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Rohtak: सिंचाई विभाग के झगड़े में पिस रही जनता, ग्रामीणों ने किया हंगामा, किसानों के काम हो रहे प्रभावित
Thu, 22 Sep 2022 01:36 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, रोहतक (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 22 Sep 2022 01:36 AM IST
सार
डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने एक्सईएन पर प्रताड़ित करने और कमरे पर ताला लगाने का आरोप लगाया है। झगड़े के चलते किसानों को न तो नहरी पानी मिल पा रहा है और न ही उनके दूसरे काम हो पा रहे हैं।
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सिंचाई विभाग में एसई दिनेश राठी के सामने अपनी समस्या बताता किसान साथ में नवीन जय हिंद।
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
रोहतक में सिंचाई विभाग की आपसी लड़ाई में जनता पिसने के लिए मजबूर है। विभागीय झगड़े के चलते किसानों को न तो नहरी पानी मिल पा रहा है और न ही उनके दूसरे काम हो पा रहे हैं। इससे आहत किसानों ने बुधवार को नवीन जयहिंद के साथ सिंचाई विभाग के कार्यालय पर ताला जड़ दिया। किसानों के काम नहीं होने को लेकर यहां काफी देर हंगामा हुआ।
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डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ने एक्सईएन पर प्रताड़ित करने व कमरे पर ताला लगाने का आरोप लगाया है तो एक्सईएन ने डिप्टी सुपरिंटेंडेंट पर बात नहीं सुनने व काम नहीं करने का आरोप लगाने के साथ इस संबंध में एसई व अन्य अधिकारियों को शिकायत देने का दावा किया है। उनका कहना है कि छह दिन पहले लिखी गई चिट्ठी पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है।
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बुधवार को गढ़ी निवासी पूर्व सैनिक प्रदीप सिंचाई विभाग पहुंचे। नवीन जयहिंद व कुछ ग्रामीण भी उनके साथ थे। यहां अपनी समस्या लेकर पहुंचे ग्रामीणों को कार्यालय पर ताला लगा मिला। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट बाहर कुर्सी पर बैठे मिले। ग्रामीणों को कार्यालय पर ताला लगा कर्मचारी के बाहर बैठे होने का पता लगा तो वे बिफर पड़े। ग्रामीणों ने कहा कि वे कई-कई दिनों से अपने काम के लिए घूम रहे हैं।
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इसके बावजूद समाधान नहीं हो रहा है। किसान परेशान हैं। कर्मचारी कार्यालयों के बाहर कुर्सी डाले बैठे हैं। किसानों के हंगामे की जानकारी मिलते ही विभाग के कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। मामले की सूचना एसई तक पहुंची तो वे मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया।
प्रदर्शनकारियों व एसई के बीच तीखी नोकझोंक हुई। यही नहीं नवीन जयहिंद ने अपना परना एक्सईएन के कार्यालय के बाहर लपेटते हुए कहा कि हमने भी यहां ताला लगा दिया है। जब तक लोगों की समस्याओं का समाधान नहीं होता, ताला नहीं खुलेगा।
प्रदर्शनकारी गढ़ी निवासी पूर्व सैनिक प्रदीप ने कहा कि विभाग में किसान की बात नहीं सुनी जा रही है। विभाग के कार्यालय में आने पर भी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है। पिछले चार साल से खेत में पुलिया बनाने का काम अटका हुआ है। इस बारे में कई बार आग्रह किया जा चुका है।
एक्सईएन पर लगाए गंभीर आरोप
मेरा तबादला तीन माह पहले ही यहां हुआ है। यहां समय से आ रहा हूं। अपना काम भी कर रहा हूं। इसके बावजूद अधिकारी प्रताड़ित करते हैं। कर्मचारियों को शनिवार व रविवार को अवकाश के दिन भी बगैर किसी काम के कार्यालय बुलाते हैं। नहीं आने पर अनुपस्थिति दर्ज कराते हैं। कार्यालय आने पर काम नहीं होने की बात कह कर वापस भेज देते हैं। यही नहीं, एससी-एसटी एक्ट की धमकी दी जाती है। एसई के खिलाफ भी एससी-एसटी की शिकायत दी हुई है। मुझे भी तीन दिन से कार्यालय के बाहर बैठना पड़ रहा है। -राजेश मलिक, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट, सिंचाई विभाग।
यह पूरा मामला पूर्व नियोजित था। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट को स्पेयर किया गया है। वह न तो काम करता है न ही फोन उठाता है। अपने सीनियर के संदेश का जवाब नहीं देता है। ऐसे कर्मचारी की मुझे जरूरत ही नहीं है। इसके काम नहीं करने के कारण कार्यालय में ढेर सारा काम पेंडिंग है। इसलिए एसई व मुख्यालय को भी 15 सितंबर को पत्र लिखा है। इस पर अब तक कहीं से कोई जवाब नहीं आया है। कार्यालय में 1700 कर्मचारियों की सर्विस बुक रखी हैं। इसलिए कार्यालय पर ताला लगाया गया है। कर्मचारी को भी पहले नोटिस दिए गए हैं। इसके बाद ही कार्रवाई का कदम उठाया गया। एससी-एसटी का मामला केवल एसई के खिलाफ है। इसमें सुनवाई चल रही है। मैं गलत हूं तो आयोग मुझ पर कार्रवाई करेगा। -रामनिवास, एक्सईएन, सिंचाई विभाग।