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Rohtak News: फर्जी एप बनाकर चल रहा था ठगी का खेल, एक काबू
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रोहतक। सावधान हो जाएं। फर्जी एप बनाकर एक गिरोह ऑनलाइन पैसे डबल करने का झांसा देकर ठग रहा है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने बाहर गांव के नजदीक दबिश देकर भिवानी के एक युवक को काबू किया है। आरोपी के मोबाइल में एप डाउनलोड मिली है। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है।
इंस्पेक्टर महेश कुमार ने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि भिवानी जिले के गांव डाडम निवासी सुभाष गावं बोहर के नजदीक जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) नहर के पुल के पास किसी के इंतजार में खड़ा है। वह अपने मोबाइल फोन में कलर प्रीडिक्शन नाम से एप अपने साथियों से बनाकर चलाता है। इसके बाद टेलीग्राम चैनल बनाकर वीडियो तैयार करके जारी करता है। इसके बाद लोगों को एक रंग पर पैसे लगाने का टास्क दिया जाता है। लोग टास्क के नाम पर एक रंग पर पैसा लगाते हैं। उसके बाद लगाए पैसों के बदले उनको दोगुनी रकम खेलने वाले की आईडी में दिखाकर और पैसे लगाने का टास्क देते हैं। इसके बाद बैलेंस ज्यादा होने पर उनका बैलेंस जीरो दिखाकर पैसा ठग लिया जाता है।
ढाब ढाणी के नवीन और सेहर के अरुण की तलाश जारी :
तलाशी के दौरान आरोपी की पेंट की जेब से एक मोबाइल मिला। मोबाइल फोन में तीन सिम डली थी। इसके अतिरिक्त एक मोबाइल फोन बंद मिला। इसकी जांच की तो उसमें टेलीग्राम लिंक के अलावा कलर बिन नाम से एप मिली। जब आरोपी से पूछा गया तो उसने बताया कि वह और उसका साथी अरुण निवासी गांव सेहर (भिवानी) फर्जी कलर प्रीडक्शन एप बनाकर लोगों को टास्क देते हैं। एप को अपने तीसरे साथी नवीन निवासी ढाब ढाणी (भिवानी) से तैयार करवाया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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वर्जन
आरोपी सुभाष को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है जबकि अरुण और नवीन की तलाश जारी है। आम लोगों से आग्रह है कि ऑनलाइन ठगी करने वालों से सतर्क रहें।
महेश कुमार, जांच अधिकारी
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इंस्पेक्टर महेश कुमार ने बताया कि गश्त के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि भिवानी जिले के गांव डाडम निवासी सुभाष गावं बोहर के नजदीक जवाहर लाल नेहरू (जेएलएन) नहर के पुल के पास किसी के इंतजार में खड़ा है। वह अपने मोबाइल फोन में कलर प्रीडिक्शन नाम से एप अपने साथियों से बनाकर चलाता है। इसके बाद टेलीग्राम चैनल बनाकर वीडियो तैयार करके जारी करता है। इसके बाद लोगों को एक रंग पर पैसे लगाने का टास्क दिया जाता है। लोग टास्क के नाम पर एक रंग पर पैसा लगाते हैं। उसके बाद लगाए पैसों के बदले उनको दोगुनी रकम खेलने वाले की आईडी में दिखाकर और पैसे लगाने का टास्क देते हैं। इसके बाद बैलेंस ज्यादा होने पर उनका बैलेंस जीरो दिखाकर पैसा ठग लिया जाता है।
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ढाब ढाणी के नवीन और सेहर के अरुण की तलाश जारी :
तलाशी के दौरान आरोपी की पेंट की जेब से एक मोबाइल मिला। मोबाइल फोन में तीन सिम डली थी। इसके अतिरिक्त एक मोबाइल फोन बंद मिला। इसकी जांच की तो उसमें टेलीग्राम लिंक के अलावा कलर बिन नाम से एप मिली। जब आरोपी से पूछा गया तो उसने बताया कि वह और उसका साथी अरुण निवासी गांव सेहर (भिवानी) फर्जी कलर प्रीडक्शन एप बनाकर लोगों को टास्क देते हैं। एप को अपने तीसरे साथी नवीन निवासी ढाब ढाणी (भिवानी) से तैयार करवाया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है।
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आरोपी सुभाष को अदालत में पेश कर तीन दिन के रिमांड पर लिया गया है जबकि अरुण और नवीन की तलाश जारी है। आम लोगों से आग्रह है कि ऑनलाइन ठगी करने वालों से सतर्क रहें।
महेश कुमार, जांच अधिकारी