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मौसमी बीमारी की समय पर जांच और इलाज जरूरी : डॉ. एकल
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16 एडीवीटी फोटो रोहतक (कायनोस)
रोहतक (वि)। दिल्ली रोड खेड़ी साध बाईपास स्थित कॉएनोस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के मेडिसिन विभाग के विशेषज्ञ डॉ. एकल अरोड़ा ने कहा कि अक्तूबर में दिन-रात के तापमान में हो रहे उतार-चढ़ाव के कारण मौसमी बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ गया है।
खासतौर पर दस्त, डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रोहतक जिले में 86 से ज्यादा मरीजों की पुष्टि की गई है। इसे ध्यान रखकर कॉएनोस हॉस्पिटल में मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए उन्नत सुविधाएं हैं। डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं।
डॉ. अरोड़ा ने बताया कि समय पर जांच और इलाज से इन बीमारियों को गंभीर होने से रोका जा सकता है। डॉ. अरोड़ा ने आम लोगों को सलाह दी है कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपलेंट का इस्तेमाल करें।
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खासतौर पर दस्त, डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। रोहतक जिले में 86 से ज्यादा मरीजों की पुष्टि की गई है। इसे ध्यान रखकर कॉएनोस हॉस्पिटल में मौसमी बीमारियों के इलाज के लिए उन्नत सुविधाएं हैं। डेंगू और वायरल बुखार के मरीजों के लिए अलग वार्ड बनाए गए हैं।
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डॉ. अरोड़ा ने बताया कि समय पर जांच और इलाज से इन बीमारियों को गंभीर होने से रोका जा सकता है। डॉ. अरोड़ा ने आम लोगों को सलाह दी है कि घर और आसपास साफ-सफाई रखें, पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के लिए मच्छरदानी और रिपलेंट का इस्तेमाल करें।
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