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पार्किंग : नगर निगम को नहीं मिल रहे ठेकेदार, पुराने टेंडर रद्द कर नए सिरे से लगाए

Tue, 10 Aug 2021 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 10 Aug 2021 12:45 AM IST
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Parking: Municipal corporation is not getting contractors, cancel the old tender and put it anew
शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पटरी पर नहीं आ रही है। क्योंकि निगम को दो स्थायी पार्किंग व तीन अस्थायी पार्किंग के लिए ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। इसके लिए निगम ने सोमवार को पुराने टेंडर रद्द कर दिए हैं। अब नए सिरे से टेंडर जारी कर 19 अगस्त तक आवेदन मांगे गए हैं। हालांकि नियमों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ठेकेदारों का कहना है कि एक तरफ भारी भरकम किराया तय किया गया है, दूसरी तरफ सड़क पर खड़े वाहनों को हटाया नहीं जा रहा। ऐसे में पार्किंग संचालन का ठेका घाटे का सौदा साबित होगा, इसलिए वे हाथ नहीं डाल रहे।
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वर्ष 2010 में प्रदेश सरकार ने नगर परिषद को भंग करके नगर निगम का दर्जा दिया था। साथ ही आसपास के 9 गांवों को भी शहर की सीमा में शामिल किया गया। एक दशक में निगम की जनसंख्या भी पौने चार लाख से बढ़कर 6 लाख के करीब पहुंच गई है। ऐसे में वाहन भी दोगुने हो गए हैं, लेकिन शहर में पार्किंग स्थल उस गति से नहीं बढ़े हैं। यहीं कारण है कि शहर में एलिवेटेड रोड बनने के बावजूद जगह-जगह जाम की स्थिति बनी रहती है। खासकर सोमवार के दिन ज्यादा भीड़ रहती है। नगर निगम की तरफ से भिवानी स्टैंड स्थित महाराजा अग्रसेन पार्किंग व किला रोड स्थित शहीद भगत सिंह पार्किंग के साथ-साथ अशोका चौक, सोनीपत स्टैंड व मेडिकल मोड़ पर अस्थायी पार्किंग चालू करने के लिए 5 अगस्त तक आवेदन मांगे गए थे, लेकिन एक भी आवेदन नहीं आया। इसके बाद एक सप्ताह समय सीमा बढ़ाई गई, लेकिन 9 अगस्त तक जब कोई भी आगे नहीं आया तो पुराने टेंडर रद्द कर नए सिरे से लगाया गया है।
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आवेदन न आने के कारण
- निगम सड़क पर से केवल चार पहिया वाहन उठाता है, दोपहिया वाहनों को क्रेन से उठाने की अनुमति नहीं।
- नो पार्किंग जोन के पुलिस नाममात्र के चालान काटती है, जिससे लोग सड़क किनारे आराम से दोपहिया वाहन खड़े करते हैं।
- किला रोड स्थित पार्किंग व्यापारियों के लिए बनाई गई थी, लेकिन व्यापारी आपसी खींचतान के चलते पार्किंग की बजाय सड़क के बीचोंबीच दोपहिया वाहन खड़ा करते है। इसके चलते पार्किंग दो बार फेल हो चुकी है।
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- अशोका चौक, सोनीपत स्टैंड व मेडिकल मोड़ की पार्किंग के लिए सुरक्षा राशि 5 लाख रुपये व किराया प्रति माह 50 हजार रुपये तय किया गया है। जबकि दो साल पहले किराया 50 प्रतिशत कम था।
स्थायी व अस्थायी पार्किंग को जल्द चालू किया जाए
निगम के अधिकारियों को कई बार बोल चुके हैं कि स्थायी व अस्थायी पार्किंग को जल्दी चालू किया जाए, ताकि आम लोगों को जाम से राहत मिले और सड़कों के किनारे से भीड़ खत्म हो जाए। निगम के अधिकारी अपने स्तर पर सिक्योरिटी राशि व फीस तय करते हैं।
- मनमोहन गोयल, मेयर, नगर निगम
ठेके पर पार्किंग लेना घाटे का सौदा
निगम की तरफ से पार्किंग ठेके पर देने के लिए भारी भरकम फीस तय की गई है। ऐसे में ठेके पर पार्किंग लेना घाटे का सौदा साबित होगा। इसलिए कोई आगे नहीं आ रहा है।

- अजय कुमार, पूर्व ठेकेदार नगर निगम
नए सिरे से किए गए पांचों पार्किंग के टेंडर
एक प्रक्रिया के तहत पार्किंग की सिक्योरिटी राशि व फीस तय की गई है। पुराने टेंडर रद्द कर दिए गए हैं। सोमवार को नए सिरे से पांचों पार्किंग के टेंडर किए गए, जिसकी अंतिम तिथि 19 अगस्त है। नियमों के बारे में मैं अपनी तरफ से कोई टिप्पणी नहीं कर सकता हूं।
- सुरेंद्र गोयल, एलओ, नगर निगम
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