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255 खिलाड़ी जिला, राज्य, राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर तक खेल चुके
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खेल मैदान में अभ्यास करते युवा खिलाड़ी।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। पदक जीतने के बाद सरकार भले ही खिलाड़ियों को करोड़ों रुपये देकर वाहवाही लूटने का काम करे, लेकिन पदक जीतने से पहले खिलाड़ी का अपने स्तर पर की गई मेहनत और जज्बा होता है उसे दरकिनार नहीं किया जा सकता। ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों को जिले का एक क्लब अपने स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध करवा उनके खेल को तराश रही है। क्लब की दिखाई उम्मीदों और सहयोग से अब तक 5 खिलाड़ी हैंडबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जिले और प्रदेश का नाम रोशन कर चुके हैं। इसके अलावा 250 खिलाड़ी ऐसे हैं जो अब नेशनल, स्टेट, और जिला स्तर पर भी खेल चुके हैं।
जिले का खैरकां क्लब इसी सोच के साथ पिछले 18 साल से खिलाड़ियों को तैयार करने में जुटा है। सरकार की ओर से तैयार करवाए गए मैदानों में क्लब अपने स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध करवा करीब 255 खिलाड़ियों को तैयार कर चुकी है। अंतरराष्ट्रीय खेल चुके 5 खिलाड़ियों में से 4 ने स्वर्ण पदक जीता है। खैरेकां क्लब लक्ष्य 2020 संस्था उन खिलाड़ियों के लिए कार्य कर रही है, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। क्लब द्वारा युवाओं के लिए 2003 से कार्य किया जा रहा है। इन 18 वर्षों में संस्था की तरफ से अब तक 255 खिलाड़ियों को सुविधाएं दी गई हैं जो जिला, स्टेट, नेशनल व अंतरराष्ट्रीय लेवल पर खेल चुके है। संस्था के प्रधान लवप्रीत ने बताया कि क्लब का गठन संस्थापक सुशील बिश्नोई व संदीप सैनी ने किया गया था। संस्था द्वारा उन युवाओं के लिए कार्य किया जाता है जो खेलों में रुचि रखते हैं। इन युवाओं के लिए खैरेकां गांव में अलग से खेल मैदान बनाया गया है। वहीं युवाओं के लिए खेल के लिए कोच को भी संस्था द्वारा ही रखा गया है। साथ ही खिलाड़ियों को संस्था की तरफ से स्पोर्ट्स किट दी भी जाती है। इसके अलावा खिलाड़ियों को अन्य किसी भी अन्य प्रकार का खर्चा नहीं उठाना पड़ता। खेलों के दौरान किसी भी खिलाड़ी के बाहर आने-जाने का खर्चा भी संस्था ही उठाती है।
संस्था करवाती है खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट
संस्था की ओर से अपने लेवल पर ही साल में तीन से चार बार टूर्नामेंट करवाए जाते है। जिसमें जिले के अलग-अलग गांवों से खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचते है। टूर्नामेंट में पूरा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए नकद पुरस्कार भी रखा जाता है।
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खिलाड़ी संदीप गुच्छा हैंडबॉल खेलते है। जिन्होंने 2019 में आबूदाबी में यूएई में स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड गेम में टीम इंडिया में खेले। इसी दौरान 194 देशों से आई टीमों में से टीम इंडिया ने तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। संदीप ने अब तक 50 स्टेट व 2 नेशनल व 2 इंटरनेशनल खेलों में प्रतिभा दिखाई है। संदीप ने बताया कि उन्होंने 2008 में खेलना शुरू किया और खैरेकां गांव में क्लब के ही मैदान से अभ्यास शुरू किया। अब क्लब की तरफ से ही खेल रहे हैं।
क्लब के ही खिलाड़ी प्रवीन ने क्लब की तरफ से ही खेलना शुरू किया और 2016 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित टूर्नामेंट में टीम इंडिया की तरफ से खेले। प्रवीन ने नेपाल में आयोजित इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अभी प्रवीन सीआरपीएफ में देश की सेवा कर रहे हैं। प्रवीन बताते है कि आसपास खेल मैदान व कोच न होने के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन जबसे क्लब से जुड़े तो क्लब ने हर सुविधा मुहैया करवाई।
