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घर बैठे एमडीयू से पढ़ाई करने वालों को मिलेगा साल में दो बार प्रवेश
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घर पर रहकर एमडीयू से पढ़ाई करने वाले विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। दूरस्थ शिक्षा को बढ़ावा देते हुए विवि प्रशासन ने पहली बार विद्यार्थियों को सेमेस्टर अनुसार साल में दो बार प्रवेश देने का फैसला लिया है। इससे विद्यार्थी एक सेमेस्टर की परीक्षा देकर अपना साल बचा सकेगा। यही नहीं, इस नई व्यवस्था के साथ अन्य सुधारात्मक कदमों के साथ विवि का नाम देश के बड़े दूरस्थ शिक्षा केंद्रों में शुमार हो जाएगा।
एमडीयू ने दूरस्थ शिक्षा को बढ़ावा देने की ओर सकारात्मक कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय (डीडीई) ने सेमेस्टर सिस्टम के तहत स्नातक (यूजी) व स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र फरवरी-मार्च 2021 (शैक्षणिक वर्ष 2020-2021) में 12 मार्च से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। इसके लिए दाखिला पोर्टल 12 मार्च से ओपन होगा। इस प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही विवि प्रशासन ने विद्यार्थियों को साल में दो बार प्रवेश की व्यवस्था की है। इसके तहत आमतौर पर जुलाई-अगस्त में होने वाली दाखिला प्रक्रिया से अलग जनवरी-फरवरी में भी प्रवेश दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को केवल एक सेमेस्टर का नुकसान होगा। जबकि साल बर्बाद होने से बच जाएगा।
ई-लर्निंग पर रहेगा फोकस
दूरस्थ शिक्षा के तहत एमडीयू में फिलहाल 50 हजार विद्यार्थी हैं। इन्हें बेहतर पाठ्य सामग्री मुहैया कराने के लिए विवि प्रशासन का ई-लर्निंग पर फोकस रहेगा। विद्यार्थियों को हार्ड कॉपी के साथ ई-लर्निंग मैटेरियल भी मुहैया कराया जाएगा। नियमित व दूरस्थ कोर्सों का सिलेबस एक है। ऐसे में दूरस्थ विद्यार्थियों को नियमित विद्यार्थियों के फैकल्टी लेक्चर, वीडियो व अन्य मैटेरियल भी मुहैया होगा।
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इन पाठ्यक्रमों में ले सकते हैं प्रवेश
डीडीई पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थी बीए-प्रथम सेमेस्टर, बीकॉम सेमेस्टर, एमए प्रथम सेमेस्टर हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन व अर्थशास्त्र, एमएससी गणित-प्रथम सेमेस्टर व एमकॉम प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थी 12 मार्च से 16 अप्रैल तक बगैर विलंब शुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 23 अप्रैल तक 500 रुपये विलंब शुल्क के साथ व 24 से 30 अप्रैल तक 1000 रुपये विलंब शुल्क के साथ आवेदन जमा होंगे।
दूरस्थ शिक्षा को लेकर भविष्य का रोड मैप तैयार हो रहा है। विषय, समन्वयक व स्टाफ मिलकर डीडीई को देश का श्रेष्ठ केंद्र बनाएंगे। ई-लर्निंग पर फोकस रहेगा। विद्यार्थियों को सेमेस्टर के हिसाब से साल में दो बार प्रवेश दिया जाएगा। इससे डीडीई में विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी।
- प्रो. नसीब सिंह गिल, निदेशक, दूरस्थ शिक्षा एमडीयू
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एमडीयू ने दूरस्थ शिक्षा को बढ़ावा देने की ओर सकारात्मक कदम बढ़ाया है। इसी कड़ी में दूरस्थ शिक्षा निदेशालय (डीडीई) ने सेमेस्टर सिस्टम के तहत स्नातक (यूजी) व स्नातकोत्तर (पीजी) पाठ्यक्रमों में शैक्षणिक सत्र फरवरी-मार्च 2021 (शैक्षणिक वर्ष 2020-2021) में 12 मार्च से प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ हो रही है। इसके लिए दाखिला पोर्टल 12 मार्च से ओपन होगा। इस प्रवेश प्रक्रिया के साथ ही विवि प्रशासन ने विद्यार्थियों को साल में दो बार प्रवेश की व्यवस्था की है। इसके तहत आमतौर पर जुलाई-अगस्त में होने वाली दाखिला प्रक्रिया से अलग जनवरी-फरवरी में भी प्रवेश दिया जाएगा। इस नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को केवल एक सेमेस्टर का नुकसान होगा। जबकि साल बर्बाद होने से बच जाएगा।
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ई-लर्निंग पर रहेगा फोकस
दूरस्थ शिक्षा के तहत एमडीयू में फिलहाल 50 हजार विद्यार्थी हैं। इन्हें बेहतर पाठ्य सामग्री मुहैया कराने के लिए विवि प्रशासन का ई-लर्निंग पर फोकस रहेगा। विद्यार्थियों को हार्ड कॉपी के साथ ई-लर्निंग मैटेरियल भी मुहैया कराया जाएगा। नियमित व दूरस्थ कोर्सों का सिलेबस एक है। ऐसे में दूरस्थ विद्यार्थियों को नियमित विद्यार्थियों के फैकल्टी लेक्चर, वीडियो व अन्य मैटेरियल भी मुहैया होगा।
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इन पाठ्यक्रमों में ले सकते हैं प्रवेश
डीडीई पाठ्यक्रम के तहत विद्यार्थी बीए-प्रथम सेमेस्टर, बीकॉम सेमेस्टर, एमए प्रथम सेमेस्टर हिंदी, अंग्रेजी, संस्कृत, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन व अर्थशास्त्र, एमएससी गणित-प्रथम सेमेस्टर व एमकॉम प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश ले सकते हैं। इसके लिए विद्यार्थी 12 मार्च से 16 अप्रैल तक बगैर विलंब शुल्क ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद 23 अप्रैल तक 500 रुपये विलंब शुल्क के साथ व 24 से 30 अप्रैल तक 1000 रुपये विलंब शुल्क के साथ आवेदन जमा होंगे।
दूरस्थ शिक्षा को लेकर भविष्य का रोड मैप तैयार हो रहा है। विषय, समन्वयक व स्टाफ मिलकर डीडीई को देश का श्रेष्ठ केंद्र बनाएंगे। ई-लर्निंग पर फोकस रहेगा। विद्यार्थियों को सेमेस्टर के हिसाब से साल में दो बार प्रवेश दिया जाएगा। इससे डीडीई में विद्यार्थियों की संख्या भी बढ़ेगी।
- प्रो. नसीब सिंह गिल, निदेशक, दूरस्थ शिक्षा एमडीयू