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शर्म आनी चाहिए, पब्लिक का काम करने के लिए मिलता है वेतन

Tue, 05 Oct 2021 01:30 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 05 Oct 2021 01:30 AM IST
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Shame on you, get paid for doing public work
बैठक को संबोधित करते हरियाणा सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता। साथ में हैं डीसी कै
सेवा का अधिकार आयोग के मुख्य आयुक्त टीसी गुप्ता ने समय पर काम न करने और सेवाएं न देने को लेकर अधिकारियों की क्लास लगाई। एमडीयू में आयोजित कार्यशाला में जन-प्रतिनिधियों और अधिकारियों को संबोधित करते हुए गुप्ता ने कहा कि सरकार सभी सेवाएं और सुविधाएं लोगों को दे रही है। लेकिन दुर्भाग्य से काम नहीं हो रहे हैं। ऐसे में सरकार की बदनामी हो रही है। लोगों के मन में धारण बन रही है कि सरकार कोई काम नहीं कर रही है। गुप्ता ने कहा कि उन्होंने पदभार संभालने के बाद आयोग को सक्रिय किया है। सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित की जा रही है। आयोग तीन बार पेनाल्टी लगाने के बाद सरकार से उस अधिकारी को डिसमिस करने की सिफारिश कर सकता है। सरकार को भी एक माह में इस पर फैसला लेना होगा। एसडीएम राकेश सैनी ने विभिन्न विभागों पर आधारित प्रजेंटेशन दिया। लेकिन गुप्ता ने कहा कि वह सबसे खराब प्रदर्शन करने वाले कुछ विभागों का प्रजेंटेशन देखना चाहते हैं। फिर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से एक-एक बिंदु पर सवाल किए। इस मौके पर मेयर मनमोहन गोयल, डीसी कैप्टन मनोज कुमार, एसपी राहुल शर्मा और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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हाउसिंग बोर्ड : सरकार छुट्टियों की भी देती है तनख्वाह
बोर्ड का स्कोर काफी कम था, संबंधित अधिकारी से पूछा गया तो जवाब मिला कि नो ड्यूज की पेंडेंसी है। मल्टीपल वेरिफिकेशन आती है और स्टाफ कम है। गुप्ता बोले सरकार छुट्टियों की तनख्वाह देती है। दो अक्तूबर को पूरा आयोग काम पर था। ई-ऑफिस है, आराम से काम कर सकते हैं, यह बहाना नहीं चलेगा। पहले साहूकार तक पैसे जमा करवाने पर मुक्ति दे देते थे, पर लोग सारे पैसे जमा करवा देते हैं, फिर भी तुम लोग एनओसी नहीं दे रहे। तुम तो साहूकारों से भी बड़े हो गए हो। वर्ष 2020 के 10 केस पेंडिंग हैं। एनओसी में दो अंक मिले हैं। कन्वेयंस डीड में 15 में से दो लोगों ने पांच रेटिंग दी है। गुप्ता अधिकारी से बोले, आप तीन साल से हो, अब जाने का समय आ गया है। इतना घटिया काम पहली बार देख रहा हूं, रोहतक को 5.2 अंक मिले हैं। अधिकारी ने कहा कि एक माह स्वीकार्य नहीं है, 15 दिन में काम करो, छुट्टियां आ रही हैं, उनमें भी काम करो।
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कृषि विभाग : डीसी बोले, किसी काम का नहीं विभाग