खिलाड़ी राकेश और विजय दोनों ने 2017 में नेपाल के पोखरा में आयोजित यूथ रूरल टूर्नामेंट में हैंडबॉल में अपना दम दिखाया और दोनों ने अपने नाम गोल्ड मेडल किया। दोनों खिलाड़ी बताते है कि उन्होंने क्लब की तरफ से ही हर बार खेला है। क्लब की तरफ से ही खिलाड़ियों को कोच दिया गया हैं। जो खिलाड़ियों को सुबह और शाम अभ्यास करवाते हैं।
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जिले का खैरकां क्लब इसी सोच के साथ पिछले 18 साल से खिलाड़ियों को तैयार करने में जुटा है। सरकार की ओर से तैयार करवाए गए मैदानों में क्लब अपने स्तर पर सुविधाएं उपलब्ध करवा करीब 255 खिलाड़ियों को तैयार कर चुकी है। अंतरराष्ट्रीय खेल चुके 5 खिलाड़ियों में से 4 ने स्वर्ण पदक जीता है। खैरेकां क्लब लक्ष्य 2020 संस्था उन खिलाड़ियों के लिए कार्य कर रही है, जिनकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। क्लब द्वारा युवाओं के लिए 2003 से कार्य किया जा रहा है। इन 18 वर्षों में संस्था की तरफ से अब तक 255 खिलाड़ियों को सुविधाएं दी गई हैं जो जिला, स्टेट, नेशनल व अंतरराष्ट्रीय लेवल पर खेल चुके है। संस्था के प्रधान लवप्रीत ने बताया कि क्लब का गठन संस्थापक सुशील बिश्नोई व संदीप सैनी ने किया गया था। संस्था द्वारा उन युवाओं के लिए कार्य किया जाता है जो खेलों में रुचि रखते हैं। इन युवाओं के लिए खैरेकां गांव में अलग से खेल मैदान बनाया गया है। वहीं युवाओं के लिए खेल के लिए कोच को भी संस्था द्वारा ही रखा गया है। साथ ही खिलाड़ियों को संस्था की तरफ से स्पोर्ट्स किट दी भी जाती है। इसके अलावा खिलाड़ियों को अन्य किसी भी अन्य प्रकार का खर्चा नहीं उठाना पड़ता। खेलों के दौरान किसी भी खिलाड़ी के बाहर आने-जाने का खर्चा भी संस्था ही उठाती है।
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संस्था करवाती है खिलाड़ियों के लिए टूर्नामेंट
संस्था की ओर से अपने लेवल पर ही साल में तीन से चार बार टूर्नामेंट करवाए जाते है। जिसमें जिले के अलग-अलग गांवों से खिलाड़ी प्रतियोगिता में भाग लेने पहुंचते है। टूर्नामेंट में पूरा खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के लिए नकद पुरस्कार भी रखा जाता है।
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खिलाड़ी संदीप गुच्छा हैंडबॉल खेलते है। जिन्होंने 2019 में आबूदाबी में यूएई में स्पेशल ओलंपिक वर्ल्ड गेम में टीम इंडिया में खेले। इसी दौरान 194 देशों से आई टीमों में से टीम इंडिया ने तीसरा स्थान प्राप्त करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। संदीप ने अब तक 50 स्टेट व 2 नेशनल व 2 इंटरनेशनल खेलों में प्रतिभा दिखाई है। संदीप ने बताया कि उन्होंने 2008 में खेलना शुरू किया और खैरेकां गांव में क्लब के ही मैदान से अभ्यास शुरू किया। अब क्लब की तरफ से ही खेल रहे हैं।
क्लब के ही खिलाड़ी प्रवीन ने क्लब की तरफ से ही खेलना शुरू किया और 2016 में नेपाल के काठमांडू में आयोजित टूर्नामेंट में टीम इंडिया की तरफ से खेले। प्रवीन ने नेपाल में आयोजित इस टूर्नामेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किया। अभी प्रवीन सीआरपीएफ में देश की सेवा कर रहे हैं। प्रवीन बताते है कि आसपास खेल मैदान व कोच न होने के चलते काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। लेकिन जबसे क्लब से जुड़े तो क्लब ने हर सुविधा मुहैया करवाई।
खिलाड़ी राकेश और विजय दोनों ने 2017 में नेपाल के पोखरा में आयोजित यूथ रूरल टूर्नामेंट में हैंडबॉल में अपना दम दिखाया और दोनों ने अपने नाम गोल्ड मेडल किया। दोनों खिलाड़ी बताते है कि उन्होंने क्लब की तरफ से ही हर बार खेला है। क्लब की तरफ से ही खिलाड़ियों को कोच दिया गया हैं। जो खिलाड़ियों को सुबह और शाम अभ्यास करवाते हैं।