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Rohtak News: बारिश और पोर्टल की शर्त में धुल गई किसानों की उम्मीद
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14 रोहतक की नई अनाजमंडी में धान के पास जमा पानी को झाड़ू से निकालता मजदूर। संवाद
संवाद न्यूज एजेंसी
रोहतक। खेत में छह माह तक दिन-रात मेहनत कर किसानों ने फसलों की बच्चों की तरह देखभाल की। फसल पककर लहलहाने लगी तो किसान खुशी से झूम उठा। अच्छी कमाई का सपना लेकर मंडी में पहुंचा लेकिन यहां बारिश ने उसकी धान खरीद की उम्मीद को धो डाला। वहीं, कई किसान खुशी-खुशी बाजरा लेकर मंडी पहुंचे लेकिन पोर्टल पर सत्यापन नहीं मिला तो भारी मन से अपनी फसल को वापस ले गए।
गांव बोहर से आए किसान रमेश ने बताया कि वह करीब 60 क्विंटल बाजरा लेकर मंडी आए हैं। यहां पोर्टल पर रिकॉर्ड देखा तो पता लगा कि फिलहाल बाजरे का ऑनलाइन सत्यापित नहीं दिख रहा है। पोर्टल पर सत्यापन के बाद ही फसल बिक पाएगी। अब पता नहीं कितना इंतजार करना पड़ेगा। ऐेसे में फसल को वापस घर लेकर जाना पड़ रहा है।
झज्जर से 60 किलोमीटर की दूरी नापकर मंडी आए किसान राजेश ने कहा कि सोचा था कि हाथों-हाथ धान बिक जाएगा लेकिन बारिश के कारण धान भीग गया। ऐसे में अब दो से तीन दिन बाद धान सूखने में लग जाएंगे। इसके बाद ही खरीद हो पाएगी। खेतों में अभी और भी धान पड़ा है। अब वापस झज्जर जाना पड़ रहा है।
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गांव ककराना निवासी किसान सतवीर ने बताया कि तीन दिन से मंडी में धान सुखा रहा हूं लेकिन कोई अधिकारी नमी की जांच करने नहीं आया। अब धान फिर भीग गया। इसे सुखाने में कई दिन लग जाएंगे।
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मंत्री के सामने व्यवस्थाओं को दिखाया उपयुक्त
व्यापारियों का कहना है कि सोमवार को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मंडी का दौरा किया था। उनके साथ एचएसडब्लूसी (हरियाणा स्टेट वेयर हाउस कॉर्पोरेशन) के अधिकारी भी आए। मंत्री के सामने व्यवस्थाओं को ऐसे दिखाया, जैसे कोई समस्या ही नहीं है लेकिन मंडी में हालत यह है कि वाटर कूलर में पानी तक नहीं है। अब खरीद 5 अक्तूबर से सुचारु करने की बात कही जा रही है।
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2400 क्विंटल धान पहुंचा, 24 प्रतिशत नमी मिली
मंगलवार को मंडी में 2400 क्विंटल धान की आवक हुई। अब तक मंडी में करीब 5000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है लेकिन बारिश के कारण खरीद प्रभावित रही। कई दिनों से शुरू सरकारी खरीद में फिलहाल 2389 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 516 क्विंटल धान ही बिक पाया है। धान में जांच के दौरान 24 से 25 प्रतिशत की नमी मिली है। मानक के हिसाब से अधिकतर 17 प्रतिशत नमी वाली धान ही मंडी में बिक सकती है। अधिकारियों ने किसानों से अपील कि है कि घर से ही धान को सुखाकर लाएं।
मंडी में 70 क्विंटल बाजरे की भी आवक हुई। इसमें से 45 क्विंटल की प्राइवेट खरीद हुई। अब तक मंडी मेें करीब 2066 क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है।
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रोहतक। खेत में छह माह तक दिन-रात मेहनत कर किसानों ने फसलों की बच्चों की तरह देखभाल की। फसल पककर लहलहाने लगी तो किसान खुशी से झूम उठा। अच्छी कमाई का सपना लेकर मंडी में पहुंचा लेकिन यहां बारिश ने उसकी धान खरीद की उम्मीद को धो डाला। वहीं, कई किसान खुशी-खुशी बाजरा लेकर मंडी पहुंचे लेकिन पोर्टल पर सत्यापन नहीं मिला तो भारी मन से अपनी फसल को वापस ले गए।
गांव बोहर से आए किसान रमेश ने बताया कि वह करीब 60 क्विंटल बाजरा लेकर मंडी आए हैं। यहां पोर्टल पर रिकॉर्ड देखा तो पता लगा कि फिलहाल बाजरे का ऑनलाइन सत्यापित नहीं दिख रहा है। पोर्टल पर सत्यापन के बाद ही फसल बिक पाएगी। अब पता नहीं कितना इंतजार करना पड़ेगा। ऐेसे में फसल को वापस घर लेकर जाना पड़ रहा है।
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झज्जर से 60 किलोमीटर की दूरी नापकर मंडी आए किसान राजेश ने कहा कि सोचा था कि हाथों-हाथ धान बिक जाएगा लेकिन बारिश के कारण धान भीग गया। ऐसे में अब दो से तीन दिन बाद धान सूखने में लग जाएंगे। इसके बाद ही खरीद हो पाएगी। खेतों में अभी और भी धान पड़ा है। अब वापस झज्जर जाना पड़ रहा है।
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गांव ककराना निवासी किसान सतवीर ने बताया कि तीन दिन से मंडी में धान सुखा रहा हूं लेकिन कोई अधिकारी नमी की जांच करने नहीं आया। अब धान फिर भीग गया। इसे सुखाने में कई दिन लग जाएंगे।
मंत्री के सामने व्यवस्थाओं को दिखाया उपयुक्त
व्यापारियों का कहना है कि सोमवार को सहकारिता मंत्री डॉ. अरविंद शर्मा ने मंडी का दौरा किया था। उनके साथ एचएसडब्लूसी (हरियाणा स्टेट वेयर हाउस कॉर्पोरेशन) के अधिकारी भी आए। मंत्री के सामने व्यवस्थाओं को ऐसे दिखाया, जैसे कोई समस्या ही नहीं है लेकिन मंडी में हालत यह है कि वाटर कूलर में पानी तक नहीं है। अब खरीद 5 अक्तूबर से सुचारु करने की बात कही जा रही है।
2400 क्विंटल धान पहुंचा, 24 प्रतिशत नमी मिली
मंगलवार को मंडी में 2400 क्विंटल धान की आवक हुई। अब तक मंडी में करीब 5000 क्विंटल धान की आवक हो चुकी है लेकिन बारिश के कारण खरीद प्रभावित रही। कई दिनों से शुरू सरकारी खरीद में फिलहाल 2389 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से 516 क्विंटल धान ही बिक पाया है। धान में जांच के दौरान 24 से 25 प्रतिशत की नमी मिली है। मानक के हिसाब से अधिकतर 17 प्रतिशत नमी वाली धान ही मंडी में बिक सकती है। अधिकारियों ने किसानों से अपील कि है कि घर से ही धान को सुखाकर लाएं।
मंडी में 70 क्विंटल बाजरे की भी आवक हुई। इसमें से 45 क्विंटल की प्राइवेट खरीद हुई। अब तक मंडी मेें करीब 2066 क्विंटल बाजरे की आवक हो चुकी है।