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पहले दिन 20 फीसदी रही विद्यार्थियों की उपस्थिति, कोरोना नियमों की उड़ीं धज्जियां
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बरामदे में बिना मास्क दरी पर बैठकर पढ़ाई करते विद्यार्थी।
- फोटो : Sirsa
सिरसा। कोरोना महामारी पर नियंत्रण होने के बाद शिक्षा विभाग के आदेश पर बुधवार से चौथी और पांचवीं कक्षा के विद्यार्थियों को भी स्कूल बुलाया गया। लेकिन शिक्षा विभाग की ओर से जारी की गई नियमों की पहले ही दिन धज्जियां उड़ी। यहां एक ओर स्कूल में सैनिटाइजर का प्रबंध नजर नहीं आया, वहीं दूसरी ओर विद्यार्थी बिना मास्क के ही कक्षाओं में बैठे नजर आए। सामाजिक दूरी नियम की भी अवहेलना की गई और ग्रुप बनाकर विद्यार्थी बैठे नजर आए। पहले दिन जिलेभर के स्कूलों में महज 20 फीसदी विद्यार्थियों की उपस्थिति संख्या रही। पहले दिन राजकीय विद्यालयों में नियमों की खूब धज्जियां उड़ी। अधिकारियों ने निरीक्षण भी नहीं किया। विद्यार्थी अभिभावकों द्वारा सहमति पत्र लिए बिना ही स्कूल पहुंचे। कक्षा के दौरान विद्यार्थी एक दूसरे के संपर्क में आ रहे थे और साथ ही एक ही टोंटी से विद्यार्थी पानी पीते नजर आए।
एक साथ बैठे बच्चे, नहीं पहने थे मास्क
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डिंग, मौजूखेड़ा और भावदीन में चौथी-पांचवी कक्षा के विद्यार्थियों के साथ उनके छोटे भाई-बहन भी आ गए। खास बात ये रही कि स्कूल में भी बिना किसी रोकटोक के उन्हें एंट्री दे दी गई और साथ बैठने दिया गया। कक्षा में बैठे बच्चों के चेहरे पर मास्क भी नहीं थे। कक्षा के दौरान विद्यार्थी एक दूसरे के संपर्क में आ रहे हैं। लेकिन कक्षा में सैनिटाइजर करने के लिए कोई प्रबंध नजर नहीं आया। स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों के पास अभी तक किताबें नहीं है, जिसके कारण उन्हे अब कक्षा आधी अधूरी किताबों के साथ पढ़ना पड़ रहा है। बता दें कि जिले के चौथी व पांचवी के 28 हजार 217 विद्यार्थी रोस्टर नियम के तहत कक्षाएं लगाने के लिए स्कूल आ सकेंगे।
पहले दिन स्कूलों में ये भी मिली खामियां
एक बैंच पर दो बैठे नजर आए विद्यार्थी तो कही दरी पर लगी कक्षाएं
डिंग रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में अव्यवस्था रही। एक बैंच पर केवल एक विद्यार्थी को बैठाने के आदेश थे, इसलिए बैंच कम पड़ गए। ऐसे में बैंच कम होने के चलते विद्यार्थियों को जमीन पर चटाई पर बैठना पड़ा। इसके अलावा बैंचों की संख्या कम होने के चलते एक ही बैंच पर दो-दो विद्यार्थियों को बिठा कर पढ़ाई करवाई जा रही थी।
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विद्यार्थी नहीं लेकर पहुंचे सहमति पत्र
भावदीन स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बिना अभिभावकों के सहमति पत्र के एंट्री दे दी गई। स्कूल स्टाफ सदस्यों ने पढ़ाई शुरू करवा दी। यहां विद्यार्थी ग्रुप बनाकर भी बैठे नजर आए। इस दौरान कक्षा अध्यापकों ने विद्यार्थियों को बोर्ड पर पत्र लिखवाया और अभिभावकों के हस्ताक्षर करवाकर लाने को कहा। इसके अलावा स्कूल में पढ़ने वाले छोटे भाई बहन भी उनके साथ स्कूल पहुंचे।
गेट पर तापमान जांचा लेकिन कक्षा में सैनिटाइजर का प्रबंध नहीं