उप निदेशक डॉ. इंदर सिंह ने कहा कि हमारे स्तर पर रेटिंग नहीं दिख रही है, हेडक्वार्टर पर नजर आ रही है। गुप्ता बोले बहुत सारे किसानों को बीज सब्सिडी समय पर नहीं दी गई। डॉ. इंदर ने कहा कि उनके पास मुख्य तौर पर झज्जर जिला है, रोहतक का अतिरिक्त चार्ज दो माह पहले मिला है। गुप्ता बोले, दोपहर में वहीं मिलेंगे, वहां भी मीटिंग है। उन्होंने कहा कि 5.4 स्कोर डूब मरने की बात है। 16 एडीओ लेकर घूम रहे हैं और कस्टमर रेटिंग नहीं आ रही। फसली मुआवजे में 31 किसानों ने सिर्फ तीन अंक दिए हैं। इसी बीच डीसी कैप्टन मनोज कुमार बोले कि यह विभाग किसी काम का नहीं है। वह इनके अतिरिक्त मुख्य सचिव और अन्य अधिकारियों को पत्र लिख रहे हैं। इनके विभाग में एक-दो गलत लोग भी हैं।
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मार्केटिंग बोर्ड : सबसे धनी होने के बाद भी केस पेंडिंग
खेत में मौत होने पर पांच लाख मुआवजा योजना के तहत 16 किसानों को मुआवजा दिया गया, फिर भी पब्लिक स्कोर दो है। 27 अक्तूबर 2020 का केस सबसे पुराना है। अधिकारियों ने बताया कि विसरा रिपोर्ट नहीं आई। गुप्ता ने पूछा कि क्या पुलिस अधीक्षक से मिलकर अनुरोध किया। अधिकारियों ने बताया कि एसएचओ को पत्र लिखा था। उन्होंने बताया कि सबसे नया केस एक अक्तूबर 2021 का पेंडिंग है। इसके अलावा महम में आठ और सांपला में एक केस पेंडिंग है, दो केस बजट के कारण पेंडिंग है। गुप्ता बोले कि दुर्भाग्य की बात है, शर्म आनी चाहिए आपको, पब्लिक का काम करने के लिए वेतन मिलता है आपको। मार्केटिंग बोर्ड सबसे धनी है।
शहरी स्थानीय निकाय : एक खाली प्लॉट ऑक्शन पर लगाओ
गुप्ता ने पूछा कि कूड़ा उठाने की कितनी शिकायतें आई हैं, बिजनेस लाइसेंस रद्द हो रहे हैं। संयुक्त आयुक्त ने बताया कि तीन माह में 1099 शिकायतें आईं, जिनमें 856 का निपटारा समय पर हुआ। मेयर मनमोहन गोयल ने बताया कि खाली प्लॉट में गंदगी की शिकायतें ज्यादा हैं। गुप्ता ने कहा कि जो खाली प्लॉट वाले पैसे नहीं दे रहे हैं, उन्हें नोटिस दो, एक प्लॉट को ऑक्शन पर लगाओ, सब दौड़कर आएंगे। संदीप मुंजाल ने कहा कि उनके इलाके में सफाई कर्मी नहीं आते। संयुक्त कमिश्नर ने कहा कि लगातार सफाई हो रही है। पर मेयर गोयल ने कहा कि सफाईकर्मी नहीं जा रहे हैं। गुप्ता ने कहा कि जब लोग टैक्स दे रहे हैं तो सफाई क्यों नहीं हो रही। उन्होंने कहा कि 786 लोगों ने मैरिज रजिस्ट्रेशन करवाया और स्कोर सिर्फ दो है। समाज कल्याण अधिकारी से पूछा कि क्या शादी के रजिस्ट्रेशन के समय 1100 रुपये और मिठाई का डिब्बा देने का प्रावधान है तो क्यों नहीं दिए गए। डीसी ने टोका कि पिछले दिनों सीएम ने यहां राशि और मिठाई के डिब्बे दिए थे। सम्मान जरूरी है अगर रजिस्ट्रेशन के समय ही यह दिया जाए और नवविवाहित जोड़े की फोटो खींच कर उन्हें शुभकामनाओं समेत भेजी जाती तो लोगों को सम्मान मिलता।
एचएसवीपी : 8.5
