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Rohtak News: अधिकारियों की खींचतान में फंसी शहर को बाढ़ से बचाने की योजना
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22महम01-महम का पानी से भरा जलभरत तालाब का दृश्य। स्रोत : संवाद
महम। शहर को बाढ़ से बचाने के लिए सरकार की ओर से बनाई गई योजना अधिकारियों के बीच फंसकर रह गई है। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग व पीडब्ल्यूडी आमने-सामने आ गए हैं।
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ सुरजीत मलिक ने बताया कि शहर को बाढ़ से बचाने के लिए योजना बनाई गई है। इसके लिए सड़क को तोड़कर पाइप दबाने का कार्य किया जाना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी से अनुमति मांगी गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पिछले चार माह से उनको विभाग की ओर से अनुमति नहीं मिल सकी। इसके लिए वे बार-बार पत्राचार कर रहे हैं।
इसी संदर्भ में 21 जनवरी को संबंधित विभाग को फिर से रिमाइंडर भेजा गया। बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ राहत कार्य के लिए स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल व स्टॉर्म वाटर लाइन के लिए 26 नवंबर 2024 को टेंडर जारी किया गया। 7 सितंबर 2025 तक ठेकेदार को यह कार्य पूरा करना होगा। इसके लिए 11 सितंबर 2024 को पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर सड़क तोड़ने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अभी तक अनुमति न मिलने से कार्य शुरू नहीं हो सका है। जलभरत तालाब से मेन पंपिंग स्टेशन, सैमाण चुंगी से मेन पंपिंग स्टेशन तक जाएगी लाइन : विभाग के जेई विकास राठी ने बताया कि शहर से बाढ़ को बचाने के लिए और जलभरत तालाब से लेकर काठ मंडी तक, काठ मंडी से लेकर न्यायालय तक व क्रांति चौक से नया बस स्टैंड चौक, दूसरी तरफ पुराना बाईपास सैमाण चुंगी से नए बस स्टैंड के पास बने मेन पंपिंग स्टेशन तक पाइप दबाए जाने हैं।
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नगरपालिका कार्यालय से लेकर पुराना बस स्टैंड, क्रांति चौक, नया बस स्टैंड चौक से होते हुए एमपीएस (मेन पंपिंग स्टेशन) तक 700 एमएम से 1200 एमएम तक की मोटाई वाले पाइप दबाए जाने हैं। जलभरत तालाब के पास इसके लिए पंपिंग स्टेशन बनाया जाना है। वहां पानी को पंप के द्वारा आगे भेजा जाएगा। इसके लिए सड़क किनारे पाइप दबाए जाएंगे।
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जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के एसडीओ सुरजीत मलिक ने बताया कि शहर को बाढ़ से बचाने के लिए योजना बनाई गई है। इसके लिए सड़क को तोड़कर पाइप दबाने का कार्य किया जाना है। इसके लिए पीडब्ल्यूडी से अनुमति मांगी गई है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि पिछले चार माह से उनको विभाग की ओर से अनुमति नहीं मिल सकी। इसके लिए वे बार-बार पत्राचार कर रहे हैं।
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इसी संदर्भ में 21 जनवरी को संबंधित विभाग को फिर से रिमाइंडर भेजा गया। बताया कि जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से बाढ़ राहत कार्य के लिए स्टॉर्म वाटर डिस्पोजल व स्टॉर्म वाटर लाइन के लिए 26 नवंबर 2024 को टेंडर जारी किया गया। 7 सितंबर 2025 तक ठेकेदार को यह कार्य पूरा करना होगा। इसके लिए 11 सितंबर 2024 को पीडब्ल्यूडी को पत्र भेजकर सड़क तोड़ने की अनुमति मांगी थी, लेकिन अभी तक अनुमति न मिलने से कार्य शुरू नहीं हो सका है। जलभरत तालाब से मेन पंपिंग स्टेशन, सैमाण चुंगी से मेन पंपिंग स्टेशन तक जाएगी लाइन : विभाग के जेई विकास राठी ने बताया कि शहर से बाढ़ को बचाने के लिए और जलभरत तालाब से लेकर काठ मंडी तक, काठ मंडी से लेकर न्यायालय तक व क्रांति चौक से नया बस स्टैंड चौक, दूसरी तरफ पुराना बाईपास सैमाण चुंगी से नए बस स्टैंड के पास बने मेन पंपिंग स्टेशन तक पाइप दबाए जाने हैं।
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नगरपालिका कार्यालय से लेकर पुराना बस स्टैंड, क्रांति चौक, नया बस स्टैंड चौक से होते हुए एमपीएस (मेन पंपिंग स्टेशन) तक 700 एमएम से 1200 एमएम तक की मोटाई वाले पाइप दबाए जाने हैं। जलभरत तालाब के पास इसके लिए पंपिंग स्टेशन बनाया जाना है। वहां पानी को पंप के द्वारा आगे भेजा जाएगा। इसके लिए सड़क किनारे पाइप दबाए जाएंगे।