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Rohtak News: अधिकारी-पार्षदों ने जाना कूड़ा निस्तारण से ऊर्जा उत्पादन का तरीका
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24 सोनीपत में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का निरीक्षण करने पहुंची रोहतक नगर निगम टीम। स्रोत: नगर निग
- फोटो : कथा सुनाते प्रवाचक मनोज शुक्ल।
रोहतक। नगर निगम अधिकारियों व पार्षदों ने कूड़ा निस्तारण से ऊर्जा उत्पादन का तरीका जाना। इसके लिए नगर निगम टीम ने सोनीपत वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का निरीक्षण किया। अधिकारियों का कहना है कि इससे स्वच्छ सर्वेक्षण के कार्य को बल मिलेगा। नगर निगम, पालिकाओं की टीम एवं वार्ड सदस्यों ने वीरवार को सोनीपत स्थित वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का निरीक्षण किया।
नगर निगम मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने बताया कि इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों, कचरे से ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया व पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना रहा।
इस दौरान प्लांट में एकत्रित किए गए ठोस अपशिष्ट को वैज्ञानिक पद्धति से प्रोसेस कर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की गई।
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प्लांट में स्थापित आधुनिक मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय, अवशिष्ट कचरे के सुरक्षित निस्तारण और स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने से संबंधित मानकों को भी नगर निगम की टीम द्वारा बारीकी से देखा गया।
नगर निगम सोनीपत के संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़ ने प्लांट के तकनीकी विशेषज्ञों से कचरा पृथक्करण, प्रोसेसिंग क्षमता, ऊर्जा उत्पादन, लागत व संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। कूड़ा प्रबंधन जैसी परियोजनाएं स्वच्छ भारत मिशन एवं स्वच्छ सर्वेक्षण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी।
नगर निगम आयुक्त डाॅ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि कूड़ा निस्तारण नगर निगम रोहतक भी कर रहा लेकिन वेस्ट टू एनर्जी एक भिन्न तकनीक है जिसको भविष्य में अपनाया जा सकता है।
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सोनीपत में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का निरीक्षण करना अच्छा अनुभव रहा है। घरों से ही अलग अलग कूड़ा निकलेगा तो उसका निस्तारण करना आसान होगा और उससे खाद व एनर्जी बन सकती है। -कंचन खुराना, पार्षद, वार्ड-14
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सोनीपत में निरीक्षण के दौरान वेस्ट टू एनर्जी तकनीक को जाना व समझा। वहां कचरे के ढेर नहीं लगते हैं। कचरे का निस्तारण कर एनर्जी बनती रहती है। पार्षदों के लिए यह अच्छा अनुभव रहा। -सुरेश चंद्र, पार्षद, वार्ड-5
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नगर निगम मेयर रामअवतार वाल्मीकि ने बताया कि इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ठोस कचरा प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों, कचरे से ऊर्जा उत्पादन की प्रक्रिया व पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं को प्रत्यक्ष रूप से समझना रहा।
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इस दौरान प्लांट में एकत्रित किए गए ठोस अपशिष्ट को वैज्ञानिक पद्धति से प्रोसेस कर विद्युत ऊर्जा में परिवर्तित करने की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की गई।
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प्लांट में स्थापित आधुनिक मशीनरी, प्रदूषण नियंत्रण के प्रभावी उपाय, अवशिष्ट कचरे के सुरक्षित निस्तारण और स्वच्छ एवं स्वस्थ पर्यावरण बनाए रखने से संबंधित मानकों को भी नगर निगम की टीम द्वारा बारीकी से देखा गया।
नगर निगम सोनीपत के संयुक्त आयुक्त मीतू धनखड़ ने प्लांट के तकनीकी विशेषज्ञों से कचरा पृथक्करण, प्रोसेसिंग क्षमता, ऊर्जा उत्पादन, लागत व संचालन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां साझा की। कूड़ा प्रबंधन जैसी परियोजनाएं स्वच्छ भारत मिशन एवं स्वच्छ सर्वेक्षण के लक्ष्यों को प्राप्त करने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगी।
नगर निगम आयुक्त डाॅ. आनंद कुमार शर्मा ने बताया कि कूड़ा निस्तारण नगर निगम रोहतक भी कर रहा लेकिन वेस्ट टू एनर्जी एक भिन्न तकनीक है जिसको भविष्य में अपनाया जा सकता है।
सोनीपत में वेस्ट टू एनर्जी प्लांट का निरीक्षण करना अच्छा अनुभव रहा है। घरों से ही अलग अलग कूड़ा निकलेगा तो उसका निस्तारण करना आसान होगा और उससे खाद व एनर्जी बन सकती है। -कंचन खुराना, पार्षद, वार्ड-14
सोनीपत में निरीक्षण के दौरान वेस्ट टू एनर्जी तकनीक को जाना व समझा। वहां कचरे के ढेर नहीं लगते हैं। कचरे का निस्तारण कर एनर्जी बनती रहती है। पार्षदों के लिए यह अच्छा अनुभव रहा। -सुरेश चंद्र, पार्षद, वार्ड-5