{"_id":"698e332bd0e3e64afa099f8b","slug":"two-day-programme-on-maharishi-dayanand-saraswati-jayanti-inaugurated-at-mdu-rohtak-news-c-17-roh1020-809637-2026-02-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Rohtak News: एमडीयू में महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Rohtak News: एमडीयू में महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर दो दिवसीय कार्यक्रम का शुभारंभ
विज्ञापन
26-एमडीयू में महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती पर प्रदर्शनी का अवलोकन करते हुए डॉ. शरणजीत कौर व अन्
रोहतक। एमडीयू में महर्षि दयानंद सरस्वती की जयंती के उपलक्ष्य में महर्षि दयानंद एवं वैदिक अध्ययन केंद्र के तत्वावधान में दो दिवसीय कार्यक्रम का वीरवार को शुभारंभ हुआ। इस दौरान शिक्षकों, शोधार्थियों व विद्यार्थियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही।
कार्यक्रम का आरंभ मातू राम यज्ञशाला में वैदिक यज्ञ से हुआ। विश्ववारा कन्या गुरुकुल महाविद्यालय, रुड़की की आचार्या सुकामा और डॉ. शरणजीत कौर उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि महर्षि दयानंद आधुनिक भारत के महान समाज सुधारक थे जिन्होंने सत्य, शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया।
यज्ञशाला से महर्षि दयानंद सरस्वती चौक होते हुए टैगोर सभागार तक शोभायात्रा निकाली गई। डॉ. शरणजीत कौर ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें महर्षि दयानंद के जीवन, विचारों और सामाजिक सुधार आंदोलनों को चित्रों व दस्तावेजों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने वैदिक अध्ययन की वैश्विक आवश्यकता और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं सांस्कृतिक संध्या में संगीत, भजन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों प्रस्तुत की गई।
एमडीयू के छात्र कल्याण विभाग की ओर से पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता टैगोर परिसर में हुई। प्रतियोगिता में विजुअल आर्ट्स विभाग के आयुष ने प्रथम, मनोविज्ञान विभाग के रोहित ने द्वितीय और फार्मेसी साइंस विभाग की दीक्षा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जेनेटिक्स विभाग की उपासना और विजुअल आर्ट्स विभाग की स्नेह को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम में एमडीयू के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी, संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी, एनएसएस और वाईआरसी वॉलंटियर्स, गुरुकुल के आचार्य, छात्र छात्राएं, शहर के प्रबुद्धजन और शिक्षाविद शामिल हुए।
विज्ञापन
कार्यक्रम का आरंभ मातू राम यज्ञशाला में वैदिक यज्ञ से हुआ। विश्ववारा कन्या गुरुकुल महाविद्यालय, रुड़की की आचार्या सुकामा और डॉ. शरणजीत कौर उपस्थित रहे। कुलपति प्रो. राजबीर सिंह ने कहा कि महर्षि दयानंद आधुनिक भारत के महान समाज सुधारक थे जिन्होंने सत्य, शिक्षा और सामाजिक समानता का संदेश दिया।
विज्ञापन
यज्ञशाला से महर्षि दयानंद सरस्वती चौक होते हुए टैगोर सभागार तक शोभायात्रा निकाली गई। डॉ. शरणजीत कौर ने प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इसमें महर्षि दयानंद के जीवन, विचारों और सामाजिक सुधार आंदोलनों को चित्रों व दस्तावेजों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया।
विज्ञापन
मुख्य अतिथि केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय, नई दिल्ली के कुलपति प्रो. श्रीनिवास वरखेड़ी ने वैदिक अध्ययन की वैश्विक आवश्यकता और भारतीय ज्ञान परंपरा के महत्व पर अपने विचार व्यक्त किए। वहीं सांस्कृतिक संध्या में संगीत, भजन व सांस्कृतिक प्रस्तुतियों प्रस्तुत की गई।
एमडीयू के छात्र कल्याण विभाग की ओर से पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता टैगोर परिसर में हुई। प्रतियोगिता में विजुअल आर्ट्स विभाग के आयुष ने प्रथम, मनोविज्ञान विभाग के रोहित ने द्वितीय और फार्मेसी साइंस विभाग की दीक्षा ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। जेनेटिक्स विभाग की उपासना और विजुअल आर्ट्स विभाग की स्नेह को सांत्वना पुरस्कार दिया गया।
कार्यक्रम में एमडीयू के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी, संबद्ध महाविद्यालयों के शिक्षक और विद्यार्थी, एनएसएस और वाईआरसी वॉलंटियर्स, गुरुकुल के आचार्य, छात्र छात्राएं, शहर के प्रबुद्धजन और शिक्षाविद शामिल हुए।