में राशन की प्रक्रिया आरंभ हो जाएगी और पंाच दिसंबर तक सभी उपभोक्ताओं को राशन दे दिया जाएगा।
-ऋषिकांत भाटिया, निरीक्षक (खाद्य आपूर्ति विभाग)
फोटो : 33 से 35 तक नुहियांवाली डिपो पर रोष व्यक्त करते एवं तालाबंदी करते ग्रामीण।