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तीनों कृषि कानून के विरोध में जनवादी महिला समिति ने किया प्रदर्शन
रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 22 Nov 2020 01:14 AM IST
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People's Women's Committee protested against all three agricultural laws
- फोटो : RohtakCity
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अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति ने शनिवार को आंबेडकर चौक पर तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने, राशन वितरण प्रणाली मजबूत करने, महंगाई पर रोक लगाने व गरीबों के नाम बीपीएल सूची में दर्ज करने की आवाज उठाई। धरना स्थल पर हरियाणा की पहली महिला सांसद चंद्रावती व किसान सभा के प्रांतीय कोषाध्यक्ष धर्मबीर कंवारी की मृत्यु पर शोक प्रकट करने के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई। समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जगमति सांगवान ने कहा कि वैश्विक भूख सूचकांक के मुताबिक भारत 107 देशों में 94 वें स्थान पर है। संयुक्त राष्ट्र संघ के मुताबिक हर साल देश मे 10 लाख बच्चे कुपोषण की वजह से मारे जाते हैं। ऐसे में सब लोगों की खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार का कर्तव्य है। पिछले दिनों लाए गए तीनों कृषि कानून देश की खाद्य सुरक्षा को नष्ट करने वाले हैं। कृषक उपज व्यापार व वाणिज्य विधेयक 2020 के जरिये सरकार ने फसलों की सार्वजनिक खरीद भंडारण से पल्ला झाड़ दिया है। सरकारी खरीद में भंडारण होने की वजह से सार्वजनिक राशन वितरण प्रणाली पूरी तरह से नष्ट हो जाएगी। कृषक कीमत आश्वासन और कृषि सेवा पर करार विधेयक 2020 के जरिये खाद्यान्नों के मामले में देश की आत्मनिर्भरता खत्म हो जाएगी। हम देखते हैं कि जब से आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन हुआ है प्याज, टमाटर, आलू के दाम बेतहाशा बढ़ गए हैं। जमाखोरी और कालाबाजारी को खुली छूट मिल गई है पहले ही कोरोना महामारी से 10 करोड़ से ज्यादा लोगों का रोजगार छूट गया है। हर रोज कमाने वाले लोगों की स्थिति खराब हुई है। बीपीएल व टोकन के माध्यम से लोगों को राशन मिलना शुरू हुआ था। वह भी जल्दी ही बंद कर दिया गया। प्रवासी मजदूरों व गरीब लोगों को राशन उपलब्ध नहीं हो रहा है। सभी को खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित हो इसके लिए धरना देने पर मजबूर होना पड़ रहा है। सरकार को हमारी मांगों पर गौर करना चाहिए। इस संबंध में के माध्यम से प्रधानमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इसमें छह मांगें रखी गई। धरने के माध्यम से श्रम कानूनों को खत्म करने के खिलाफ होने वाली राष्ट्रव्यापी हड़ताल एवं 250 किसान संगठनों के संयुक्त आह्वान पर खेती व किसान विरोधी तीनों काले कानूनों के खिलाफ दिल्ली चलो के आह्वान का खुला समर्थन किया गया। धरने को सीटू नेता एवं माकपा राज्य सचिव सुरेंद्र सिंह, किसान सभा के प्रांतीय उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह, रिटायर्ड कर्मचारी संघ के प्रांतीय नेता रामकिशन, छात्र नेता प्रवीण कुमार एवं प्रशांत ने भी अपना समर्थन दिया। अध्यक्षता शीला देवी ने की। संचालन राजकुमारी दहिया ने किया। इस मौके पर अनीता मलिक, होशियारी देवी, पूजा राठी, मुनमुन, सुमेरा, गायत्री देवी, मीनाक्षी, सीमा, अखिलेश, गीता, दर्शना, दीपमाला, भतेरी प्रमुख तौर पर शामिल रही।
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