फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Rohtak News ›   OPD of children in civil hospital crossed 270

Rohtak News: निमोनिया में बच्चों की ओपीडी पहुंची 270 के पार

Fri, 22 Dec 2023 11:29 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक Updated Fri, 22 Dec 2023 11:29 PM IST
विज्ञापन
OPD of children in civil hospital crossed 270
रोहतक। बढ़ती ठंड के कारण सिविल अस्पताल में सिर्फ बच्चों की ओपीडी (आउट पेशेंट डिपार्टमेंट) 270 के पार चली गई है। ऐसे मौसम में बच्चों को निमोनिया का खतरा बना रहता है। दरअसल, मौसम में दिन में गर्मी है तो रात में ठंड पड़ रही है। नागरिक अस्पताल की ओपीडी में औसतन हजार मरीज स्वास्थ्य जांच कराने रोज आते हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या मौसमी बीमारियों से पीड़ितों की है। यहीं हाल पीजीआईएमएस का भी है। पीजीआईएमएस में रोजाना करीब 450 से 500 बच्चों की ओपीडी की लग रही है, इनमें वायरल मरीजों की संख्या ज्यादा है।
विज्ञापन

डॉक्टरों का कहना है कि बच्चे और बुजुर्गाें की इम्यूनिटी कम होती है। इस मौसम में लोगों को खानपान के साथ कपड़े पहनने में लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। एक सप्ताह से मरीजों की संख्या तो नहीं बढ़ी है लेकिन वायरल मरीजों की संख्या 170 पहुंच गई है।
विज्ञापन

---खांसी और सांस की परेशानी ज्यादा
फिजीशियन डॉ. कुलप्रतिभा ने कहा कि इस मौसम में वायरल बुखार का खतरा बढ़ गया है। इसमें मरीज को पहले बुखार होता है, फिर खांसी और सांस की परेशानी होने लगती है। फेफड़ों की नली में सूजन आ जाती है, जिससे सांस लेने में परेशानी होती है। बदलते मौसम में बच्चों का खास ख्याल रखने की जरूरत है। इस मौसम में वायरल इंफेक्शन का खतरा अधिक होता है। बच्चों में वायरल फीवर, निमोनिया, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि की शिकायत होती है।
विज्ञापन
विज्ञापन



यह हैं निमोनिया के लक्षण
-थूक वाली खांसी।
-सीने में दर्द।
-ठंड लगना।

-बुखार।

-सांस लेने में परेशानी होना।


बीमारी से बचने के उपाय।
-बच्चों को सुबह-शाम पूरे बाजू के ऊनी कपड़े पहनाएं।
-ठंडी चीज खाने के लिए न दें। गर्म दूध में अदरक मिलाकर पीएं।
वर्जन

इन दिनों ज्यादातर मरीज सर्दी, जुकाम, खांसी के आ रहे हैं। निमोनिया के मरीजों के लिए भाप लेने के उपकरण हैं। रोग से बचाव संबंधित सभी दवाइयां अस्पताल में मौजूद हैं। ठंड से बचने के लिए मरीज घरेलू नुस्खे से बचाव किया जा सकता है, जैसे काढ़ा पीएं, ठंडी चीजों से परहेज आदि। इसके बाद भी अगर कफ, सर्दी-खांसी है तो चिकित्सक की परामर्श लें।
-डॉ. पुष्पेंद्र, एसएमओ, नागरिक अस्पताल
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed