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2007 से नहीं है सीडीएलयू के पास बीपीएड और डीपीएड कोर्स की मान्यता, एनसीटीई में 6 व 7 सितंबर को जाएगी सीडीएलयू की कमेटी, कमेटी मे

Wed, 29 Aug 2018 12:47 AM IST
Updated Wed, 29 Aug 2018 12:47 AM IST
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2007 से नहीं है सीडीएलयू के पास बीपीएड और डीपीएड कोर्स की मान्यता, एनसीटीई में 6 व 7 सितंबर को जाएगी सीडीएलयू की कमेटी, कमेटी मे
अमर उजाला ब्यूरो
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सिरसा। सीडीएलयू में मंगलवार को बीपीएड और डीपीएड कोर्स की मान्यता न मिलने को लेकर छात्रों ने वीसी कार्यालय का घेराव कर लिया। छात्रों ने करीब तीन घंटे तक वीसी कार्यालय के अंदर प्रदर्शन किया। छात्र वीसी को धरने पर बुलाने की मांग करते रहे। जबकि वीसी उन्हें बातचीत के लिए अंदर बुलाते रहे। वीसी आए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला। दोपहर बाद छात्रों ने इस शर्त पर धरना समाप्त किया कि 6 व सात सिंतबर को सीडीएलयू की एक कमेटी एनसीटीई में जाकर मान्यता को लेकर बैठक करेगी।
फिजिकल विभाग के बीपीएड और डीपीएड कोर्स वर्ष 2007 में शुरू हुआ था। लेकिन मान्यता नहीं मिली। पिछले वर्ष सीडीएलयू ने मान्यता के लिए आवेदन किया। लेकिन एनसीटीई ने मान्यता नहीं दी। इसके विरोध में छात्र वीसी कार्यालय का घेराव करने के लिए पहुंचे। सिक्योरिटी ने इसकी सूचना चीफ सिक्योरिटी ऑफिसर हिम्मत सिंह को दी। उन्होंने एडम ब्लॉक के दरवाजे बंद करने के लिए कहा। लेकिन जब तक सिक्योरिटी गार्ड दरवाजे पर पहुंचे तो छात्र गेट पर आ खड़े हुए। गार्ड ने ताला लगाने का प्रयास किया। लेकिन छात्रों ने कहा कि वे इस गेट से ही अंदर जाएंगे। छात्रों और सिक्योरिटी गार्ड में बहस होती रही। सिक्योरिटी गार्ड को पीछे धकेल कर छात्र नेता जगसीर मान और संजय अंदर घुस गए। तब बाकी छात्र भी गेट खोलकर एडम ब्लॉक के अंदर आ गए और वीसी कार्यालय के हाल में पहुंच गए। वीसी के खिलाफ नारेबाजी करने लग गए। छात्र नेता जगसीर मान, अनिल कसवां, संजय, जगदीप ने कहा कि वे पिछले कई दिनों से बीपीएड कोर्स की मान्यता दिलाने के लिए सीडीएलयू के चक्कर काट रहे हैं। एनसीटीई ने बीपीएड और डीपीएड कोर्स को मान्यता नहीं दी। जिस कारण सीडीएलयू के चार छात्र दिल्ली स्कूल शिक्षा बोर्ड में नौकरी ज्वाइन नहीं कर पा रहे। छात्र वीसी को कार्यालय के बाहर हॉल में आकर बातचीत करने की मांग पर अड़ गए। वीसी विजय कायत ने सभी छात्रों को बातचीत के लिए अंदर बुलाया। लेकिन वे नहीं माने। करीब एक घंटे तक छात्र बाहर बैठकर नारेबाजी करते रहे। तब पुलिस को बुलाया गया। चेयरपर्सन मोनिका वर्मा भी वीसी कार्यालय आ गईं। उन्होंने मान्यता से संबंधित फाइलें भी मंगवा ली।
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वीसी ने कहा कमेटी का गठन किया, एनसीटीई से मिलने के लिए समय मांगा
वीसी विजय कायत करीब साढ़े 12 बजे बाहर आए। उन्होंने कहा कि बीपीएड और डीपीएड कोर्स की मान्यता के लिए दो बार एनसीटीई से बात की है। कमेटी का गठन किया गया। चेयरपर्सन के साथ दो स्टूडेंट्स एनसीटीई जाएंगे। उन्होंने सारी फाइल तैयार करवा दी है। लेकिन छात्र उनके इस कथन से संतुष्ट नहीं हुए। वीसी ने कहा कि जब से वे इस विश्वविद्यालय में आए हैं, उन्होंने ही मान्यता के लिए फाइल चलाई है। लेकिन कुछ छात्र उनकी बात नहीं सुन रहे थे। इस व्यवहार से नाराज वीसी वापस जाने लगे। लेकिन अन्य स्टाफ के कहने पर रुक गए और वीसी ने कहा कि वे पूरे मामले को लेकर लगातार प्रयास कर रहे हैं। कमेटी में छात्रों को शामिल कर रहे हैं, ताकि आपके मन में किसी भी प्रकार की शंका न रहे। इसके बाद वीसी वापस अपने कार्यालय में चले गए। तब कार्यकारी रजिस्ट्रार मनोज सिवाच आ गए। उन्होंने भी छात्रों को समझाया कि धरना प्रदर्शन इसका समाधान नहीं है। लंच के बाद बैठकर वार्ता करने पर राजी किया।
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6 व 7 सिंतबर को जाएगी एनसीटीई में सीडीएलयू की टीम
दोपहर बाद सीडीएलयू के छात्र जगसीर मान, अनिल कसंवा, संजय, गुरपिंदर ने वीसी के साथ बैठक की। तब फैसला लिया गया कि रजिस्ट्रार राजकुमार सिवाच, फिजिकल विभाग की चेयरपर्सन मोनिका वर्मा और फिजिकल विभाग के दो छात्र एनसीटीई में जाकर मान्यता को लेकर चर्चा करेंगे। हालांकि छात्रों ने कहा कि 6 व 7 सितंबर तक फिजिकल विभाग के बीपीएड और डीपीएड के छात्र न तो ग्राउंड में प्रेक्टिस करेंगे और न ही कक्षाएं अटेंडेंट करेंगे।
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