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23 साल से शराब रखने का रेडक्रास का अब तक नहीं मिला है किराया
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हिसार रोड स्थित रेड क्रास भवन में 23 वर्षो से यही पर रखी गई पकड़ी गई अवैध शराब जिसकी सुरक्षा में तैन
पूर्व सीएम बंसीलाल के कार्यकाल हुई शराब बंदी के दौरान 390 केस में पकड़ी गई शराब को सोमवार को नष्ट किया जाएगा। वहीं सामने आया कि इस शराब को रखने के लिए रेडक्रास भवन को अब तक पुलिस प्रशासन की तरफ से कोई किराया नहीं मिला है। विभाग की ओर से किराये की वसूली के लिए पुलिस प्रशासन को कई बाद पत्र दिए गए, लेकिन भुगतान नहीं हुआ है। अब डीसी ने रेडक्रास भवन के किराये को लेकर पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा है। उधर, एसपी का कहना है कि शराब नष्ट होने के बाद किराये का भी समाधान निकाला जाएगा।
पुलिस और प्रशासन की लापरवाही का आलम यह रहा कि पहले तो पुलिस कर्मियों की वहां पर तैनाती रही। दूसरे रेडक्रास की जगह पर पुलिस का कब्जा रहा। उसे देखने वाला कोई नहीं था। विधानसभा चुनाव के दौरान जवानों की कमी होने पर पुलिस अधीक्षक ने जब इसकी फाइल खंगाली तो पूरे मामले का खुलासा हुआ है। अमर उजाला की टीम शनिवार को मौके पर पहुंची। जहां पर रखी गई शराब की रखवाली में तैनात दो सिपाही मिले। गौरतलब है कि 390 केसों में पकड़ी गई शराब 1998 में नष्ट हो जानी थी। उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने भी साइट का दौरा किया था।
लापरवाही के लिए जिम्मेवार कौन
पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच के लिए गठित डीएसपी हेड क्वार्टर के नेतृत्व में एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार है। शराब नष्ट होने के बाद एसआईटी की ओर से पूरे मामले की रिपोर्ट ली जाएगी। जिसमें खामी कहां पर रही उस बिंदु को जांचा जाएगा।
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रेडक्रास भवन का किराया वसूलने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। सोमवार को शराब को नष्ट किया जाएगा।
- आरके वर्मा, उपायुक्त
उनकी पहली प्राथमिकता है कि शराब को नष्ट कराएं। उसके बाद किराये का भी समाधान किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो वरिष्ठ अधिकारियों से भी किराये को लेकर राय ली जाएगी।
- राहुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक
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पुलिस और प्रशासन की लापरवाही का आलम यह रहा कि पहले तो पुलिस कर्मियों की वहां पर तैनाती रही। दूसरे रेडक्रास की जगह पर पुलिस का कब्जा रहा। उसे देखने वाला कोई नहीं था। विधानसभा चुनाव के दौरान जवानों की कमी होने पर पुलिस अधीक्षक ने जब इसकी फाइल खंगाली तो पूरे मामले का खुलासा हुआ है। अमर उजाला की टीम शनिवार को मौके पर पहुंची। जहां पर रखी गई शराब की रखवाली में तैनात दो सिपाही मिले। गौरतलब है कि 390 केसों में पकड़ी गई शराब 1998 में नष्ट हो जानी थी। उपायुक्त व पुलिस अधीक्षक ने भी साइट का दौरा किया था।
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लापरवाही के लिए जिम्मेवार कौन
पुलिस अधीक्षक को मामले की जांच के लिए गठित डीएसपी हेड क्वार्टर के नेतृत्व में एसआईटी की रिपोर्ट का इंतजार है। शराब नष्ट होने के बाद एसआईटी की ओर से पूरे मामले की रिपोर्ट ली जाएगी। जिसमें खामी कहां पर रही उस बिंदु को जांचा जाएगा।
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रेडक्रास भवन का किराया वसूलने के लिए पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखा गया है। सोमवार को शराब को नष्ट किया जाएगा।
- आरके वर्मा, उपायुक्त
उनकी पहली प्राथमिकता है कि शराब को नष्ट कराएं। उसके बाद किराये का भी समाधान किया जाएगा। आवश्यकता पड़ी तो वरिष्ठ अधिकारियों से भी किराये को लेकर राय ली जाएगी।
- राहुल शर्मा, पुलिस अधीक्षक