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सरसों की बिक्री न होने पर किसानों ने जताया रोष

Tue, 16 Apr 2019 11:59 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 16 Apr 2019 11:59 PM IST
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सरसों की बिक्री न होने पर किसानों ने जताया रोष
सरसों की बिक्री न होने पर किसानों ने जताया रोष
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ओढां। हैफेड के हेंडलिंग एजेंटो द्वारा सरसों के उठान न किए जाने जाने के बाद किसानों को सरसों की सफाई, लोडिंग व मजदूरों का इंतजाम तक स्वयं करने को विवश होना पड़ रहा है। इससे नाराज किसानों ने मंगलवार को रोष जताया और मंडी मेें व्यवस्था का जायजा लेने के लिए पहुंचे किसान नेता विकल पचार को अपनी समस्या बताई। जिसके बाद पचार ने उच्चाधिकारियों से बातचीत करते हुए किसानों को आश्वस्त किया कि उनके साथ किसी तरह की बेइंसाफी नहीं होने दी जाएगी। वहीं सूचना के बाद डीएमओ सतपाल संधू ने मौके पर पहुंचकर दो हेंडलिंग एजेंटों के लाइसेंस रद्द करने के आदेश दिए और पांच नए हेंडलिंग एजेंट बना दिए गए।

नुहियांवाली के किसान बलविंद्र यादव, राजेंद्र नेहरा, मनीराम ज्याणी, भाला राम, राजेंद्र कुमार, राजपाल सुमरा, चोरमार के राजा सिंह, परमजीत सिंह, गुरप्यार सिंह सहित अन्या गांवों के किसानों ने किसान नेता को अवगत करवाया कि मंडी में व्यवस्था के नाम पर कुछ भी नहीं है। न ही सरसों की तुलाई हो रही और न ही उठान हो पा रहा। उन्होंने कहा कि वे पिछले तीन, चार दिनों से मंडी में डेरा डाले हुए है, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि तुलाई के साथ-साथ नमी का कम ज्यादा होना उन्हें और परेशानी में डाल रहा है। किसानों ने बताया कि मंडी में तीन हेंडलिंग एजेंट थे। उन्होंने तोल और उठान में हाथ खड़े कर दिए है। ऐसे में सभी व्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होकर रह गई है। किसानों के अनुसार इस व्यवस्था से निपटने के लिए उन्होंने सोमवार को अपने स्तर पर 40 बाहरी मजदूर बुलाए थे। जिनका खाने तक का इंतजाम उन्होंने स्वयं किया था। किसानों ने आरोप लगाया कि आढ़ती की मार्फत आने वाली सरसों को शैड के नीचे जगह दी जा रही है। लेकिन अन्य किसानों की बाहर ढेरियां लगवाई जा रही हैं। चोरमार के किसान राजा सिंह ने बताया कि वह पिछले 4 दिन से मंडी में सरसों बेचने के लिए बैठा है। उसकी फसल का उसे टोकन भी मिल चुका है, लेकिन फिर भी तुलाई नहीं हो रही। किसान ने बताया कि सोमवार रात्रि हुई बरसात से उसकी सरसों भीग गई। जिसके चलते उसे कहा गया है कि गीली सरसों नहीं ली जाएगी। जिस पर उसने सरसों को वापिस ट्राली में भर लिया। किसान राजा सिंह को आश्वस्त करते हुए किसान नेता विकल पचार ने कहा कि वह सरसों को वापिस ट्राली से उतार ले क्योंकि जब रेट पास हो चुका है, तो इसके बाद की जिम्मेवारी किसान की नहीं है।
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