फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   Opposition to making labor laws ineffective by introducing labor code

Rohtak News: लेबर कोड लाकर श्रम कानून निष्क्रिय बनाने का विरोध

Sun, 17 May 2026 08:58 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 17 May 2026 08:58 PM IST
विज्ञापन
Opposition to making labor laws ineffective by introducing labor code
माई सिटी रिपोर्टर
विज्ञापन

रोहतक। केंद्रीय ट्रेड यूनियन एआईयूटीयूसी की राज्यस्तरीय बैठक रविवार को सिटी पार्क में हुई। इसमें केंद्र व राज्य सरकार की निंदा करते हुए चार लेबर कोड लाने व श्रम कानून को निष्क्रिय बनाने का विरोध किया गया। 25 अक्तूबर को रोहतक में महापंचयत करने का फैसला लिया गया।
राज्य सचिव हरि प्रकाश ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार मजदूर विरोधी हैं। श्रमिकों के विरुद्ध देश व विदेश के पूंजीपतियों के हित में लेबर कोड लागू किया गया है। स्कीम वर्कर को सरकारी कर्मचारी का दर्जा तो देना दूर रहा उन्हें मजदूर तक मानने के लिए तैयार नहीं है।
विज्ञापन

इन्हें सरकार की ओर से घोषित न्यूनतम वेतन दिया जा रहा है। मनरेगा, भवन निर्माण के मजदूर भ्रष्टाचार के चलते मारे मारे फिर रहे हैं। सफाई कर्मचारी लंबे संघर्षों के बाद खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। उनकी आवाज नहीं सुनी जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सत्यवान ने कहा कि सरकार बड़े पूंजीपतियों पर खजाना लुटा रही है। आम कर्मचारी, मजदूर, किसान को देने के लिए उसके पास सिर्फ महंगाई है। रोजगार लगातार घटाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि 25 अक्टूबर को हरियाणा के मजदूर, किसान, कर्मचारी, स्कीम वर्कर, छात्र नौजवान, महिलाएं सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ प्रदेश में महापंचायत करेंगे। यह महापंचायत रोहतक में होगी। यूनियन के राज्य अध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने इसकी अध्यक्षता की।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed