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Rohtak News: रुपयों के लेनदेन को लेकर की थी ट्रक ड्राइवर की हत्या
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पुलिस गिरफ्त में ट्रक ड्राइवर की हत्या में शामिल आरोपी । संवाद
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माई सिटी रिपोर्टररोहतक। बलियाना के ट्रक ड्राइवर नसीब की हत्याकांड का खुलासा हो गया है। रुपयों के लेन-देन के विवाद के बाद गांव के तीन युवकों ने शराब पिलाकर उसकी गोली मारकर हत्या की थी। इसके लिए वारदात से चार दिन पहले ही उत्तर प्रदेश के शामली जिले के कैराना से देसी पिस्तौल व कारतूस खरीदकर लाए थे। सीआईए प्रथम ने आरोपी सोनू, सुमित व अक्षय को गिरफ्तार कर लिया है। वीरवार को पुलिस ने आरोपियों को अदालत में पेश किया, जहां से दो दिन के रिमांड पर लिया गया है।
डीएसपी सांपला मेधा भूषण ने बताया कि बुधवार सुबह सूचना मिली कि आईएमटी क्षेत्र में सीवर के अंदर एक युवक का शव पड़ा हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतक की शिनाख्त बलियाना निवासी 30 वर्षीय नसीब के तौर पर हुई। वह ट्रक ड्राइवर था। मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। परिवार में अब नसीब ही उसका एकलौता सहारा था। वह भी ट्रकों पर नौकरी करता है, जिसके चलते अक्सर बाहर रहता है। पांच दिन पहले उसके पास घर आया था। अगले दिन ही वापस चला गया। बुधवार सुबह उसका शव सीवर के अंदर मिला। एसपी ने मामले की जांच सीआईए प्रथम को सौंपी। एसआई अनेश के मार्ग दर्शन में एएसआई विनोद दलाल के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने दबिश देकर आरोपी सोनू, सुमित व अक्षय को गिरफ्तार कर लिया।
दोस्त की ऑटो में पहले शराब पी, इसके बाद सोनू ने मारी दी नसीब को गोली
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि सोनू, सुमित, अक्षय और मृतक नसीब दोस्त थे। साथ ही नशा करने के आदी हैं। सोनू व सुमित बेरोजगार है। वहीं, अक्षय ऑटो चलाता है जबकि नसीब चालक था। करीब एक महीना पहले सोनू ने नसीब के लिए अपने घर से एक लाख रुपये लिए थे। इसमें से 50 हजार रुपये सोनू ने अपने पास रखे तथा 50 हजार रुपयों को सोनू व नसीब ने मिलकर एक गुप्त स्थान पर रख दिया था। जो बाद में सोनू ने जांच की तो उक्त स्थान पर 50 हजार रुपये नहीं मिले। सोनू ने नसीब पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। जबकि नसीब ने पैसे निकालने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर सोनू व नसीब का आपस में झगड़ा भी हुआ था। हत्या से चार-पांच दिन पहले पहले सोनू, सुमित व अक्षय कैराना में गए और एक देसी पिस्तौल व 4 कारतूस खरीदकर लाए। सोनू ने सुमित व अक्षय के साथ मिलकर नसीब की हत्या की योजना बनाई। तीनों ने मिलकर नसीब को अक्षय के प्लाॅट पर बुलाया, जहां पर अक्षय के ऑटो में बैठकर चारों शराब पीने लगे। सोनू ने नसीब को गोली मारी दी। इसके बाद नसीब ने दम तोड़ दिया। तीनों ने मिलकर नसीब के शव को आईएमटी क्षेत्र में नाले में डाल दिया और फरार हो गए।
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हत्या के बाद घर जाकर सो गए आरोपी
