{"_id":"61df0f6f99cc8927c0463e3e","slug":"605-activists-and-other-members-arrested-police-left-sirsa-news-hsr621876424","type":"story","status":"publish","title_hn":"पुलिस को चकमा देकर जेल के समक्ष पहुंची आंगनबाड़ी वर्कर्स, रोड पर धरना देकर दी सांकेतिक गिरफ्तारियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पुलिस को चकमा देकर जेल के समक्ष पहुंची आंगनबाड़ी वर्कर्स, रोड पर धरना देकर दी सांकेतिक गिरफ्तारियां
विज्ञापन
सिरसा। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रस्तावित जेल भरो आंदोलन के तहत पुलिस को चकमा देकर गिरफ्तारी देने जेल के समक्ष पहुंच गईं। यहां पर पुलिस ने कार्यकर्ताओं को जेल में प्रवेश करने से रोका तो कार्यकर्ताओं ने गेट के बाहर ही बरनाला रोड पर धरना शुरू कर दिया। धरना प्रदर्शन के बाद 605 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने सांकेतिक गिरफ्तारी दी। प्रक्रिया के बाद पुलिस ने सभी कार्यकर्ताओं को छोड़ दिया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के कारण सिरसा से पंजाब की ओर जाने वाले मार्ग के एक ओर की आवाजाही तकरीबन तीन घंटे तक बाधित रही।
आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया समय पर देने, वेतन बढ़ाने, केंद्रों पर सामान उपलब्ध करवाने सहित अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं विगत 37 दिन से लघु सचिवालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रही हैं। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने जेल भरो आंदोलन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं जिला प्रधान कृष्णा दहिया की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे से लघु सचिवालय के समक्ष कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने एकत्रित होना शुरू किया। कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने लघु सचिवालय की सुरक्षा को बढ़ा दी और महिला पुलिस कर्मी तैनात कर दीं। प्रशासन को अंदेशा था कि प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय के गेट पर पहुंचेंगी और गिरफ्तारी देंगी लेकिन अचानक करीब 12 बजे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं पुलिस को चकमा देकर लघु सचिवालय से बरनाला रोड की ओर निकल गईं और प्रदर्शन करते हुए शहर के बरनाला रोड स्थित जिला जेल के समक्ष पहुंच गई। जानकारी पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। कार्यकर्ताओं को जेल में जाने से रोकने के लिए जेल के गेट के बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल को लगा दिया गया और कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को रोक दिया गया।
पुलिस के रोकने पर आंगनबागड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं जेल के गेट के बाहर ही रोड पर धरना देने बैठ गईं। प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं से मांगपत्र लेने के लिए एसडीएम जयवीर यादव मौके पर पहुंच गए लेकिन उन्होंने सीडीपीओ को ही मांगपत्र सौंपने की बात कहते हुए धरना जारी रखा। करीब तीन घंटे बाद कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दर्शना सिंह मौके पर पहुंची और धरने पर बैठी कार्यकर्ताआें व सहायिकाओं से मांगपत्र लिया। उन्होंने बैठक कर जल्द मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकओं ने धरना समाप्त किया। हालांकि इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर लघु सचिवालय के समक्ष उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के राजेश भाकर, प्रोमिला रानी, वीर रानी, जसवीर कौर, रचना रानी सहित अन्य विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
पुलिस की ओर से पहले से ही खड़ी की गई थी पांच रोडवेज बसें
लघु सचिवालय के समक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का धरना प्रदर्शन और जेल भरो आंदोलन के कार्यक्रम के तहत पुलिस ने लघु सचिवालय के पास ही रोडवेज की पांच बसों को खड़ा करा लिया थ। हालांकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाएं पुलिस को चकमा देकर जेल के समक्ष पहुंच गईं। इसके बाद रोडवेज की बसों को जेल के पास पहुंचा दिया गया और जेल के गेट पर पहले ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बोले- केंद्रों में बैठने के लिए न कुर्सी न मेज