ईओ और एसडीएम सांपला श्वेता सुहाग ने कहा कि नो ड्यूज की वजह से स्कोर कम है। सीए से अनुरोध किया था कि एसडीओ का चार्ज जेई को दे दिया जाए, पर नहीं हुआ। डी-मॉर्डगेज सर्टिफिकेट में बैंक की वजह से देरी होती है। बैंक से सर्टिफिकेट नहीं आता तो केस रिजेक्ट कर देते हैं।
यूएचबीवीएन : कोई नहीं दर्ज करता शिकायत
अच्छा स्कोर देखने के बाद गुप्ता ने आम लोगों से विभाग के बारे में पूछा। सेक्टर एक निवासी गुलशन उप्पल ने कहा कि कोई भी शिकायत दर्ज नहीं करता। गुप्ता ने बताया कि वह राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1912 पर शिकायत कर सकते हैं। उप्पल ने कहा कि स्ट्रीट लाइटें दिन में जलती रहती हैं। अधिकारियों ने बताया कि ऑटो नहीं है, हर सड़क का एक स्विच है। अधिकारियों ने बताया कि औसतन 1.36 घंटे में शिकायतों का निपटारा होता है। एसके खटोड़ ने कहा कि इंडस्ट्री का फ्यूज बदलने में चार घंटे लग जाते हैं। बलदीप नेहरा ने कहा कि 2018 में सोलर सिस्टम लगवाया था, अब तक नेट मीटर से बिल नहीं आया। उद्यमी संदीप मुंजाल ने कहा कि बिल की बहुत ज्यादा समस्या है। फ्यूज के लिए अलग टीम रखें, वह पांच मिनट में ठीक कर देगी। अंगद कोछड़ ने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के आगे पानी खड़ा है। 19 जुलाई की रात शिकायत की, अगले दिन बिजली ठीक हुई। गुलशन निझावन ने बिजली की समस्या बताई, गुप्ता ने कहा कि उन्हें मेल कर दो। पार्षद राधेश्याम ढल ने कहा कि उनके वार्ड में शाम छह बजे के बाद कट लगते हैं। गांधी कैंप में बिल सेंटर खोला जाए।
जनस्वास्थ्य विभाग : पार्षद बोले, हमारी हो रही बदनामी
प्रजेंटेशन में जनस्वास्थ्य विभाग का स्कोर 8.9 था, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि उनके पोर्टल पर यह 9.9 है। सीवरेज कनेक्शन, पेयजल सप्लाई बहाल करने और सीवरेज ब्लॉक ठीक करने में स्कोर कुछ कम है। यह सारा काम आउटसोर्सिंग पर हो रहा है। गुप्ता ने पूछा कि कितनी सुपर सकर मशीन हैं। मेयर ने कहा कि छह मशीन होनी चाहिए पर तीन हैं। पार्षद सुरेश किराड़ ने कहा कि जन स्वास्थ्य विभाग की वजह से पार्षदों की बदनामी हो रही है। जेई से छह माह में पानी का कनेक्शन नहीं लगा।

एचएसआईडीसी : 8.1
गुप्ता बुलाते रहे पर विभाग का कोई अधिकारी मौजूद नहीं था। उन्होंने कहा कि एजीएम कहां हैं, उनकी आज की तनख्वाह काटो। काफी अधिकारी आए, उन्होंने कहा कि सूचना नहीं थी। गुप्ता ने पूछा कि इतना कम स्कोर क्यों है। उद्योग भारती के विशाल ने कहा कि एचएसआईडीसी और आईडीसी की एंट्री टूटी है, सफाई नहीं होती, सीवरेज ब्लॉक है। अधिकारियों ने कहा कि लोग मेंटेनेंस चार्ज नहीं देते, कैसे करवाएं।
प्रमुख सेवाओं की अवधि
कूड़ा उठाना - दो दिन
स्ट्रीट लाइट - दस दिन
बिजली शहर - चार घंटे
बिजली ग्रामीण - आठ घंटे
मोबाइल गायब - 21 दिन
नौकर की वेरिफिकेशन - 15 दिन
शगुन योजना - दो माह
रजिस्ट्री - उसी दिन
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