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फार्मेसी के विद्यार्थियों ने सीओई कार्यालय में चार घंटे किया हंगामा
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pharmacy student protest in pgi campus
- फोटो : RohtakCity
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रोहतक। प्रदेश भर के फार्मेसी कॉलेजों से आए विद्यार्थियों ने मंगलवार पीजीआईएमएस के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय में लगातार चार घंटे हंगामा किया और कहा कि कोरोना संक्रमणकाल में उनके जीवन और करियर के साथ अधिकारी खिलवाड़ कर रहे हैं। संक्रमणकाल में पहला तो देरी से पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा ली गई, अभी प्रेक्टिकल होना है और छठे समेस्टर की परीक्षा तिथि जारी कर दी गई है। जबकि अन्य संस्थानों में विद्यार्थियों को बगैर परीक्षा दिए अगले सेमेस्टरों में प्रमोट कर दिया गया है। उनकी मांग है कि उनको भी अगले सेमेस्टर में प्रमोट किया जाए।
पलवल, सोनीपत, करनाल, यमुनानगर, लाडवा, रोहतक फार्मेसी कॉलेज के अलावा अन्य फार्मेसी कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को पीजीआईएमएस के प्रशासनिक भवन पर जमकर हंगामा किया। विद्यार्थियों ने कुलपति कार्यालय के बाहर परीक्षा नियंत्रक के विरोध में नारेबाजी की। मामला बिगड़ता देख अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सीओई से मिलने की अनुमति दी। यहां छात्र-छात्राओं का गुस्सा इतना था कि उन्हें निजी सुरक्षा गार्ड नहीं रोक पाए और सभी मिल कर सीओई के कक्ष में प्रवेश कर गए। यहां तकरीबन चार घंटे अधिकारियों के साथ बहस के बाद भी कोई हल नहीं निकला। हंगामा बढ़ता देख मौके पर पूर्व सीओई व डीन फार्मेसी को बुलाया गया। सबके समझाने के बाद भी विद्यार्थी अपनी मांग से टस से मस नहीं हुए। छात्रों ने बताया कि पहले तो सीओई कह रहे थे कि वह उनसे बात नहीं करेंगे, जो कहना है वह अपने प्रिंसिपल के माध्यम से कहलवाएं। इस पर उन्होंने कहा कि कैरियर तो उनका बर्बाद हो रहा है। अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं, बगैर पढ़ाई किए कौन पेपर दे सकता है। अधिकारी आंख बंद कर डेटशीट जारी कर रहे हैं। छात्राओं ने बताया कि पांचवें सेमेस्टर की थ्यौरी परीक्षा अभी समाप्त हुई है और प्रेक्टिकल होना है। प्रशासन ने छठे सेमेस्टर की डेटशीट जारी कर दी है।
करियर ने भूला दिया कोरोना, सोशल डिस्टेंसिंग भूले अधिकारी व विद्यार्थी
फॉर्मेसी कॉलेज के विद्यार्थियों के करियर ने उनको कोरोना संक्रमण के डर से दूर कर दिया। अधिकारी व विद्यार्थी भूल गए कि कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। कुछ ही समय पहले विभाग में अधिकारी व स्टाफ कोरोना संक्रमित हुए थे, इसके बावजूद यहां सोशल डिस्टेंसिंग का नामोनिशान नहीं था।
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बोले अधिकारी
विद्यार्थियों ने जो मांग की है उसे बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद वहां फैसला होगा कि क्या करना है। यह बैठक दो चार दिन में हो जाएगी।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस।
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पलवल, सोनीपत, करनाल, यमुनानगर, लाडवा, रोहतक फार्मेसी कॉलेज के अलावा अन्य फार्मेसी कॉलेजों से आए छात्र-छात्राओं ने मंगलवार को पीजीआईएमएस के प्रशासनिक भवन पर जमकर हंगामा किया। विद्यार्थियों ने कुलपति कार्यालय के बाहर परीक्षा नियंत्रक के विरोध में नारेबाजी की। मामला बिगड़ता देख अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सीओई से मिलने की अनुमति दी। यहां छात्र-छात्राओं का गुस्सा इतना था कि उन्हें निजी सुरक्षा गार्ड नहीं रोक पाए और सभी मिल कर सीओई के कक्ष में प्रवेश कर गए। यहां तकरीबन चार घंटे अधिकारियों के साथ बहस के बाद भी कोई हल नहीं निकला। हंगामा बढ़ता देख मौके पर पूर्व सीओई व डीन फार्मेसी को बुलाया गया। सबके समझाने के बाद भी विद्यार्थी अपनी मांग से टस से मस नहीं हुए। छात्रों ने बताया कि पहले तो सीओई कह रहे थे कि वह उनसे बात नहीं करेंगे, जो कहना है वह अपने प्रिंसिपल के माध्यम से कहलवाएं। इस पर उन्होंने कहा कि कैरियर तो उनका बर्बाद हो रहा है। अधिकारी अपनी मनमानी कर रहे हैं, बगैर पढ़ाई किए कौन पेपर दे सकता है। अधिकारी आंख बंद कर डेटशीट जारी कर रहे हैं। छात्राओं ने बताया कि पांचवें सेमेस्टर की थ्यौरी परीक्षा अभी समाप्त हुई है और प्रेक्टिकल होना है। प्रशासन ने छठे सेमेस्टर की डेटशीट जारी कर दी है।
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करियर ने भूला दिया कोरोना, सोशल डिस्टेंसिंग भूले अधिकारी व विद्यार्थी
फॉर्मेसी कॉलेज के विद्यार्थियों के करियर ने उनको कोरोना संक्रमण के डर से दूर कर दिया। अधिकारी व विद्यार्थी भूल गए कि कोरोना के चलते सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। कुछ ही समय पहले विभाग में अधिकारी व स्टाफ कोरोना संक्रमित हुए थे, इसके बावजूद यहां सोशल डिस्टेंसिंग का नामोनिशान नहीं था।
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बोले अधिकारी
विद्यार्थियों ने जो मांग की है उसे बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। इसके बाद वहां फैसला होगा कि क्या करना है। यह बैठक दो चार दिन में हो जाएगी।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, जनसंपर्क अधिकारी, पीजीआईएमएस।