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Rohtak News: निजीकरण के खिलाफ 24,423 यात्रियों ने किए हस्ताक्षर
Sat, 28 Oct 2023 04:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Sat, 28 Oct 2023 04:23 AM IST
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रोहतक। हरियाणा रोडवेज कर्मचारी साझा मोर्चा के आह्वान पर बस स्टैंड पर निजीकरण के खिलाफ चले दो दिवसीय हस्ताक्षर अभियान में 24,423 यात्रियों ने हस्ताक्षर हर अभियान में उपस्थिति दर्ज करवाई है। शुक्रवार को दो दिवसीय इस अभियान का समापन हो चुका है, जिसमें यूनियनों के प्रतिनिधियों समेत अनेक पदाधिकारियों ने भाग लिया।
साझा मोर्चा यूनियन से वरिष्ठ नेता रमेश श्योकंद व महासचिव अमित मेहराणा ने बताया कि भाजपा-जजपा सरकार की ओर से अपने पूंजीपति चहेतों को 265 मार्गों पर असीमित हजारों निजी बस परमिट देने के निर्णय के विरोध में यह हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें 265 रूट परमिट देने के खिलाफ प्रदेश भर के बस अड्डों पर आम जनता, छात्र व छात्राओं ने पूरे जोश के साथ दो दिन में 5 लाख के लगभग हस्ताक्षर करके सरकार की निजीकरण नीतियों का विरोध किया। कहा कि सरकार जनता की पसंद, सस्ती व सुरक्षित सरकारी परिवहन सेवा को निजी हाथों में देना चाहती हैं। प्राइवेट परमिट देने की मांग न तो जनता की है और न रोडवेज कर्मचारियों की। प्राइवेट बस परमिट पॉलिसी से आम जनता बहुत दुखी है। हर दिन किसी न किसी जिले में सरकार की ओर से लागू सुविधाओं को प्राइवेट बसों में न देने बारे में शिकायतें जनता की ओर से की जा रही हैं। सरकार की ओर से प्राइवेट पॉलिसी को वापस लेकर प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या आधार पर 10 हजार सरकारी बसें खरीदकर रोडवेज बेड़े में शामिल करें, जिससे आम जनता को सुरक्षित सेवा के साथ-साथ सरकार का राजस्व बढ़ेगा और हजारों बेरोजगार युवाओं को स्थाई रोजगार मिलेगा।
इस अवसर पर सुरेश नेहरा, ओमप्रकाश ग्रेवाल, जयबीर घणघस, आजाद गिल, जगदीप लाठर, वीरेंद्र सिगरोहा, दिनेश हुड्डा, अशोक खोखर समेत अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
26 नवंबर को आम जनता के हस्ताक्षर मुख्यमंत्री को सौपेंगे
साझा मोर्चा के नेताओं की ओर से सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार परमिट पॉलिसी को वापस और मांगो को लागू नहीं किया गया तो प्रदेश भर के रोडवेज कर्मचारी करनाल में 26 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास प्रदर्शन करेंगे व निजीकरण के खिलाफ आम जनता की ओर से किए हस्ताक्षर व ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध 28 दिसंबर को एक दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
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साझा मोर्चा यूनियन से वरिष्ठ नेता रमेश श्योकंद व महासचिव अमित मेहराणा ने बताया कि भाजपा-जजपा सरकार की ओर से अपने पूंजीपति चहेतों को 265 मार्गों पर असीमित हजारों निजी बस परमिट देने के निर्णय के विरोध में यह हस्ताक्षर अभियान चलाया गया, जिसमें 265 रूट परमिट देने के खिलाफ प्रदेश भर के बस अड्डों पर आम जनता, छात्र व छात्राओं ने पूरे जोश के साथ दो दिन में 5 लाख के लगभग हस्ताक्षर करके सरकार की निजीकरण नीतियों का विरोध किया। कहा कि सरकार जनता की पसंद, सस्ती व सुरक्षित सरकारी परिवहन सेवा को निजी हाथों में देना चाहती हैं। प्राइवेट परमिट देने की मांग न तो जनता की है और न रोडवेज कर्मचारियों की। प्राइवेट बस परमिट पॉलिसी से आम जनता बहुत दुखी है। हर दिन किसी न किसी जिले में सरकार की ओर से लागू सुविधाओं को प्राइवेट बसों में न देने बारे में शिकायतें जनता की ओर से की जा रही हैं। सरकार की ओर से प्राइवेट पॉलिसी को वापस लेकर प्रदेश की बढ़ती जनसंख्या आधार पर 10 हजार सरकारी बसें खरीदकर रोडवेज बेड़े में शामिल करें, जिससे आम जनता को सुरक्षित सेवा के साथ-साथ सरकार का राजस्व बढ़ेगा और हजारों बेरोजगार युवाओं को स्थाई रोजगार मिलेगा।
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इस अवसर पर सुरेश नेहरा, ओमप्रकाश ग्रेवाल, जयबीर घणघस, आजाद गिल, जगदीप लाठर, वीरेंद्र सिगरोहा, दिनेश हुड्डा, अशोक खोखर समेत अनेक पदाधिकारी मौजूद रहे।
26 नवंबर को आम जनता के हस्ताक्षर मुख्यमंत्री को सौपेंगे
साझा मोर्चा के नेताओं की ओर से सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार परमिट पॉलिसी को वापस और मांगो को लागू नहीं किया गया तो प्रदेश भर के रोडवेज कर्मचारी करनाल में 26 नवंबर को मुख्यमंत्री आवास प्रदर्शन करेंगे व निजीकरण के खिलाफ आम जनता की ओर से किए हस्ताक्षर व ज्ञापन मुख्यमंत्री को सौंपेंगे। सरकार की वादाखिलाफी के विरुद्ध 28 दिसंबर को एक दिवसीय हड़ताल की जाएगी।
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