एसडीएम को मांग सुनाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि अधिकारियों द्वारा केंद्र खोलने, बच्चों का पढ़ाने व अन्य जानकारी देने के लिए उनकी जिम्मेदारी लगा दी जाती है लेकिन केंद्र में बैठने के लिए न तो कुर्सी है और न ही मेज। मोबाइल एप से कार्य करने के लिए दबाव बनाया जाता है। हालांकि न तो उन्हें इसकी जानकारी दी गई है और न ही पर्याप्त साधन। किराया भी समय पर नहीं दिया जाता है। किराया देने में एक दिन की देरी होने पर भी मकान मालिक केंद्र बंद करने की चेतावनी देते हैं। वेतन कम होने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया था। उनकी मांगों के समाधान के लिए वीरवार को बैठक बुलाई गई है। इसमें उनके विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। स्थानीयस्तर पर निदान की जाने वाली समस्याओं का हल कराया जाएगा।
- जयवीर यादव, एसडीएम, सिरसा
विज्ञापन
आंगनबाड़ी केंद्रों का किराया समय पर देने, वेतन बढ़ाने, केंद्रों पर सामान उपलब्ध करवाने सहित अन्य मांगों को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं विगत 37 दिन से लघु सचिवालय के समक्ष धरना प्रदर्शन कर रही हैं। सर्व कर्मचारी संघ के बैनर तले बुधवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने जेल भरो आंदोलन किया। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं जिला प्रधान कृष्णा दहिया की अध्यक्षता में सुबह 10 बजे से लघु सचिवालय के समक्ष कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने एकत्रित होना शुरू किया। कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं के प्रदर्शन को लेकर प्रशासन ने लघु सचिवालय की सुरक्षा को बढ़ा दी और महिला पुलिस कर्मी तैनात कर दीं। प्रशासन को अंदेशा था कि प्रदर्शनकारी लघु सचिवालय के गेट पर पहुंचेंगी और गिरफ्तारी देंगी लेकिन अचानक करीब 12 बजे आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं पुलिस को चकमा देकर लघु सचिवालय से बरनाला रोड की ओर निकल गईं और प्रदर्शन करते हुए शहर के बरनाला रोड स्थित जिला जेल के समक्ष पहुंच गई। जानकारी पर बड़ी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। कार्यकर्ताओं को जेल में जाने से रोकने के लिए जेल के गेट के बड़ी संख्या में महिला पुलिस बल को लगा दिया गया और कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को रोक दिया गया।
विज्ञापन
पुलिस के रोकने पर आंगनबागड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाएं जेल के गेट के बाहर ही रोड पर धरना देने बैठ गईं। प्रदर्शन कर रहीं कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं से मांगपत्र लेने के लिए एसडीएम जयवीर यादव मौके पर पहुंच गए लेकिन उन्होंने सीडीपीओ को ही मांगपत्र सौंपने की बात कहते हुए धरना जारी रखा। करीब तीन घंटे बाद कार्यक्रम अधिकारी डॉ. दर्शना सिंह मौके पर पहुंची और धरने पर बैठी कार्यकर्ताआें व सहायिकाओं से मांगपत्र लिया। उन्होंने बैठक कर जल्द मांगों को पूरा करवाने का आश्वासन दिया। इसके बाद आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकओं ने धरना समाप्त किया। हालांकि इस दौरान आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने कहा कि मांग पूरी नहीं होने पर लघु सचिवालय के समक्ष उनका धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। इस मौके पर सर्व कर्मचारी संघ के राजेश भाकर, प्रोमिला रानी, वीर रानी, जसवीर कौर, रचना रानी सहित अन्य विभागों के कर्मचारी उपस्थित रहे।
विज्ञापन
पुलिस की ओर से पहले से ही खड़ी की गई थी पांच रोडवेज बसें
लघु सचिवालय के समक्ष आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं का धरना प्रदर्शन और जेल भरो आंदोलन के कार्यक्रम के तहत पुलिस ने लघु सचिवालय के पास ही रोडवेज की पांच बसों को खड़ा करा लिया थ। हालांकि आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाएं पुलिस को चकमा देकर जेल के समक्ष पहुंच गईं। इसके बाद रोडवेज की बसों को जेल के पास पहुंचा दिया गया और जेल के गेट पर पहले ही पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता बोले- केंद्रों में बैठने के लिए न कुर्सी न मेज
एसडीएम को मांग सुनाते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने कहा कि अधिकारियों द्वारा केंद्र खोलने, बच्चों का पढ़ाने व अन्य जानकारी देने के लिए उनकी जिम्मेदारी लगा दी जाती है लेकिन केंद्र में बैठने के लिए न तो कुर्सी है और न ही मेज। मोबाइल एप से कार्य करने के लिए दबाव बनाया जाता है। हालांकि न तो उन्हें इसकी जानकारी दी गई है और न ही पर्याप्त साधन। किराया भी समय पर नहीं दिया जाता है। किराया देने में एक दिन की देरी होने पर भी मकान मालिक केंद्र बंद करने की चेतावनी देते हैं। वेतन कम होने के कारण उन्हें आर्थिक तंगी झेलनी पड़ रही है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं ने प्रदर्शन किया था। उनकी मांगों के समाधान के लिए वीरवार को बैठक बुलाई गई है। इसमें उनके विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा। स्थानीयस्तर पर निदान की जाने वाली समस्याओं का हल कराया जाएगा।
- जयवीर यादव, एसडीएम, सिरसा