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हत्या के बाद सोनू, सुमित व अक्षय गांव में अपने घरों में जाकर सो गए, ताकि किसी को शक न हो। उधर, नसीब का पिता मानता रहा कि नसीब ट्रक पर चला गया। इसी बीच बुधवार सुबह लोगों को अहसास हुआ कि सीवर के ढक्कन के पास काफी मक्खियां उड़ रही हैं। नजदीक चप्पल भी पड़ी थी। किसी ने सीवर का ढक्कर उखाड़ा तो अंदर लाश थी। तब मृतक की शिनाख्त हुई। जैसे ही शव मिलने का पता लगा आरोपी सोनू व सुमित खोखराकोट इलाके में जाकर छुप गए। जबकि अक्षय नहीं गया। सीआईए ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। जबकि अक्षय को गांव से ही काबू किया है।
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डीएसपी सांपला मेधा भूषण ने बताया कि बुधवार सुबह सूचना मिली कि आईएमटी क्षेत्र में सीवर के अंदर एक युवक का शव पड़ा हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मृतक की शिनाख्त बलियाना निवासी 30 वर्षीय नसीब के तौर पर हुई। वह ट्रक ड्राइवर था। मृतक के पिता ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी की मौत हो चुकी है। परिवार में अब नसीब ही उसका एकलौता सहारा था। वह भी ट्रकों पर नौकरी करता है, जिसके चलते अक्सर बाहर रहता है। पांच दिन पहले उसके पास घर आया था। अगले दिन ही वापस चला गया। बुधवार सुबह उसका शव सीवर के अंदर मिला। एसपी ने मामले की जांच सीआईए प्रथम को सौंपी। एसआई अनेश के मार्ग दर्शन में एएसआई विनोद दलाल के नेतृत्व में पुलिस की टीम ने दबिश देकर आरोपी सोनू, सुमित व अक्षय को गिरफ्तार कर लिया।
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दोस्त की ऑटो में पहले शराब पी, इसके बाद सोनू ने मारी दी नसीब को गोली
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में पता चला कि सोनू, सुमित, अक्षय और मृतक नसीब दोस्त थे। साथ ही नशा करने के आदी हैं। सोनू व सुमित बेरोजगार है। वहीं, अक्षय ऑटो चलाता है जबकि नसीब चालक था। करीब एक महीना पहले सोनू ने नसीब के लिए अपने घर से एक लाख रुपये लिए थे। इसमें से 50 हजार रुपये सोनू ने अपने पास रखे तथा 50 हजार रुपयों को सोनू व नसीब ने मिलकर एक गुप्त स्थान पर रख दिया था। जो बाद में सोनू ने जांच की तो उक्त स्थान पर 50 हजार रुपये नहीं मिले। सोनू ने नसीब पर 50 हजार रुपये लेने का आरोप लगाया। जबकि नसीब ने पैसे निकालने से मना कर दिया। इसी बात को लेकर सोनू व नसीब का आपस में झगड़ा भी हुआ था। हत्या से चार-पांच दिन पहले पहले सोनू, सुमित व अक्षय कैराना में गए और एक देसी पिस्तौल व 4 कारतूस खरीदकर लाए। सोनू ने सुमित व अक्षय के साथ मिलकर नसीब की हत्या की योजना बनाई। तीनों ने मिलकर नसीब को अक्षय के प्लाॅट पर बुलाया, जहां पर अक्षय के ऑटो में बैठकर चारों शराब पीने लगे। सोनू ने नसीब को गोली मारी दी। इसके बाद नसीब ने दम तोड़ दिया। तीनों ने मिलकर नसीब के शव को आईएमटी क्षेत्र में नाले में डाल दिया और फरार हो गए।
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हत्या के बाद घर जाकर सो गए आरोपी
पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हत्या के बाद सोनू, सुमित व अक्षय गांव में अपने घरों में जाकर सो गए, ताकि किसी को शक न हो। उधर, नसीब का पिता मानता रहा कि नसीब ट्रक पर चला गया। इसी बीच बुधवार सुबह लोगों को अहसास हुआ कि सीवर के ढक्कन के पास काफी मक्खियां उड़ रही हैं। नजदीक चप्पल भी पड़ी थी। किसी ने सीवर का ढक्कर उखाड़ा तो अंदर लाश थी। तब मृतक की शिनाख्त हुई। जैसे ही शव मिलने का पता लगा आरोपी सोनू व सुमित खोखराकोट इलाके में जाकर छुप गए। जबकि अक्षय नहीं गया। सीआईए ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। जबकि अक्षय को गांव से ही काबू किया है।