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Rohtak News: विश्वविद्यालयों और कॉलेजों को अब नहीं मिलेगी नैक ग्रेड की मान्यता

Sun, 28 Jan 2024 12:44 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 28 Jan 2024 12:44 AM IST
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Universities and colleges will no longer get recognition of NAAC grades
नई दिल्ली। अब कोई भी विश्वविद्यालय और कॉलेज दाखिले के नाम पर छात्रों को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) ए और नैक ए प्लस मान्यता के नाम पर धोखा नहीं दे पाएंगे। केंद्र सरकार ने शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए नैक की मान्यता से ग्रेड सिस्टम को ही समाप्त कर दिया है। शैक्षणिक सत्र 2024-25 से नैक मान्यता देने के नियमों में दो तरह से बदलाव कर रहा है। अब कॉलेजों को सिर्फ मान्यता है या नहीं का दर्जा लिखा हुआ मिलेगा। इसके अलावा आईआईटी, आईआईएम, जेएनयू, डीयू जैसे दिग्गज संस्थानों को नैक का एक से पांच लेवल लेने के लिए दोबारा आवेदन करना होगा।
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शनिवार को एग्जीक्यूटिव समिति की बैठक में नैक मान्यता देने के नियमों में बदलाव पर फैसला लिया गया। नए नियमों के तहत अब तीन साल के लिए नैक टीम जांच के बाद कॉलेज को सिर्फ मान्यता है या नहीं लिखकर देगी। वहीं, नैक के लेवल का दर्जा पाने के लिए अलग-अलग मानक तैयार किए गए हैं। यह पूरी तरह से गुणवत्ता युक्त शिक्षा के आधार पर दिया जाएगा। ग्रामीण और दूरदराज के उच्च शिक्षण संस्थानों को भी तबज्जो मिलेगी।
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एक क्लिक में मिलेगी शिक्षण संस्थानों की जानकारी

वन नेशन-वन डाटा पोर्टल दिसंबर 2024 से पूरी तरह काम करना शुरू कर देगा। इसमें उच्च शिक्षा से लेकर स्कूली शिक्षा को भी शामिल किया जा रहा है। राज्य सरकार स्कूली शिक्षा के पूरे आंकड़े शिक्षा मंत्रालय को भेज रहा है। जबकि राज्य सरकारों के विश्वविद्यालय, आईआईटी, एनआईटी, आईआईएम, आईआईएसईआर,आईआईएससी, मेडिकल सहित अन्य तकनीकी कॉलेज सीधे वन नेशन-वन डाटा पोर्टल के लिए अपनी-अपनी मान्यता देने वाली संस्थानों के पास जानकारी भेजेंगे। इससे शिक्षा मंत्रालय से लेकर अंतरराष्ट्रीय रैंकिंग देने वाली संस्थाओं को में आंकड़े जुटाने में मदद मिलेगी।
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आईआईएम और आईआईटी भी दायरे से जुड़े
अभी तक आईआईटी और आईआईएम नैक के दायरे से बाहर थे। लेकिन नए नियमों में उन्हें भी जोड़ा जा रहा है। हालांकि स्वायत्त संस्थान होने के कारण अभी आईआईटी काउंसिल और आईआईएम इस पर अपनी आखिरी राय देंगे। इन्हें दायरे में लाने का मकसद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत के सभी संस्थानों को एक साथ लाना है।
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