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Rohtak News: बंद मिला नप दफ्तर, बिना टैक्स जमा कराए लौटे
Mon, 01 Apr 2024 02:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
संवाद न्यूज एजेंसी, रोहतक
Updated Mon, 01 Apr 2024 02:29 AM IST
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झज्जर। स्थानीय शहरी निकाय निदेशालय ने प्रॉपर्टी टैक्स पर 31 मार्च तक छूट दी हुई है। शनिवार और रविवार को प्रदेश के अधिकतर नगर निगम, नगर परिषद व पालिकाओं ने अपने कार्यालय खोले ताकि लोग छूट का फायदा उठा सके, लेकिन झज्जर का नगर परिषद कार्यालय बंद रहा। यहां सुबह कुछ लोग टैक्स पर छूट का लाभ लेने के लिए पहुंचे, लेकिन नगर परिषद कार्यालय बंद देख बिना टैक्स जमा कराए ही लौट गए।
नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी केके यादव ने खुद बातचीत में कहा था कि शनिवार और रविवार को नगर परिषद के कार्यालय आम जनता के लिए खोले जाएंगे ताकि लोग प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा सके, लेकिन शनिवार को ऐसा कुछ नहीं हुआ। यहां तक की कर्मचारियों के पास भी कार्यकारी अधिकारी के कोई आदेश नहीं थे। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि उनके पास कोई आदेश नहीं आए। इस कारण कार्यालय नहीं खोला गया और न ही प्रॉपर्टी टैक्स का काम किया गया। यदि नगर परिषद कार्यालय खुलता तो कुछ न कुछ टैक्स अवश्य जमा होता, क्योंकि अकेले शुक्रवार को ही 12 लाख से ज्यादा का प्रॉपर्टी टैक्स और विकास शुल्क लोगों ने जमा करवाया था।
वर्जन
शनिवार व रविवार को नप कार्यालय खुलने थे ताकि लोग टैक्स जमा करवा सके। यदि कार्यालय नहीं खोले गए हैं तो वह उसकी जानकारी लेंगे कि आखिर क्यों नहीं खोले गए।
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केके यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, झज्जर
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नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी केके यादव ने खुद बातचीत में कहा था कि शनिवार और रविवार को नगर परिषद के कार्यालय आम जनता के लिए खोले जाएंगे ताकि लोग प्रॉपर्टी टैक्स जमा करवा सके, लेकिन शनिवार को ऐसा कुछ नहीं हुआ। यहां तक की कर्मचारियों के पास भी कार्यकारी अधिकारी के कोई आदेश नहीं थे। कुछ कर्मचारियों ने बताया कि उनके पास कोई आदेश नहीं आए। इस कारण कार्यालय नहीं खोला गया और न ही प्रॉपर्टी टैक्स का काम किया गया। यदि नगर परिषद कार्यालय खुलता तो कुछ न कुछ टैक्स अवश्य जमा होता, क्योंकि अकेले शुक्रवार को ही 12 लाख से ज्यादा का प्रॉपर्टी टैक्स और विकास शुल्क लोगों ने जमा करवाया था।
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शनिवार व रविवार को नप कार्यालय खुलने थे ताकि लोग टैक्स जमा करवा सके। यदि कार्यालय नहीं खोले गए हैं तो वह उसकी जानकारी लेंगे कि आखिर क्यों नहीं खोले गए।
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केके यादव, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद, झज्जर