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सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर ने देखा मौका
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:38 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा।
अपने हक का पानी मांगने के लिए दर्जनभर गांवों के सैकड़ों किसान रविवार को सिंचाई विभाग के हिसार रोड स्थित कार्यालय पहुंचे और पंचकूला से सिरसा पहुंचे सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर सतबीर कादियान से मिले। किसानों ने उनसे मिलकर फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाए जाने की मांग की। वहीं, युवा भाजपा नेता गोकुल सेतिया भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर आए और उनके हक के लिए आवाज बुलंद की। विभाग के चीफ इंजीनियर के साथ हिसार और सिरसा के विभागीय अधीक्षण अभियंता भी मौजूद रहे।
चीफ इंजीनियर ने किसानों की समस्या को ध्यान से सुना। इस दौरान सेतिया ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि गांव रामनगरिया, सलारपुर, नटार, शहीदांवाली, मोडिया, चौबुर्जा, रंगड़ी, भंभूर, धिंगतानियां और खाजाखेड़ा सहित 11 गांवों का भूमिगत जलस्तर काफी नीचे चला गया है जिसके कारण किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। सिंचाई के लिए पानी की किल्लत के चलते खेती अब उनके लिए घाटे का सौदा बनने लगी है। फसली लागत बढ़ गई है, जबकि उत्पादन कम हो गया है। किसानों ने कहा कि इन गांवों में नहरी पानी नहीं पहुंच रहा जिसके कारण किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। हालात ऐसे विकट हो गए हैं कि उक्त गांवों के किसान अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी का बंदोबस्त बमुश्किल कर पा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इन गांवों में नहरी पानी का प्रबंध करने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर भी कर चुके हैं। बावजूद इसके किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध न करवाना चिंताजनक है। इस समस्या को सुनने के बाद चीफ इंजीनियर ने उक्त गांवों में मौका देखने की बात कही और सलारपुर, नटार, मंगाला और चौबुर्जा आदि में हालात देखकर किसानों की समस्या को जायज बताया और उन्हें जितना संभव होगा, उतना नहरी पानी देने का आश्वासन दिया।
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इस आश्वासन पर ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की और विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इन गांवों के लिए चैनल आदि बनाने के लिए किसानों की एक्वायर की जानी वाली भूमि के बारे में चर्चा की। किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा इस समय जो भी मार्केट रेट तय किया हुआ है, उसी के अनुरूप उन्हें भूमि का मुआवजा दिया जाए मगर हर हाल में घग्घर का पानी दिया जाए। इस मौके पर स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
चोपटा क्षेत्र में टीम ने किया दौरा
घग्घर नदी का पानी जोगीवाला तक पहुंचने के लिए जमाल तक बनी चैनल का सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रविवार को निरीक्षण किया गया। सिंचाई विभाग (लिफ्ट कैनाल) के चीफ इंजीनियर डॉ. सतबीर कादियान ने निरीक्षण किया। उनके साथ टीम में चीफ इंजीनियर फूल सिंह, वरिष्ठ इंजीनियर नितेश जैन, आत्मा राम भांभू व सिरसा के एसई राजेश कुमार भी थे। इससे पहले गांव में पहुंचने पर हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन पवन बैनीवाल, भाजपा नेता आदित्य चौटाला और पंचायत समिति के चेयरमैन विरेंद्र सिंह ने स्वागत किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घग्घर से जमाल तक चैनल बनी हुई है। अगर इसको जोगीवाला तक कर दिया जाए तो इससे कुताना, बरासरी, रामपुरा ढिल्लो, गुंसाईयाना, खेड़ी, गिगोरानी, जोड़किया, जसानिया, कुम्हारिया, कागदाना, चाहरवाला, रामपुरा नवावबाद और जोगीवाला के किसानों को फायदा होगा, क्योंकि इन गांवों में सिंचाई पानी के अभाव में हर साल फसल खराब हो जाती है। सिंचाई विभाग (लिफ्ट कैनाल) के चीफ इंजीनियर डॉ. सतबीर कादियान ने कहा कि इन गांवों के किसानों को फायदा हो। इसके लिए सर्वे किया गया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश सरकार को अवगत करवाया जाएगा, जिससे जल्द ही यहां पर चैनल का कार्य शुरू किया जा सके।
