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पानी बचाने के लिए डॉ. कलाम का विजन पढ़ें विद्यार्थी : डॉ रविंद्र नांदल
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रोहतक। पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय रोहतक में सुनो नहरों की पुकार मिशन ने विद्यार्थियों को पेयजल बचाने व उसे दूूषित नहीं करने के लिए प्रेरित किया। बूंद-बूंद नहीं बचाओगे तो बूंद बूंद को तरसोगे, अब्दुल कलाम आजाद की ये पंक्तियां दोहराते हुए युवाओं से जल संरक्षण व उसे स्वच्छ रखने का संदेश दिया। मिशन के संरक्षक डॉ. जसमेर सिंह हुड्डा व सदस्य डॉ. रविंद्र नांदल का स्कूल प्राचार्य परमजीत कौर व अध्यापकों ने स्वागत किया।
डॉ. रवींद्र नांदल ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास करके बड़ी मात्रा में पानी बचा सकते हैं। अतिथि सत्कार में पेयजल देने का तरीका बदलें व फलों के प्रयोग का तरीका भी बदले। पानी बचाने और उसे प्रदूषित न करने का संकल्प दिलाते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के पानी बचाने के विजन 2070 का अध्ययन जरूर करने को आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढि़यों के लिए पानी को संरक्षित रखना होगा, तभी हम उन्हें स्वच्छ जल दे पाएंगे। डॉ. जसमेर सिंह ने कहा कि पढ़ा लिखा इंसान किस प्रकार बहकावे या अनजाने में नहरों में कितने प्रकार का सामान डालते हैं। इससे जल प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। यह कई गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन रहा है। इसलिए इस मामले में हमें गंभीरता से सोचने की जरूरत है। हमें सामूहिक तौर से प्रयास करने व आगे आने की जरूरत है। प्राचार्य परमजीत कौर ने कहा कि विद्यार्थी व स्टाफ सदस्य पानी बचाने व इसे प्रदूषित न करने पर गंभीर चिंतन करेंगे। भविष्य के लिए पानी बचाना सर्वोत्तम व श्रेष्ठ कार्य है। इस मौके पर विद्यालय के हेडमास्टर संदीप कुमार, शिक्षक वितेश शर्मा, रश्मि, रीतू चौहान मौजूद रहे।
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डॉ. रवींद्र नांदल ने कहा कि छोटे-छोटे प्रयास करके बड़ी मात्रा में पानी बचा सकते हैं। अतिथि सत्कार में पेयजल देने का तरीका बदलें व फलों के प्रयोग का तरीका भी बदले। पानी बचाने और उसे प्रदूषित न करने का संकल्प दिलाते हुए पूर्व राष्ट्रपति डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के पानी बचाने के विजन 2070 का अध्ययन जरूर करने को आह्वान किया। उन्होंने कहा कि हमें आने वाली पीढि़यों के लिए पानी को संरक्षित रखना होगा, तभी हम उन्हें स्वच्छ जल दे पाएंगे। डॉ. जसमेर सिंह ने कहा कि पढ़ा लिखा इंसान किस प्रकार बहकावे या अनजाने में नहरों में कितने प्रकार का सामान डालते हैं। इससे जल प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। यह कई गंभीर बीमारियों का मुख्य कारण बन रहा है। इसलिए इस मामले में हमें गंभीरता से सोचने की जरूरत है। हमें सामूहिक तौर से प्रयास करने व आगे आने की जरूरत है। प्राचार्य परमजीत कौर ने कहा कि विद्यार्थी व स्टाफ सदस्य पानी बचाने व इसे प्रदूषित न करने पर गंभीर चिंतन करेंगे। भविष्य के लिए पानी बचाना सर्वोत्तम व श्रेष्ठ कार्य है। इस मौके पर विद्यालय के हेडमास्टर संदीप कुमार, शिक्षक वितेश शर्मा, रश्मि, रीतू चौहान मौजूद रहे।
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