गांव मौजूखेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों के प्रवेश के दौरान तापमान जांच कर रिकार्ड को पोर्टल पर दर्ज किया गया लेकिन कक्षा के दौरान विद्यार्थियों के हाथों को सैनिटाइज करने का कोई प्रबंध नहीं था। विद्यार्थियों को कक्षा में खाना तो नहीं खाने दिया, लेकिन स्कूल में लगी टोंटी से पानी पीते नजर आए।
छोटे बच्चे संक्रमण की चपेट में न आए, इसलिए स्कूल मुखियाओं को कक्षाएं सैनिटाइज करने, तापमान जांच व सैनिटाइजर प्रयोग के आदेश दिए हुए हैं।
-आत्म प्रकाश मेहरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सिरसा
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एक साथ बैठे बच्चे, नहीं पहने थे मास्क
राजकीय प्राथमिक विद्यालय डिंग, मौजूखेड़ा और भावदीन में चौथी-पांचवी कक्षा के विद्यार्थियों के साथ उनके छोटे भाई-बहन भी आ गए। खास बात ये रही कि स्कूल में भी बिना किसी रोकटोक के उन्हें एंट्री दे दी गई और साथ बैठने दिया गया। कक्षा में बैठे बच्चों के चेहरे पर मास्क भी नहीं थे। कक्षा के दौरान विद्यार्थी एक दूसरे के संपर्क में आ रहे हैं। लेकिन कक्षा में सैनिटाइजर करने के लिए कोई प्रबंध नजर नहीं आया। स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों के पास अभी तक किताबें नहीं है, जिसके कारण उन्हे अब कक्षा आधी अधूरी किताबों के साथ पढ़ना पड़ रहा है। बता दें कि जिले के चौथी व पांचवी के 28 हजार 217 विद्यार्थी रोस्टर नियम के तहत कक्षाएं लगाने के लिए स्कूल आ सकेंगे।
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पहले दिन स्कूलों में ये भी मिली खामियां
एक बैंच पर दो बैठे नजर आए विद्यार्थी तो कही दरी पर लगी कक्षाएं
डिंग रोड स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में अव्यवस्था रही। एक बैंच पर केवल एक विद्यार्थी को बैठाने के आदेश थे, इसलिए बैंच कम पड़ गए। ऐसे में बैंच कम होने के चलते विद्यार्थियों को जमीन पर चटाई पर बैठना पड़ा। इसके अलावा बैंचों की संख्या कम होने के चलते एक ही बैंच पर दो-दो विद्यार्थियों को बिठा कर पढ़ाई करवाई जा रही थी।
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विद्यार्थी नहीं लेकर पहुंचे सहमति पत्र
भावदीन स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय में बिना अभिभावकों के सहमति पत्र के एंट्री दे दी गई। स्कूल स्टाफ सदस्यों ने पढ़ाई शुरू करवा दी। यहां विद्यार्थी ग्रुप बनाकर भी बैठे नजर आए। इस दौरान कक्षा अध्यापकों ने विद्यार्थियों को बोर्ड पर पत्र लिखवाया और अभिभावकों के हस्ताक्षर करवाकर लाने को कहा। इसके अलावा स्कूल में पढ़ने वाले छोटे भाई बहन भी उनके साथ स्कूल पहुंचे।
गेट पर तापमान जांचा लेकिन कक्षा में सैनिटाइजर का प्रबंध नहीं
गांव मौजूखेड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय में स्कूल पहुंचे विद्यार्थियों के प्रवेश के दौरान तापमान जांच कर रिकार्ड को पोर्टल पर दर्ज किया गया लेकिन कक्षा के दौरान विद्यार्थियों के हाथों को सैनिटाइज करने का कोई प्रबंध नहीं था। विद्यार्थियों को कक्षा में खाना तो नहीं खाने दिया, लेकिन स्कूल में लगी टोंटी से पानी पीते नजर आए।
छोटे बच्चे संक्रमण की चपेट में न आए, इसलिए स्कूल मुखियाओं को कक्षाएं सैनिटाइज करने, तापमान जांच व सैनिटाइजर प्रयोग के आदेश दिए हुए हैं।
-आत्म प्रकाश मेहरा, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी सिरसा

कक्षा में एक ही बैंच पर बैठे दो-दो बच्चे। संवाद- फोटो : Sirsa