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सिरसा।
अपने हक का पानी मांगने के लिए दर्जनभर गांवों के सैकड़ों किसान रविवार को सिंचाई विभाग के हिसार रोड स्थित कार्यालय पहुंचे और पंचकूला से सिरसा पहुंचे सिंचाई विभाग के चीफ इंजीनियर सतबीर कादियान से मिले। किसानों ने उनसे मिलकर फसलों की सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध करवाए जाने की मांग की। वहीं, युवा भाजपा नेता गोकुल सेतिया भी ग्रामीणों के समर्थन में मौके पर आए और उनके हक के लिए आवाज बुलंद की। विभाग के चीफ इंजीनियर के साथ हिसार और सिरसा के विभागीय अधीक्षण अभियंता भी मौजूद रहे।
चीफ इंजीनियर ने किसानों की समस्या को ध्यान से सुना। इस दौरान सेतिया ने सिंचाई विभाग के अधिकारियों से कहा कि गांव रामनगरिया, सलारपुर, नटार, शहीदांवाली, मोडिया, चौबुर्जा, रंगड़ी, भंभूर, धिंगतानियां और खाजाखेड़ा सहित 11 गांवों का भूमिगत जलस्तर काफी नीचे चला गया है जिसके कारण किसानों को खेती के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा। सिंचाई के लिए पानी की किल्लत के चलते खेती अब उनके लिए घाटे का सौदा बनने लगी है। फसली लागत बढ़ गई है, जबकि उत्पादन कम हो गया है। किसानों ने कहा कि इन गांवों में नहरी पानी नहीं पहुंच रहा जिसके कारण किसानों की परेशानियां बढ़ गई हैं। हालात ऐसे विकट हो गए हैं कि उक्त गांवों के किसान अपने परिवार के लिए रोजी-रोटी का बंदोबस्त बमुश्किल कर पा रहे हैं।
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उन्होंने कहा कि इन गांवों में नहरी पानी का प्रबंध करने की घोषणा तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा और मौजूदा मुख्यमंत्री मनोहरलाल खट्टर भी कर चुके हैं। बावजूद इसके किसानों को सिंचाई का पानी उपलब्ध न करवाना चिंताजनक है। इस समस्या को सुनने के बाद चीफ इंजीनियर ने उक्त गांवों में मौका देखने की बात कही और सलारपुर, नटार, मंगाला और चौबुर्जा आदि में हालात देखकर किसानों की समस्या को जायज बताया और उन्हें जितना संभव होगा, उतना नहरी पानी देने का आश्वासन दिया।
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इस आश्वासन पर ग्रामीणों ने मिठाई बांटकर अपनी खुशी जाहिर की और विभागीय अधिकारियों का आभार व्यक्त किया। इन गांवों के लिए चैनल आदि बनाने के लिए किसानों की एक्वायर की जानी वाली भूमि के बारे में चर्चा की। किसानों ने कहा कि सरकार द्वारा इस समय जो भी मार्केट रेट तय किया हुआ है, उसी के अनुरूप उन्हें भूमि का मुआवजा दिया जाए मगर हर हाल में घग्घर का पानी दिया जाए। इस मौके पर स्थानीय सिंचाई विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।
चोपटा क्षेत्र में टीम ने किया दौरा
घग्घर नदी का पानी जोगीवाला तक पहुंचने के लिए जमाल तक बनी चैनल का सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने रविवार को निरीक्षण किया गया। सिंचाई विभाग (लिफ्ट कैनाल) के चीफ इंजीनियर डॉ. सतबीर कादियान ने निरीक्षण किया। उनके साथ टीम में चीफ इंजीनियर फूल सिंह, वरिष्ठ इंजीनियर नितेश जैन, आत्मा राम भांभू व सिरसा के एसई राजेश कुमार भी थे। इससे पहले गांव में पहुंचने पर हरियाणा बीज विकास निगम के चेयरमैन पवन बैनीवाल, भाजपा नेता आदित्य चौटाला और पंचायत समिति के चेयरमैन विरेंद्र सिंह ने स्वागत किया। उन्होंने अधिकारियों को बताया कि घग्घर से जमाल तक चैनल बनी हुई है। अगर इसको जोगीवाला तक कर दिया जाए तो इससे कुताना, बरासरी, रामपुरा ढिल्लो, गुंसाईयाना, खेड़ी, गिगोरानी, जोड़किया, जसानिया, कुम्हारिया, कागदाना, चाहरवाला, रामपुरा नवावबाद और जोगीवाला के किसानों को फायदा होगा, क्योंकि इन गांवों में सिंचाई पानी के अभाव में हर साल फसल खराब हो जाती है। सिंचाई विभाग (लिफ्ट कैनाल) के चीफ इंजीनियर डॉ. सतबीर कादियान ने कहा कि इन गांवों के किसानों को फायदा हो। इसके लिए सर्वे किया गया। इसकी रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश सरकार को अवगत करवाया जाएगा, जिससे जल्द ही यहां पर चैनल का कार्य शुरू किया जा सके।