{"_id":"734e05faf5f7bce4de7f9fe73d9c6619","slug":"vaish-society-matter-salary-cut-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"अब वैश्य सोसायटी ऑफिस के कर्मियों को दिया झटका, काटी तनख्वाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अब वैश्य सोसायटी ऑफिस के कर्मियों को दिया झटका, काटी तनख्वाह
ब्यूरो/अमर उजाला, रोहतक
Updated Sun, 20 Dec 2015 01:57 AM IST
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वैश्य संस्था से कर्मचारियों को निकालने के बाद अब बाकी बचे कर्मियों पर गाज गिरनी शुरू हो गई है।
सोसायटी ऑफिस में तैनात क्लर्क समेत कई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तनख्वाह से दो-दो हजार रुपये काट लिए गए।
खास बात यह है कि कर्मचारियों की तनख्वाह में से केवल इतना ही भाग काटा गया है जो पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के कार्यकाल में आईआर (एंटी रिलीफ) के तहत तनख्वाह में जोड़ा गया था।
यूं तो वैश्य संस्था अक्सर किसी न किसी विवाद को लेकर सुर्खियों में रहती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से मचे हड़कंप ने संस्था की नीव हिला दी है।
पहले 50 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा गया और अब बाकी बचे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। इस बार कर्मचारियों को नौकरी से तो नहीं निकाला गया, लेकिन उनकी तनख्वाह से दो-दो हजार रुपये काट लिए गए हैं।
दरअसल, सोसायटी ऑफिस के क्लर्क और आधा दर्जन से अधिक अन्य कर्मचारियों के खाते में शनिवार को उनकी तनख्वाह भेजी गई, जिसके बाद कर्मचारियों को तनख्वाह कटने का पता चला। उन्होंने सोसायटी ऑफिस में पता किया तो बताया गया कि सभी की तनख्वाह में से कई वर्ष पहले जोड़ा गया आईआर (एंटी रिलीफ) काटा गया है। बता दें कि पूर्व सीएम हुड्डा ने कर्मचारियों के हितों को देखते हुए उनकी तनख्वाह में यह आईआर बढ़ाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद तत्कालीन प्रशासक विकास गुप्ता ने दो-दो हजार रुपये बढ़ा दिए थे। तनख्वाह कटने के बाद कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी है कि आखिर अब करें भी तो क्या करें?
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2012-15 तक कंपनसेटिव लीव लेने वालों की भी कटेगी तनख्वाह
संस्था के स्कूल-कॉलेजों के कर्मचारियों की सैलरी पर बिना किसी नियम या आधार के कैंची चलाई जा रही है। वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज को भी सोसायटी कार्यालय की तरफ से नोटिस जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि 2012 से 2015 की अवधि में कंपनसेटिव लीव लेने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह काटी जाएगी। इसमें करीब 150 कर्मचारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
यह होती है कंपनसेटिव लीव
अवकाश के दिन स्कूल-कॉलेज में जरूरी कामकाज होने पर कर्मचारियों को बुला लिया जाता है। इसके बाद प्राचार्य की अनुमति लेकर वह कर्मचारी किसी और दिन उस अवकाश रख सकता है।
यह बोले सुपरिटेंडेंट
सोसायटी के सुपरिटेंडेंट विनोद गोयल ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर सभी की आईआर काटी गई है। इसमें किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया।
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सोसायटी ऑफिस में तैनात क्लर्क समेत कई चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की तनख्वाह से दो-दो हजार रुपये काट लिए गए।
खास बात यह है कि कर्मचारियों की तनख्वाह में से केवल इतना ही भाग काटा गया है जो पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा के कार्यकाल में आईआर (एंटी रिलीफ) के तहत तनख्वाह में जोड़ा गया था।
यूं तो वैश्य संस्था अक्सर किसी न किसी विवाद को लेकर सुर्खियों में रहती है। लेकिन पिछले कुछ दिनों से मचे हड़कंप ने संस्था की नीव हिला दी है।
पहले 50 से अधिक कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा गया और अब बाकी बचे कर्मचारियों को निशाना बनाया जा रहा है। इस बार कर्मचारियों को नौकरी से तो नहीं निकाला गया, लेकिन उनकी तनख्वाह से दो-दो हजार रुपये काट लिए गए हैं।
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दरअसल, सोसायटी ऑफिस के क्लर्क और आधा दर्जन से अधिक अन्य कर्मचारियों के खाते में शनिवार को उनकी तनख्वाह भेजी गई, जिसके बाद कर्मचारियों को तनख्वाह कटने का पता चला। उन्होंने सोसायटी ऑफिस में पता किया तो बताया गया कि सभी की तनख्वाह में से कई वर्ष पहले जोड़ा गया आईआर (एंटी रिलीफ) काटा गया है। बता दें कि पूर्व सीएम हुड्डा ने कर्मचारियों के हितों को देखते हुए उनकी तनख्वाह में यह आईआर बढ़ाने के निर्देश दिए थे, जिसके बाद तत्कालीन प्रशासक विकास गुप्ता ने दो-दो हजार रुपये बढ़ा दिए थे। तनख्वाह कटने के बाद कर्मचारियों में असमंजस की स्थिति बनी है कि आखिर अब करें भी तो क्या करें?
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2012-15 तक कंपनसेटिव लीव लेने वालों की भी कटेगी तनख्वाह
संस्था के स्कूल-कॉलेजों के कर्मचारियों की सैलरी पर बिना किसी नियम या आधार के कैंची चलाई जा रही है। वैश्य इंजीनियरिंग कॉलेज को भी सोसायटी कार्यालय की तरफ से नोटिस जारी किया गया है, जिसमें बताया गया है कि 2012 से 2015 की अवधि में कंपनसेटिव लीव लेने वाले कर्मचारियों की तनख्वाह काटी जाएगी। इसमें करीब 150 कर्मचारियों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।
यह होती है कंपनसेटिव लीव
अवकाश के दिन स्कूल-कॉलेज में जरूरी कामकाज होने पर कर्मचारियों को बुला लिया जाता है। इसके बाद प्राचार्य की अनुमति लेकर वह कर्मचारी किसी और दिन उस अवकाश रख सकता है।
यह बोले सुपरिटेंडेंट
सोसायटी के सुपरिटेंडेंट विनोद गोयल ने बताया कि उच्च अधिकारियों के आदेश पर सभी की आईआर काटी गई है। इसमें किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया गया।