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Rohtak News: कक्षा शिक्षण से जुड़ेगा शोध, एमडीयू में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने की पहल

Mon, 13 Apr 2026 11:48 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:48 PM IST
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Research will be integrated with classroom teaching, an initiative to enhance the quality of education at MDU.
31-प्रो. मिलाप पुनिया
करिश्मा रंगा
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रोहतक। महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय में नए कुलपति प्रो. मिलाप पुनिया ने सोमवार को पदभार संभालते ही विश्वविद्यालय में सुधार और विकास को लेकर स्पष्ट रोडमैप पेश किया है। संवाद न्यूज एजेंसी से बातचीत करने पर उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य यूनिवर्सिटी को गुणवत्ता, शोध और रोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाना है।
विकसित भारत 2047 के विजन के अनुरूप एमडीयू को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सामूहिक प्रयास किए जाएंगे। फैकल्टी की कमी, गुटबाजी और यूनिवर्सिटी की छवि जैसे मुद्दों पर उन्होंने विस्तार से अपनी बात रखी।
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सवाल: आपकी प्राथमिकता किन क्षेत्रों पर रहेगी?
मुख्य फोकस क्वांटिटी नहीं, क्वालिटी पर रहेगा। शिक्षा की गुणवत्ता को सुधारने के लिए पढ़ाई, शोध और नवाचार पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। एनईपी 2020 के तहत नई शिक्षा पद्धति को प्रभावी तरीके से लागू किया जाएगा जिससे छात्रों में जिज्ञासा, रचनात्मकता और कौशल विकास को बढ़ावा मिले।
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सवाल: शोध और रोजगार को लेकर आपकी क्या रणनीति है?
विशेष जोर शोध और रोजगार पर रहेगा। शोध को केवल प्रयोगशाला तक सीमित नहीं रखा जाएगा। शोध को कक्षा शिक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

सवाल : एमडीयू में फैकल्टी की कमी को लेकर क्या योजना है?

फैकल्टी की कमी एक महत्वपूर्ण मुद्दा है जिस पर प्राथमिकता के आधार पर काम किया जाएगा। जल्द प्रस्ताव तैयार कर सरकार को भेजा जाएगा ताकि नई नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू हो सके। प्रयास रहेगा कि छात्रों को किसी भी विषय में शिक्षक की कमी का सामना न करना पड़े और शैक्षणिक माहौल मजबूत बने।


सवाल : यूनिवर्सिटी में गुटबाजी को आप कैसे देखते हैं?

किसी भी संस्थान में प्रतिस्पर्धा होना स्वाभाविक है और यह विकास के लिए जरूरी भी है। यह प्रतिस्पर्धा सकारात्मक और गुणवत्ता आधारित होनी चाहिए न कि व्यक्तिगत या नकारात्मक।



सवाल : एमडीयू की छवि सुधारने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे?
किसी भी संस्थान की छवि सुधारने के लिए संवाद और समन्वय सबसे जरूरी होते हैं। सभी शिक्षक, कर्मचारी और छात्रों से लगातार बातचीत करेंगे और समस्याओं का सामूहिक समाधान निकालेंगे। यूनिवर्सिटी में पारदर्शिता और विश्वास का माहौल बनाया जाएगा।
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