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धुंध में ट्रेने एक से दो घंटा हुई लेट
Updated Mon, 29 Jan 2018 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
सिरसा। जिले में रविवार सुबह घनी धुंध में वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे का असर रेलगाड़ियों की रफ्तार पर पड़ा। कई गाड़ियां अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंची, जिससे यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। लोग कड़ाके की ठंड में कंपकंपाते रहे।
पिछले दिनों हुई बारिश से रविवार को करीब 11 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलटी बिलकुल ही कम हो गई। उसके बाद कुछ देर के लिए धूप निकली जिससे लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन चार बजे के बाद फिर से ठंड बढ़ने लगी। रबी की फसल गेहूं, सरसों, चना और जौ की फसल के लिए धुंध फायदेमंद साबित हो रही है, जिससे किसान राहत महसूस कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए धुंध जरूरी होती है। तथा पिछले दिनों तापमान में बढ़ोतरी के कारण फसल पर विपरीत असर पड़ रहा था। अब गेहूं, सरसों, चना और जौ की फसल का उत्पादन बढ़ जाएगा। उधर सड़कों पर सुबह कोहरा छाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रविवार को छुट्टी होने के कारण नौकरी पेशा और स्कूली बच्चों ने राहत की सांस ली।
रेलगाड़ियां लेट होने से यात्री हो रहे परेशान
सिरसा से गुजरने वाली रेलगाड़ियों के देरी से पहुंचने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोग गाड़ियों के इंतजार में कड़कड़ाती ठंड में स्टेशन पर इंतजार करते रहे। श्रीगंगानगर से रेवाड़ी जाने वाली रेलगाड़ी एक घंटा 45 मिनट लेट हुई। किसान एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 40 मिनट देरी से पहुंची। सिरसा से धुरी जाने वाली रेलगाड़ी एक घंटा 25 मिनट देरी से आई। रेवाड़ी फाजिल्का रेलगाड़ी दो घंटा 05 मिनट, रेवाड़ी से बठिंडा जाने वाली रेल गाड़ी दो घंटे 35 मिनट लेट आई।
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सिरसा। जिले में रविवार सुबह घनी धुंध में वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। कोहरे का असर रेलगाड़ियों की रफ्तार पर पड़ा। कई गाड़ियां अपने निर्धारित समय से देरी से पहुंची, जिससे यात्रियों को घंटों स्टेशन पर इंतजार करना पड़ा। लोग कड़ाके की ठंड में कंपकंपाते रहे।
पिछले दिनों हुई बारिश से रविवार को करीब 11 बजे तक घना कोहरा छाया रहा, जिससे विजिबिलटी बिलकुल ही कम हो गई। उसके बाद कुछ देर के लिए धूप निकली जिससे लोगों को सर्दी से थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन चार बजे के बाद फिर से ठंड बढ़ने लगी। रबी की फसल गेहूं, सरसों, चना और जौ की फसल के लिए धुंध फायदेमंद साबित हो रही है, जिससे किसान राहत महसूस कर रहे हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि गेहूं की फसल के लिए धुंध जरूरी होती है। तथा पिछले दिनों तापमान में बढ़ोतरी के कारण फसल पर विपरीत असर पड़ रहा था। अब गेहूं, सरसों, चना और जौ की फसल का उत्पादन बढ़ जाएगा। उधर सड़कों पर सुबह कोहरा छाने से वाहन चालकों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। रविवार को छुट्टी होने के कारण नौकरी पेशा और स्कूली बच्चों ने राहत की सांस ली।
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रेलगाड़ियां लेट होने से यात्री हो रहे परेशान
सिरसा से गुजरने वाली रेलगाड़ियों के देरी से पहुंचने के कारण यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए काफी परेशानी उठानी पड़ी। लोग गाड़ियों के इंतजार में कड़कड़ाती ठंड में स्टेशन पर इंतजार करते रहे। श्रीगंगानगर से रेवाड़ी जाने वाली रेलगाड़ी एक घंटा 45 मिनट लेट हुई। किसान एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय से 40 मिनट देरी से पहुंची। सिरसा से धुरी जाने वाली रेलगाड़ी एक घंटा 25 मिनट देरी से आई। रेवाड़ी फाजिल्का रेलगाड़ी दो घंटा 05 मिनट, रेवाड़ी से बठिंडा जाने वाली रेल गाड़ी दो घंटे 35 मिनट लेट आई।
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